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Kedartal Tracker Rescue Operation: केदारताल में फंसे 8 लोगों का अबतक पता नहीं चल पाया है. 30 अक्टूबर से इन लोगों को सुरक्षित तरीके से निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. केदारताल ट्रैक पर लापता 8 लोगों की तलाश के लिए सोमवार सुबह से ही रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया गया है.
केदारताल में फंसे कई ट्रैकर्स.
उत्तरकाशीः उत्तरकाशी के केदारताल ट्रैक पर लापता 7 ट्रैकर और 1 स्थानीय गाइड का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है. लापता लोगों की तलाश में जिला प्रशासन, SDRF और NIM की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं. केदारताल क्षेत्र में भारी बर्फबारी और खराब परिस्थितियों के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं. सोमवार सुबह एक बार फिर हेलीकॉप्टर के जरिए हवाई रेकी और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया. वहीं, लापता स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा के परिजन प्रशासन से जल्द रेस्क्यू की गुहार लगा रहे हैं. परिजनों ने स्थानीय एजेंसी पर समय रहते प्रशासन को सूचना नहीं देने का आरोप भी लगाया है.
कहां के रहने वाले हैं लापता ट्रेकर्स
केदारताल ट्रैक पर लापता 8 लोगों की तलाश के लिए सोमवार सुबह से ही रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया गया है. सोमवार सुबह करीब 7 बजकर 35 मिनट पर देहरादून से हेलीकॉप्टर आर्मी हेलीपैड हर्षिल पहुंचा. इसके बाद सुबह 8 बजकर 35 मिनट पर हेलीकॉप्टर के जरिए NIM के 2 और SDRF के 6 सदस्यों सहित कुल 8 रेस्क्यू कर्मियों को केदारताल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया. लापता लोगों में पश्चिम बंगाल के 5 ट्रैकर, उत्तर प्रदेश के 2 ट्रैकर और उत्तरकाशी के स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा शामिल हैं. सभी 27 अक्टूबर को गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान रास्ते में हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद सभी लापता हो गए.
अचानक से खराब हुआ मौसम
गंगोत्री हिमालय के दुर्गम केदारताल ट्रैक पर गया 12 सदस्यीय दल अचानक मौसम बदलने से दो हिस्सों में बंट गया. हालांकि वक्त रहते बचाव दलों ने कच्ची ढांग के पास फंसे चार सपोर्टिंग स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. लेकिन भोजखड़क से आगे बढ़ चुके सात पर्यटक और एक गाइड से भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के चलते टूट गया. जबकि बचाव दल और पर्यटकों के बीच महज कुछ किलोमीटर की दूरी थी. लेकिन अब उन 8 लोगों को सुरक्षित तरीके से निकालना एक चुनौतीपूर्ण काम हो गया है. बीते गुरुवार को उच्च हिमालयी क्षेत्र में अचानक मौसम बिगड़ गया और भारी बर्फबारी व ग्लेशियर आने से ट्रैक पूरी तरह बंद हो गया.
कबसे शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
30 अक्तूबर को ट्रैकिंग एजेंसी के जरिए फोन पर संपर्क होने पर ट्रेकर्स ने कच्ची ढांग के पास सुरक्षित होने की जानकारी दी और तत्काल रेस्क्यू के लिए मदद मांगी. इसके तुरंत बाद एजेंसी ने पोर्टर और गाइड की एक टीम भेजी, जिसने कड़ी मशक्कत कर करीब 6 किलोमीटर तक बर्फ हटाकर रास्ता खोलने का प्रयास किया. शनिवार की सुबह 6 बजे 10 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम उत्तरकाशी से गंगोत्री के लिए रवाना हुई. इसके साथ ही एसडीआरएफ के 6 जवान, वन विभाग के दो सदस्य और ट्रैकिंग एजेंसी के सात सदस्य भी रेस्क्यू अभियान में जुट गए.
15000 फीट की ऊंचाई पर लापता हुए लोग
केदारताल क्षेत्र में लापता सात ट्रेकर्स और एक गाइड की तलाश में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ का खोज एवं बचाव अभियान रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. करीब 15 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित इस दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के चलते बचाव दलों को बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है. रविवार को मौसम में आंशिक सुधार होते ही हेलिकॉप्टर के जरिए केदारताल और भोजखड़क क्षेत्र की दो बार हवाई रेकी की गई. बर्फ से ढके इलाके में लापता ट्रेकर्स या उनके टेंट का कोई साफ संकेत नहीं मिला.