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5 Reasons for Defeat India Against New Zealand: न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें टी20 में भारत को 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, हालांकि सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम की. सेडन पार्क में खेले गए इस मुकाबले में भारत की हार के पांच बड़े गुनहगार रहे. बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और तिलक वर्मा सस्ते में आउट होकर शुरुआत ही बिगाड़ बैठे. वहीं गेंदबाजी में अनुभवी भुवनेश्वर कुमार और युवा प्रिंस यादव बेहद महंगे साबित हुए, जिससे कीवी टीम ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया.
पांचवें टी20 में भारत की हार की 5 वजह.
नई दिल्ली. भारतीय पारी की शुरुआत करने उतरे युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा से टीम मैनेजमेंट और फैंस को हमेशा एक आक्रामक और तेज शुरुआत की उम्मीद रहती है. लेकिन उनका बल्ला खामोश रहा.पारी के दूसरे ही ओवर में जब टीम को संभलकर खेलने और स्कोरबोर्ड को चलाने की जरूरत थी, तब अभिषेक एक बार फिर दबाव में बिखर गए. एडम मिल्ने की रफ्तार भरी गेंद पर वह नियंत्रण नहीं रख पाए और शॉर्ट थर्ड मैन या मिड-ऑफ के क्षेत्र में डेरिल मिचेल को आसान सा कैच थमा बैठे. अभिषेक केवल 2 गेंदों का सामना कर सके और उनके बल्ले से महज 2 रन निकले. पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में इस तरह विकेट गंवा देने से भारतीय टीम पर शुरुआती दबाव आ गया, जिससे पूरी पारी की लय प्रभावित हुई.
अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) के सस्ते में आउट होने के बाद क्रीज पर आए विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन (Sanju Samson) पर बड़ी जिम्मेदारी थी कि वह पारी को संभालें और एक मजबूत साझेदारी की नींव रखें.लेकिन संजू इस मौके को भुनाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए और टीम के टॉप ऑर्डर को एक बड़ा झटका दे गए. एडम मिल्ने ने एक बार फिर शानदार गेंदबाजी करते हुए संजू को अपने जाल में फंसा लिया. संजू सैमसन ने क्रीज पर टिकने के लिए 10 गेंदों का संघर्ष तो किया, लेकिन उनके बल्ले से सिर्फ 4 रन ही निकल सके. उनका स्ट्राइक रेट बेहद निराशाजनक रूप से मात्र 40.00 का रहा. शुरुआती ओवरों में दोनों ओपनरों का इस प्रकार एक के बाद एक जल्दी पवेलियन लौट जाना भारत के विशाल स्कोर के सपने को बड़ा आघात दे गया और टीम शुरुआती झटकों से लंबे समय तक उबर नहीं पाई.
तिलक वर्मा का मध्यक्रम में नहीं चला बल्ला, धीमा खेल पड़ा भारी
जब भारतीय टीम पावरप्ले के झटकों से उबरने और पारी को पटरी पर लाने की कोशिश कर रही थी, तब मध्यक्रम की जिम्मेदारी युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा (Tilak Varma) के कंधों पर थी। तिलक से एक संयमित और अहम साझेदारी की दरकार थी, जो टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा सके। लेकिन तिलक वर्मा भी उम्मीदों पर बिल्कुल खरे नहीं उतर सके. उन्होंने क्रीज पर बेहद संघर्षपूर्ण अंदाज में बल्लेबाजी की और 8 गेंदों का सामना करने के बाद केवल 6 रन बनाकर नेथन स्मिथ का शिकार बन गए. उनका यह धीमा और गैर-जिम्मेदाराना अंदाज मध्यक्रम के रन-रेट को बुरी तरह नीचे खींच गया. जिस समय रन गति बढ़ाने की आवश्यकता थी, उस समय तिलक का इस तरह आउट होना टीम के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जिससे कीवी गेंदबाजों को मैच पर पूरी तरह शिकंजा कसने का मौका मिल गया.
अनुभव के हिसाब से बेहद महंगे साबित हुए अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार
गेंदबाजी विभाग में जब भारत को अपने सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज से प्रेरणादायक प्रदर्शन की उम्मीद थी, तब भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) अपने ओहदे और प्रतिष्ठा के मुताबिक बिल्कुल प्रदर्शन नहीं कर पाए। भुवी ने अपने निर्धारित 4 ओवर के कोटे में बिना कोई भी सफलता हासिल किए बेहद खर्चीले अंदाज में 41 रन लुटा दिए. उनका इकोनॉमी रेट 10.20 का रहा, जो टी20 क्रिकेट के लिहाज से काफी ज्यादा है.पारी के शुरुआती ओवरों में स्विंग के जरिए विकेट निकालने की उनकी पुरानी ख्याति इस मैच में नजर नहीं आई. इसके अलावा, डेथ ओवरों में भी कीवी बल्लेबाजों ने उनके अनुभवों का फायदा उठाते हुए आसानी से बड़े शॉट खेले. भुवनेश्वर की यह महंगे स्पेल गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ को कमजोर कर गई, जिसका खामियाजा पूरी टीम को भुगतना पड़ा.
दबाव में चूकेयुवा गेंदबाज प्रिंस यादव, जमकर लुटाए रन
युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव (Prince Yadav) के लिए सेडन पार्क का यह मुकाबला किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. अंतरराष्ट्रीय स्तर के दबाव और परिस्थितियों के बीच प्रिंस अपनी लाइन और लेंथ पर बिल्कुल नियंत्रण नहीं रख पाए. उन्होंने अपने 3 ओवरों के छोटे स्पेल में ही न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के खिलाफ जमकर रन लुटाए और कुल 35 रन खर्च कर डाले. इस दौरान उनका इकोनॉमी रेट 11.70 का रहा, जो मैच के सबसे खराब गेंदबाजी आंकड़ों में से एक था. जब कीवी बल्लेबाज तेजी से लक्ष्य का पीछा कर रहे थे, तब प्रिंस की गेंदबाजी में वह पैनापन और विविधता गायब थी जो दबाव के पलों में विकेट दिला सके. उनकी इस अनुभवहीन गेंदबाजी का पूरा फायदा उठाते हुए न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने मैच को आसानी से अपनी झोली में डाल लिया.