शिमला. दिल्ली में कांग्रेस की महारैली के जवाब में हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ रैली की. इसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शिरकत की. सीएम ने शिमला में भाजपा की पदयात्रा और जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने राहुल गांधी से 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए देश से माफी मांगने की मांग की.
हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहते हैं कि राहुल गांधी कभी राम मंदिर नहीं गए और उन्हें हिंदुओं का वोट चाहिए. बाबर के साथ उनका इलू-इलू चल रहा है. मतलब बाबर से आपका प्यार है.
साथ ही आरोप लगाया कि कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया का विरोध कर रही है और घुसपैठियों को संरक्षण देना चाहती है. सरमा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “ये डुप्लीकेट गांधी हैं” और दावा किया कि कांग्रेस की राजनीति देश में अस्थिरता पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
भाजपा की इस जनसभा में हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास, चुनाव प्रक्रिया, राम मंदिर और हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार को लेकर भी कई सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस के आरोपों का जवाब जनता के बीच देगी और आगामी विधानसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश में पार्टी की सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जुटना होगा.
1984 के सिख विरोधी दंगों पर राहुल गांधी से मांगी माफी
हिमंता बिस्वा सरमा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नवंबर का महीना देश को उस दर्दनाक घटना की याद दिलाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस नेताओं की भूमिका में सिख समुदाय के लोगों की हत्याएं हुईं. सरमा ने दिल्ली में करीब 3,000 सिखों की हत्या का जिक्र करते हुए राहुल गांधी से इस मामले में माफी मांगने की मांग की.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मौजूद रहेंगे, इसलिए उन्हें सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए. सरमा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह वर्तमान राजनीतिक मुद्दों पर सवाल उठाने से पहले अपने इतिहास का जवाब देने से बचती है.
SIR के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर जिस तरह विरोध कर रहे हैं, उससे कई सवाल उठते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की लड़ाई मतदाता सूची को दुरुस्त करने के बजाय अपने राजनीतिक हितों को बचाने की है.
सरमा ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि यदि मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी नहीं है, तो मृत मतदाताओं, डुप्लीकेट नामों और गलत पते से जुड़े मामलों की जांच का विरोध क्यों किया जा रहा है. उन्होंने कांग्रेस पर घुसपैठियों को बसाने और उन्हें संरक्षण देने के लिए राजनीति करने का आरोप लगाया.
‘राहुल गांधी को बांग्लादेश भेज दूंगा’, कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
अपने संबोधन के दौरान हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि वह उन्हें बांग्लादेश भेज देंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में ऐसी परिस्थितियां पैदा करना चाहती है, जिससे भारत की स्थिति नेपाल और बांग्लादेश जैसी हो जाए. सरमा ने कहा कि भाजपा ऐसा किसी भी सूरत में नहीं होने देगी. उन्होंने कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की जनता को तय करना है कि उसे विकास और स्थिरता चाहिए या फिर राजनीतिक टकराव. सरमा ने कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे ले जाने के लिए काम कर रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले और भाजपा का जनसमर्थन लगातार बना हुआ है.
चुनाव हारने पर EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है कांग्रेस
हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद EVM और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि यदि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी है, तो हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों में कांग्रेस या विपक्षी दल सरकार बनाने में कैसे सफल हुए. उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाती, जबकि हारने पर EVM और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराती है. सरमा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की कांग्रेस की मांग पर भी सवाल उठाए. उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसे चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है, तो उसे अपनी राजनीतिक रणनीति पर विचार करना चाहिए.
असम में एक लाख से ज्यादा नौकरियां देने का दावा, सुक्खू सरकार को घेरा
हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए सरमा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को रोजगार के वादे याद दिलाए. उन्होंने कहा कि असम में भाजपा सरकार ने एक लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था, जबकि उनके अनुसार, सरकार ने एक लाख सात हजार युवाओं को रोजगार दिया. इसके विपरीत, उन्होंने हिमाचल प्रदेश में पांच लाख युवाओं को रोजगार देने के वादे को लेकर सुक्खू सरकार पर सवाल उठाए. सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन उन्हें पूरा करने में सरकार विफल रही है. उन्होंने प्रियंका गांधी पर भी चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को लेकर निशाना साधा.
हिमाचल में भाजपा सरकार बनाने का आह्वान
हिमंता बिस्वा सरमा ने हिमाचल प्रदेश को देवभूमि और वीरभूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश की जनता को आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान करना चाहिए. उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने और जनता को भाजपा की नीतियों के बारे में बताने की अपील की. उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता को रोजगार, विकास और चुनावी वादों के आधार पर सरकार का मूल्यांकन करना चाहिए. सरमा ने भरोसा जताया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करेगी.