Kota News: पेट दर्द से परेशान थी किशोरी, जांच में मिला 10 किलो की 500 पानी भरी गांठें, डॉक्टरों ने ऐसे बचाई जान


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Kota Rare Surgery: कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों ने एक किशोरी का जटिल ऑपरेशन कर उसके पेट से करीब 10 किलोग्राम वजन की 400 से 500 पानी से भरी गांठें निकाली हैं. बालिका लंबे समय से पेट दर्द से परेशान थी. शुरुआत में उसका इलाज एक परिधीय अस्पताल में कराया गया, लेकिन राहत नहीं मिलने पर उसे कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां अल्ट्रासोनोग्राफी और सीटी स्कैन की जांच में पेट में बड़ी संख्या में तरल पदार्थ से भरी सिस्ट होने का पता चला. ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने इन गांठों को सफलतापूर्वक बाहर निकाला. सर्जरी विभाग के प्रोफेसर और यूनिट हेड डॉ. आरजी मीणा के नेतृत्व में यह ऑपरेशन किया गया. फिलहाल बालिका की हालत ठीक है. निकाली गई सिस्ट को जांच के लिए हिस्टोपैथोलॉजी विभाग भेजा गया है.

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कोटा में डॉक्टरों का दुर्लभ ऑपरेशन, किशोरी के पेट से निकाली 10 किलो 500 गांठेंZoom

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों ने एक किशोरी का जटिल ऑपरेशन कर उसके पेट से करीब 10 किलोग्राम वजन की 400 से 500 पानी से भरी गांठें निकाली

कोटा. न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने एक किशोरी का जटिल ऑपरेशन कर उसे नया जीवनदान दिया है. किशोरी लंबे समय से पेट दर्द की समस्या से परेशान थी. जांच के दौरान उसके पेट में छोटी-बड़ी आकार की सैकड़ों पानी से भरी सिस्ट (गांठें) होने का पता चला. इसके बाद सर्जरी विभाग की टीम ने ऑपरेशन कर इन गांठों को बाहर निकाला. निकाली गई सिस्ट का कुल वजन करीब 10 किलोग्राम था. चिकित्सकों के अनुसार, पेट में मौजूद इन गांठों की संख्या करीब 400 से 500 थी. ये लगभग पूरे पेट में फैली हुई थीं और शरीर के कई आंतरिक अंगों पर दबाव डाल रही थीं. ऑपरेशन के दौरान कई गांठें फट गईं, जिससे उनमें भरा तरल पदार्थ बाहर निकल गया. फिलहाल ऑपरेशन के बाद बालिका की स्थिति ठीक बताई जा रही है.

बताया जा रहा है कि बालिका को काफी समय से पेट दर्द की शिकायत थी. शुरुआत में परिजनों ने उसका उपचार एक परिधीय अस्पताल में कराया, लेकिन वहां इलाज के बाद भी उसे राहत नहीं मिली. इसके बाद उसे कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां सर्जरी विभाग की यूनिट सी में चिकित्सकों ने उसकी जांच शुरू की. मरीज की स्थिति को देखते हुए अल्ट्रासोनोग्राफी और सीटी स्कैन सहित जरूरी जांचें कराई गई. जांच रिपोर्ट में उसके पेट में बड़ी और तरल पदार्थ से भरी सिस्ट होने के संकेत मिले. इसके बाद चिकित्सकों ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया.

पूरे पेट में फैली थी पानी से भरी सिस्ट

ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों को पेट में छोटी-बड़ी आकार की अनेक सिस्ट मिलीं. ये लगभग पूरे पेट में फैली हुई थीं और आसपास के आंतरिक अंगों पर दबाव डाल रही थीं. सिस्ट की संख्या करीब 400 से 500 बताई गई है. इनका कुल वजन लगभग 10 किलोग्राम था. चिकित्सकों की टीम ने सावधानीपूर्वक ऑपरेशन कर सभी सिस्ट को बाहर निकाला. बताया गया कि इन गांठों में तरल पदार्थ भरा हुआ था और इनके बाहर चमड़ी जैसी परत मौजूद थी. ऑपरेशन के दौरान कई सिस्ट फट गईं और उनमें भरा पानी बाहर निकल गया.

डॉग के अपशिष्ट से फैलने वाली बीमारी की आशंका

डॉ. आरजी मीणा ने बताया कि इस तरह की बीमारी का संबंध एक परजीवी कीड़े से हो सकता है, जो संक्रमित कुत्तों के मल के संपर्क के जरिए इंसान के शरीर में पहुंच सकता है. इसके बाद शरीर में पानी से भरी सिस्ट विकसित हो सकती हैं. इस तरह के मामले सामान्य तौर पर दुर्लभ माने जाते हैं. हालांकि, निकाली गई सिस्ट को उनकी प्रकृति और बीमारी की अंतिम पुष्टि के लिए हिस्टोपैथोलॉजी विभाग में जांच के लिए भेजा गया है.

डॉ. आरजी मीणा के नेतृत्व में हुई सर्जरी

इस जटिल ऑपरेशन का नेतृत्व सर्जरी विभाग के प्रोफेसर और यूनिट हेड डॉ. आरजी मीणा ने किया. चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक सिस्ट निकालने के बाद मरीज की स्थिति पर निगरानी रखी. फिलहाल बालिका की हालत ठीक बताई जा रही है. रिपोर्ट आने के बाद बीमारी की प्रकृति और उसके कारणों की पुष्टि हो सकेगी. इस ऑपरेशन को अस्पताल की चिकित्सकीय टीम बड़ी उपलब्धि मान रही है.



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