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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिवाली से पहले बड़ा तोहफा दिया है. योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाकर 8000 से 12000 रुपये कर दिया है. बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर के महीने से लागू होगा और इसका भुगतान अक्टूबर की सैलरी में होगा.
योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ाया मानदेय.
लखनऊः उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा फैसला लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 50% की बढ़ोतरी की है. नए फैसले के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 8,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया गया है. वहीं सहायिकाओं का मानदेय 4,000 से बढ़कर 6,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है. मानदेय वृद्धि सितंबर 2026 से लागू हुई है. इसका अक्टूबर में भुगतान होगा. प्रदेश की करीब 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकायों को इस फैसले से लाभ होगा. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की भी सुविधा दी जाएगी.
सीएम योगी ने 49वीं पाती लिखी
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को 49वीं पाती लिखी. सीएम योगी की 49वीं पाती में दीपोत्सव का संदेश है. सीएम योगी की हार्दिक इच्छा, प्रदेशवासी परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या पधारें. सीएम योगी ने लिखा कि प्रभु श्रीराम की पावन नगरी में भव्य दीपोत्सव की दिव्य छटा के साक्षी बनें. सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम अपने दसवें भव्य एवं दिव्य दीपोत्सव के स्वागत के लिए पुलकित. सनातन चेतना के पुनर्जागरण और सांस्कृतिक गौरव का महापर्व है दीपोत्सव. सीएम योगी ने प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति से जुड़े पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक मंगलकामनाएं दीं.
‘दीपोत्सव त्याग, मर्यादा की भावना है’
सीएम योगी ने पाती में लिखा कि दीपोत्सव से हमारा सनातन संबंध केवल परंपराओं से नहीं, बल्कि जीवन-मूल्यों से भी जुड़ा हुआ है. 14 वर्षों तक भरत जी ने राजसुख का त्याग कर प्रभु श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर प्रतिष्ठित रखा. भरत जी के त्याग और समर्पण से सीख लेने का संदेश सत्ता का वास्तविकअर्थ अधिकार नहीं, दायित्व है. दीपोत्सव त्याग, मर्यादा और समर्पण की भावना को विश्वपटल पर प्रतिष्ठित कर रहा है. मां सरयू के तट पर सजी दीपमाला और राम की पैड़ी पर लाखों दीपों की जगमग से अयोध्या में आकाशगंगा उतरने जैसा दृश्य होगा. दीपोत्सव से कुम्हारों, पुष्प विक्रेताओं और होटल व्यवसायियों सहित स्थानीय व्यापारियों के लिए रोजगार व आय के अवसर बढ़ते हैं. आस्था और जनभागीदारी को विकास की शक्ति बनाकर उत्तर प्रदेश ने उत्सव प्रदेश के रूप में नई पहचान स्थापित की. जहां प्रकाश है, वहां सुरक्षा का वास है. जहां सुरक्षा है, वहां निवेश के अवसर हैं.