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Sanwaliya Seth Donation: मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ के दरबार में पिछले एक महीने में भक्तों ने कई अनूठी भेंट अर्पित की हैं.किसी ने 1 किलो 200 ग्राम चांदी से बना जेके सीमेंट प्लांट का मॉडल चढ़ाया तो किसी ने चांदी का लैपटॉप और 500 ग्राम चांदी की ट्रक भेंट की वहीं, दिल्ली के एक व्यापारी ने भगवान को दो शोरूम समर्पित किए.
मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ के दरबार में भक्तों की आस्था के रंग भी निराले हैं. यहां भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर भगवान को ऐसे-ऐसे चढ़ावे अर्पित करते हैं, जिन्हें देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. कोई सोने-चांदी के आभूषण चढ़ाता है तो कोई अपनी मेहनत और कारोबार में मिली सफलता को भगवान के चरणों में समर्पित करता है.
पिछले एक महीने की बात करें तो सांवलिया सेठ के दरबार में कई अनूठी भेंट चढ़ाई गई हैं. इनमें चांदी से बना सीमेंट प्लांट, दो शोरूम, लैपटॉप और ट्रक जैसी चीजें शामिल हैं.
इन अनूठी भेंटों में सबसे खास चांदी से बना सीमेंट प्लांट का मॉडल रहा.चित्तौड़गढ़ जिले के सांवलिया सेठ मंदिर में निम्बाहेड़ा निवासी व्यापारी धर्मराज बंजारा ने भगवान को 1 किलो 200 ग्राम चांदी से बना जेके सीमेंट प्लांट का मॉडल भेंट किया.
व्यापारी ने कारोबार में सफलता मिलने के बाद अपनी खुशी भगवान के साथ साझा करते हुए यह भेंट अर्पित की.खास बात यह है कि इस मॉडल को सीमेंट प्लांट का रूप देने के लिए काफी बारीकी से तैयार किया गया है.भक्त अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने पर कई तरह की अलग अलग भेट भगवान को अर्पित करते हैं.हर दिन हजारों भक्त दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं
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दिल्ली के एक व्यापारी ने भी सांवलिया सेठ के दरबार में अनूठी भेंट चढ़ाई. व्यापारी ने भगवान को दो शोरूम बनाकर भेंट किए.कारोबार में तरक्की और भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा जताने के लिए भक्तों की ओर से इस तरह की भेंट दी जाती है. सांवलिया सेठ को मानने वाले कई व्यापारी अपनी कमाई और कारोबार में मिली सफलता का एक हिस्सा भगवान को समर्पित करना अपनी आस्था का प्रतीक मानते हैं.
डिजिटल दौर में भक्ति का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जब एक भक्त ने भगवान को चांदी का लैपटॉप अर्पित किया। इस भेंट की तस्वीर भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. भक्तों का कहना है कि जमाना चाहे कितना भी बदल जाए, सांवलिया सेठ के प्रति उनकी आस्था हमेशा वैसी ही रहेगी. इसी तरह एक अन्य भक्त ने भगवान को 500 ग्राम चांदी से बनी ट्रक भेंट की. ट्रक का यह मॉडल भी भक्तों की अनूठी श्रद्धा को दर्शाता है.
सांवलिया सेठ के दरबार में चांदी से बनी बांसुरी, चांदी के घर और चांदी की घड़ियां चढ़ाने की परंपरा भी लंबे समय से चली आ रही है. यहां कई भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर भगवान को चांदी से बनी ऐसी चीजें अर्पित करते हैं, जो उनके जीवन, कारोबार या सपनों से जुड़ी होती हैं.किसी के लिए घर बनना बड़ी खुशी होती है तो किसी के लिए कारोबार में तरक्की मिलना.ऐसे में भक्त अपनी खुशी को भगवान के चरणों में भेंट के रूप में समर्पित करते हैं.
सांवलिया सेठ मंदिर में हर महीने करोड़ों रुपए का चढ़ावा भी आता है. मंदिर में नकदी के साथ सोना-चांदी और कई तरह की कीमती वस्तुएं भी भक्तों की ओर से अर्पित की जाती हैं.यहां आने वाले श्रद्धालुओं में आम लोगों के साथ बड़े व्यापारी और कारोबारी भी शामिल रहते हैं.यही वजह है कि मंदिर में आने वाली अनूठी भेंट अक्सर चर्चा का विषय बन जाती हैं.
सांवलिया सेठ के दरबार में चढ़ने वाली ये भेंट सिर्फ चांदी या किसी कीमती वस्तु तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे भक्तों की भावनाएं और विश्वास जुड़े हैं.किसी ने अपने कारोबार की सफलता पर सीमेंट प्लांट का मॉडल चढ़ाया तो किसी ने शोरूम, लैपटॉप और ट्रक भेंट कर अपनी श्रद्धा जताई.भक्तों के लिए यह सिर्फ चढ़ावा नहीं, बल्कि अपनी खुशियां सांवरिया से साझा करने का एक तरीका है.