UP Weather, 1 November: जाग गया गर्मी का कुंभकर्ण, यूपी वालों मत निकालो कंबल-रजाई, टप-टप टपकेगा पसीना

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UP Weather Today: मौसम विभाग ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में तापमान बढ़ने को लेकर चेतावनी जारी कर दी है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों में दिन के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि रात के वक्त तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी. इसके अलावा मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि नवंबर के महीने में बारिश सामान्य से भी कम रहेगी.

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यूपी में बढ़ने वाला है दिन का तापमान.

लखनऊः उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में अभी भले ही सर्दी का एहसास हो रहा है. लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों में दिन के तापमान में पांच से सात डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. हालांकि रात के तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट के संकेत हैं. मौसम विभाग के मुताबिक रविवार से अर्नब तूफान और पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने लगेगा. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बारिश थमने के बाद सूबे के अलग-अलग जिलों में सुबह हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बन सकती है.

यूपी के गोरखपुर में सबसे अधिकतम तापमान रहा 22.5 डिग्री सेल्सियस
बारिश के कारण शनिवार को गोरखपुर में अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सूबे में सबसे कम रहा. वहीं मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान 14.9 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडी रात रही. बारिश के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को गोखपुर में 63.8 मिमी, सिद्धार्थनगर में 62.2 मिमी, बस्ती में 57.2 मिमी, महाराजगंज में 56.6 मिमी और मथुरा में 31 मिमी बारिश दर्ज की गई.

नवंबर में कम होगी बारिश
नवंबर में उत्तर प्रदेश में बारिश के सामान्य से कम रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक सूबे के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रह सकता है. हालांकि मध्य और पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में हल्की-फुल्की बारिश रह सकती है. तापमान की बात करें तो दिन और रात दोनों का पारा सामान्य से अधिक रहने के संकेत हैं. ऐसे में नवंबर में ठंड से कम रह सकती है.

अर्नब के बाद बंगाल की खाड़ी में जागेगा मुरासु
आज बंगाल की खाड़ी में ‘मुरासु’ चक्रवात बनने की संभावना है. राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा है कि सरकार इस आने वाले चक्रवात से निपटने के लिए तैयार है. IMD ने अनुमान जताया है कि यह चक्रवात आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ सकता है और दक्षिणी ओडिशा को प्रभावित कर सकता है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम पहले एक ‘डिप्रेशन’ (निम्न दबाव का क्षेत्र) बनेगा और फिर और अधिक तीव्र होकर ‘डीप डिप्रेशन’ में बदल जाएगा. आशंका है कि इस चक्रवात के कारण कई जगहों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हो सकता है. इसलिए, पहाड़ी इलाकों की तलहटी में रहने वाले लोगों को वहां से हटाने का काम कल शुरू हो जाएगा. जो लोग जोखिम वाले इलाकों में रह रहे हैं, उनसे अपील की गई है कि वे अपने घर छोड़ दें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। लोगों के वहां से चले जाने के बाद, उनके घरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पुलिस की होगी.



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