न गुलाबी बाबा को भूले लोग, न मंदिर की मान्यता… 1970 से जुड़ी गोंडा के इस धाम की कहानी

न गुलाबी बाबा को भूले लोग, न मंदिर की मान्यता… 1970 से जुड़ी गोंडा के इस धाम की कहानी


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न गुलाबी बाबा को भूले लोग, न मंदिर की मान्यता… गोंडा के इस धाम की गजब कहानी

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Gonda News: गोंडा के शिव महादेव मंदिर संत गुलाबी दास का नाम धार्मिक स्थलों की लिस्ट में आता है. यह मंदिर गोंडा जिले के कौड़िया बाजार क्षेत्र में स्थित है. वर्ष 1970 में यहां एक बाबा रहते थे, जो गुलाबी रंग के वस्त्र पहनते थे.

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गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में कई प्राचीन और धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जिनसे लोगों की आस्था जुड़ी हुई है. इन्हीं में से एक है शिव महादेव मंदिर संत गुलाबी दास. यह मंदिर जिले के कौड़िया बाजार क्षेत्र में स्थित है. यहां आसपास के श्रद्धालु दर्शन और पूजा-पाठ के लिए पहुंचते हैं. लोकल 18 से बातचीत के दौरान मंदिर के पुजारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा बताते हैं कि यह मंदिर गोंडा जिले के कौड़िया बाजार क्षेत्र में स्थित है.

वर्ष 1970 में यहां एक बाबा रहते थे, जो गुलाबी रंग के वस्त्र पहनते थे. इसी वजह से इस स्थान का नाम संत गुलाबी दास पड़ा. मंदिर परिसर में हनुमान जी और भगवान शिव की प्रतिमाएं स्थापित हैं. यहां आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं. मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है.

क्या है मंदिर की मान्यता?
राजेंद्र प्रसाद मिश्रा बताते हैं कि मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि यहां लगातार पांच दिन दर्शन करने और अर्जी लगाने से हनुमान जी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. श्रद्धालु यहां अपनी परेशानियों से राहत पाने की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं. पुजारी के अनुसार, उनके परिवार की यह तीसरी पीढ़ी है, जो मंदिर में पूजा-पाठ कर रही है. पहले उनके बाबा, फिर उनके पिता और अब वह स्वयं मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं. उन्होंने बताया कि यहां किसी तरह की झाड़-फूंक नहीं की जाती है. श्रद्धालुओं को केवल भभूत दिया जाता है. उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों से लोग यहां दर्शन करने आते हैं.

श्रद्धालुओं ने बताई अपनी आपबीती
श्रावस्ती जिले से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि उनके परिवार के कई लोग परेशान थे. उन्हें संत गुलाबी दास मंदिर के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद वे यहां पहुंचे. श्रद्धालु का दावा है कि दो से तीन बार मंदिर आने के बाद उनके परिवार को काफी राहत मिली. वहीं बहराइच जिले के श्रद्धालु प्रदीप गुप्ता बताते हैं कि उनका एक भाई मुंबई गया था, जहां उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई थी. कई जगह इलाज कराने के बाद भी उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली. इसके बाद वे मंदिर पहुंचे. प्रदीप गुप्ता के अनुसार, यहां आने के बाद उनके भाई की हालत में काफी सुधार हुआ.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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