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हिमाचल प्रदेश के ऊना में त्योहारी सीजन के चलते पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने पंजाब से आ रहा डेढ़ क्विंटल पनीर पकड़ा है. विभाग ने पनीर के सैंपल लेकर कंडाघाट प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए हैं. रि
ऊना. हिमाचल प्रदेश में त्योहारी सीजन में बाजारों में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावटखोरों की सक्रियता बढ़ जाती है. ऊना में अब पुलिस और खाद्य आपूर्ति विभाग ने सप्लाई के लिए आ रहा डेढ़ क्विंटल पनीर पकड़ा और सैंपर भरे.
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ऊना जिले के बहडाला में पंजाब से सप्लाई के लिए लाया करीब डेढ़ क्विंटल पनीर जा रहा था. कार्रवाई की सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई और पनीर के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की. अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर इस मामले में आगामी कार्रवाई निर्भर करेगी.
खाद्य सुरक्षा अधिकारी साक्षी शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं. विभागीय टीम ने पनीर की जांच करते हुए उसके सैंपल भरे. अब इन सैंपलों को जांच के लिए कंडाघाट स्थित प्रयोगशाला में भेजा जाएगा. रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
खाद्य सुरक्षा अधिकारी साक्षी शर्मा ने बताया कि फेस्टिवल सीजन के दौरान अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में कई बार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता किया जाता है, जिससे लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. इसी को देखते हुए प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और जांच अभियान तेज किया गया है. उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से गाड़ी पकड़े जाने के बाद उन्हें सूचित किया गया था, जिसके चलते टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पनीर की सैंपलिंग की कार्रवाई पूरी की.
जाब से पनीर की सप्लाई लेकर आ रहे कारोबारी दर्शन दीप ने कहा कि वह विभाग की पूरी प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं. उन्हें विश्वास है कि उनके खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि जांच रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी वह स्वयं लेने के लिए तैयार हैं. अब सभी की नजरें प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर टिकी हैं.
मुनाफे का सौदा
त्योहारों और दिवाली के आसपास अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में कुछ कारोबारी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता कर लोगों की सेहत को खतरे में डाल सकते हैं. ऐसे में बाहरी राज्यों से हिमाचल प्रदेश में सप्लाई होने वाले खाद्य पदार्थों पर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है. विशेषकर पंजाब से आने वाले दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर जांच अभियान चलाया जा रहा है.