जिस वक्त चीन-अमेरिका, साउथ कोरिया और जापान की आईटी कंपनियां नए-नए मॉडल्स ला रही थीं. नए नए प्रयोग सामने आ रहे थे, तो लगा था कि भारत का आईटी सेक्टर तबाह हो जाएगा. भारतीय कंपनियां भी उसी राह पर चलने को मजबूर हो रही थीं. लेकिन अब जैसे-जैसै एआई का बबल फूट रहा है, भारतीय कंपनियों की चांदी हो रही है. दुनिया की सारी एआई कंपनियों के शेयरों में इन दिनों भारी बिकवाली देखी जा रही है, लेकिन सोमवार को भारतीय बाजार में IT और टेक्नोलॉजी शेयरों की आंधी चली. सरकारी टेलीकॉम कंपनी ITI का शेयर इंट्राडे कारोबार में करीब 18.8% उछलकर 256.50 तक पहुंच गया. वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Dixon Technologies का शेयर करीब 12.5% चढ़कर 12,380 तक पहुंच गया. कई शेयरों में तो अपर सर्किट लगता दिखा.
दिलचस्प बात यह है कि जिस समय भारतीय बाजार में इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी हो रही थी, उस समय दुनिया के बड़े टेक्नोलॉजी बाजारों में AI कंपनियों को लेकर चिंता बढ़ रही थी. अमेरिका में नैस्डैक 100 शुक्रवार को 3.5% टूट गया था. वहीं, फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 7.2% की भारी गिरावट आई. जून के बाद नैस्डैक 100 के लिए यह सबसे खराब कारोबारी सत्र था. सोमवार को एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली.
ITI का शेयर 18.8% उछला
ITI के शेयर में सोमवार सुबह से ही खरीदारी का रुख रहा. शेयर पिछले कारोबारी सत्र में ₹215.95 पर बंद हुआ था. सोमवार को यह ₹216.25 पर खुला और कारोबार आगे बढ़ने के साथ ₹256.50 तक पहुंच गया. पिछले बंद भाव के मुकाबले यह करीब 18.8% की तेजी है. शेयर के लिए ₹259.14 का अपर सर्किट स्तर बताया गया. कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹24,462 करोड़ है.
ITI टेलीकॉम उपकरणों के निर्माण, ट्रेडिंग और सेवाओं से जुड़ी सरकारी कंपनी है. इसका कारोबार दूरसंचार नेटवर्क, सरकारी परियोजनाओं और रक्षा क्षेत्र से जुड़े कामों तक फैला हुआ है. कंपनी को जुलाई 2026 में BSNL से 4G विस्तार के फेज IX के लिए ₹856.39 करोड़ का ऑर्डर मिला था. इसके अलावा अगस्त में कंपनी ने Airtel Business के साथ डिजिटल समाधान से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग की जानकारी दी थी.
कंपनी के लिए ये ऑर्डर कारोबार बढ़ाने के अवसर हैं. हालांकि, निवेशकों को यह भी देखना होगा कि कंपनी इन परियोजनाओं को कितनी कुशलता से पूरा करती है और इनसे वास्तविक मुनाफा कितना कमाती है. किसी बड़े ऑर्डर का मिलना अपने आप में मुनाफे की गारंटी नहीं होता.
Dixon Technologies में 12.5% की तेजी
Dixon Technologies के शेयरों में भी सोमवार को जोरदार खरीदारी रही. शेयर पिछले बंद भाव ₹11,000 के मुकाबले ₹11,080 पर खुला और कारोबार के दौरान ₹12,380 तक पहुंच गया. इस तरह इसमें करीब 12.5% की तेजी दर्ज की गई. कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹75,478 करोड़ है.
Dixon की तेजी को समझने के लिए सितंबर तिमाही के नतीजों पर नजर डालना जरूरी है. कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 46.7% बढ़कर ₹21,794 करोड़ पहुंच गया. यानी कंपनी की बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई. हालांकि, इस दौरान कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 48.7% घटकर ₹343.7 करोड़ रह गया.
कंपनी का EBITDA 6.4% बढ़कर ₹597 करोड़ रहा, लेकिन EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 3.8% से घटकर 2.7% पर आ गया. मार्जिन में गिरावट का मतलब है कि कंपनी को हर ₹100 की बिक्री पर पहले के मुकाबले कम ऑपरेटिंग कमाई हो रही है. ऐसे में शेयर में आई तेजी के बावजूद कंपनी की लागत और मुनाफे की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है.
अमेरिका में AI कंपनियों के शेयरों में क्यों मची बिकवाली?
भारतीय शेयरों में तेजी के बीच अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में गिरावट की बड़ी वजह AI पर बढ़ता खर्च और उससे होने वाली कमाई को लेकर चिंता है. बड़ी टेक कंपनियां AI मॉडल, डेटा सेंटर, चिप और कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करने के लिए भारी निवेश कर रही हैं. लेकिन निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या इस खर्च से कंपनियों को उतनी कमाई हो पाएगी, जितनी उम्मीद की जा रही है?
पिछले सप्ताह Alphabet और Amazon के नतीजों के बाद भी निवेशकों ने AI पर बढ़ते खर्च को लेकर सवाल उठाए. बाजार की चिंता यह भी है कि कंपनियों का पारंपरिक कारोबार जिस रफ्तार से बढ़ना चाहिए, उस रफ्तार से नहीं बढ़ रहा, जबकि AI पर निवेश लगातार बढ़ता जा रहा है.
इसी चिंता के कारण शुक्रवार को नैस्डैक 100 में 3.5% और फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 7.2% की गिरावट आई. सोमवार को जापान का निक्केई 225 करीब 0.39% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.06% गिरकर खुला. इससे साफ है कि AI और टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेश को लेकर दुनिया भर के बाजारों में सतर्कता बढ़ रही है.
क्या अमेरिकी AI शेयरों की गिरावट से भारत को फायदा?
अमेरिका और चीन की टेक कंपनियों में बिकवाली के बीच भारतीय कंपनियों में खरीदारी को निवेशकों की बदलती रणनीति के नजरिये से भी देखा जा रहा है. भारतीय IT और टेक्नोलॉजी कंपनियों का कारोबार केवल AI मॉडल बनाने तक सीमित नहीं है. इनमें टेलीकॉम उपकरण निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सॉफ्टवेयर सेवाएं और डिजिटल समाधान जैसे क्षेत्र शामिल हैं. ऐसे में निवेशक उन कंपनियों में अवसर तलाश सकते हैं जिनके पास पहले से कारोबार, ग्राहक और ऑर्डर मौजूद हैं.
ITI के लिए सरकारी टेलीकॉम ऑर्डर और Dixon के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार अहम हो सकता है. हालांकि, यह कहना जल्दबाजी होगी कि अमेरिकी AI शेयरों में गिरावट के कारण ही भारतीय कंपनियों के शेयर चढ़े हैं. इन शेयरों में तेजी के पीछे कंपनी के ऑर्डर, तिमाही नतीजे, बाजार में खरीदारी और शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग जैसे कई कारण हो सकते हैं.