पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर टकराव, तालिबान का सवाल- बातचीत से भाग क्यों रहा इस्लामाबाद?

पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर टकराव, तालिबान का सवाल- बातचीत से भाग क्यों रहा इस्लामाबाद?


Pakistan Taliban Tension: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. पाकिस्तान के दक्षिण वजीरिस्तान के अंगूर अड्डा इलाके में अफगान तालिबान की सीमा चौकियों से फायरिंग की खबर सामने आई है. पाकिस्तान के एक डिप्टी कमिश्नर ने रविवार को दावा किया कि अफगान पोस्ट से गोलीबारी के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की. इस बीच अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ सक्रिय सशस्त्र संगठन Afghanistan United Front ने भी पिछले सप्ताह आठ प्रांतों में 16 हमले करने का दावा किया है. उधर, तालिबान के प्रवक्ता ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के रास्ते अब भी खुले हैं, लेकिन इस्लामाबाद की नीतियों के कारण तनाव कम नहीं हो पा रहा.

अंगूर अड्डा में सीमा चौकियों पर फायरिंग का दावा

पाकिस्तान के दक्षिण वजीरिस्तान के डिप्टी कमिश्नर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि अंगूर अड्डा इलाके में अफगान सीमा चौकियों से पाकिस्तानी पोस्ट पर लगातार गोलीबारी हुई. उनके मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अफगानिस्तान की कई सीमा चौकियों, मोर्टार पोजिशन और रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया. डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पाकिस्तानी सीमा क्षेत्र में फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. हालांकि, इस घटना को लेकर अभी अफगानिस्तान की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. इसलिए सीमा पर हुई पूरी कार्रवाई और नुकसान के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

27 अक्टूबर को गोलाबारी का आरोप

यह घटनाक्रम 27 अक्टूबर की रात अंगूर अड्डा इलाके में हुई गोलाबारी के कुछ दिन बाद सामने आया है. पाकिस्तानी अधिकारियों और सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, उस रात अफगान तालिबान की ओर से नागरिक घरों और अंगूर अड्डा बाजार को निशाना बनाया गया था. इस गोलाबारी में एक नागरिक की मौत हुई थी, जबकि पांच लोग घायल हुए थे. एक मोर्टार का गोला रिहायशी इलाके के एक घर पर गिरा था. बाजार की कई दुकानों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई थी. इसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जवाबी अभियान चलाया था. पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने दावा किया था कि इस कार्रवाई में अफगान तालिबान की सात चौकियां नष्ट कर दी गईं.

तालिबान के खिलाफ 16 हमले हुए

इसी बीच अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ सक्रिय अफगानिस्तान यूनाइटेड फ्रंट ने दावा किया है कि उसने 22 से 29 अक्टूबर के बीच आठ प्रांतों में 16 हमले किए. इस संगठन का नेतृत्व Sami Sadat करते हैं. संगठन की ओर से जारी बयानों के मुताबिक, इन हमलों में तालिबान के 18 सदस्य मारे गए और नौ घायल हुए. हमलों का दावा कंधार, कपिसा, हेलमंद, घोर, जाबुल, बदख्शां, गजनी और परवान प्रांतों में किया गया है. संगठन के मुताबिक, 22 अक्टूबर को हेलमंद के लश्कर गाह और कपिसा के हेसा अव्वल कोहिस्तान इलाके में हमले किए गए.

23 अक्टूबर को कंधार के दमन जिले में तालिबान के एक पुलिस अधिकारी को निशाना बनाने की बात कही गई. वहीं, 26 अक्टूबर को छह प्रांतों में सात एक साथ अभियान चलाने का दावा किया गया. संगठन ने घोर, जाबुल, गजनी, परवान, बदख्शां और कंधार में अलग-अलग हमलों में तालिबान के कई सदस्यों के मारे जाने और घायल होने की जानकारी दी. 29 अक्टूबर को कंधार के अरघिस्तान और स्पिन बोल्डक जिलों में दो और अभियानों का दावा किया गया. हालांकि, इन हमलों और हताहतों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है.

तालिबान बोला- पाकिस्तान के लिए तैयार नहीं

सीमा पर तनाव के बीच तालिबान के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने शनिवार, 31 अक्टूबर को पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर बयान दिया था. Hurriyat Radio से बात करते हुए उन्होंने कहा कि काबुल कई बार इस्लामाबाद के साथ बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश कर चुका है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली. मुजाहिद ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच कई देशों की मध्यस्थता से संदेशों का आदान-प्रदान जारी है. हालांकि, उन्होंने मध्यस्थता कर रहे देशों के नाम या बातचीत की विस्तृत जानकारी नहीं दी.



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