एक बॉक्स में सैकड़ों नंबर, चार ठिकानों पर हाईस्पीड इंटरनेट, लखनऊ में फर्जी टेलीकॉम एक्सचेंज का भंडाफोड़


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Lucknow Crime Branch : लखनऊ क्राइम ब्रांच की टीम ने एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी कर फर्जी टेलीकॉम एक्सचेंज का भंडाफोड़ किया है. मौके से 32 पोर्ट वाले 6 अवैध सिम बॉक्स बरामद किया गया है. इस छापेमारी में साइबर थाना और साइबर सेल की टीम भी मौजूद रही.

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एक बॉक्स में सैकड़ों नंबर, हाईस्पीड इंटरनेट,लखनऊ में फर्जी टेलीकॉम का भंडाफोड़Zoom

लखनऊ में साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़.

Lucknow Digital Arrest Syndicate Busted: लखनऊ में डिजिटल अरेस्ट करने वाले फ्रॉडियों का भंडाफोड़ हुआ है. 1 नवंबर रविवार को यूपी क्राइम ब्रांच की टीम ने छापेमारी कर फर्जी टेलीकॉम एक्सचेंज कंपनी को पकड़ा है. लखनऊ क्राइम ब्रांच ने बताया कि चार अलग-अलग ठिकानों पर रेड की गई थी. इसमें सुशांत गोल्फ सिटी के स्वाति अपार्टमेंट, पारा की आशीर्वाद बिल्डिंग, बीबीडी के गोल्ड लाइन अपार्टमेंट और चिनहट के जीजे पैराडाइज शामिल है. छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने मौके से 6 सिम बॉक्स, 3 वीपीएन गेटवे , 21 स्मार्ट स्विच, 3 स्मार्ट हब, 4 इनवर्टर/यूपीएस, 18 बैटरियां, राउटर, कैमरे, लॉक टैबलेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद की है.

पुलिस के मुताबिक, इन गैजेट्स से साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट करने का खेल चल रहा था. मामले को लेकर एडीसीपी क्राइम किरन यादव के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि फर्जी तरीके से सिम बॉक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। सूचना के आधार पर साइबर सेल की टीम को एक्टिव किया गया. कई नंबरों को चिह्नित कर जांच पड़ताल की गई. टेलीकॉम कंपनियों से भी संपर्क साधा गया. तब पता चला कि लखनऊ के चार इलाकों में हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन लिया गया है.

एक ही बॉक्स सैकड़ों सीम डालकर करते थे साइबर फ्रॉड

कॉल करने व वास्तविक स्रोत को छिपाने में कर रहे थे इस्तेमाल

जिसके बाद क्राइम ब्रांच, साइबर पुलिस व साइबर सेल की टीम को तैयार किया गया. इसके बाद अलग-अलग टीम चार ठिकानों पर रेड करने पहुंची. जहां से इलेक्टॉनिक उपकरण बरामद किया गया. उन्होंने बताया कि 32-पोर्ट सिम बॉक्स में एक साथ कई सिम कार्ड उपयोग होते है. इन्हें इंटरनेट आधारित कॉल को मोबाइल नेटवर्क के जरिए चलाया जाता है. साइबर ठग कॉल करने और उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने में इसका इस्तेमाल करते है. कार्यवाहक साइबर थाना इंस्पेक्टर शमीम अहमद का कहना है कि किराए के कमरे पर उपकरण का इस्तेमाल किया जा रहा था. आरोपियों की तलाश की जा रही है.

हाई-स्पीड इंटरनेट का करते थे प्रयोग

पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग इन्हीं उपकरणों के जरिए लोगों को डिजिटल अरेस्ट करते है. आम लोग उसके लोकेशन को जान नहीं पाती है. शातिर लोगों को लगातार कॉल करके मानसिक रूप से परेशान करते है. ताकि वे डिजिटल अरेस्ट होकर अपने जमापूंजी ट्रांसफर करते रहे.

पुलिस का कहना है कि सभी उपकरणों को जब्त किया गया है. उनकी जांच कराई जा रही है. विशेष टेक्नीकल टीम बारीकी से सभी उपकरणों की जांच करेगी. ताकि, पता लग सके कि साइबर ठग किस पैटर्न से इसका इस्तमाल करते है. ताकि, ठगी किए गए और अन्य लोगों की जानकारी मिल सके.

क्या है अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज का काम?

जानकार बताते है कि फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का इस्तेमाल साइबर ठग करते है. यह वर्चुअल सिम बॉक्स अत्याधुनिक सेटअप है. साइबर ठग अंतरराष्ट्रीय कॉल को लोकल वाइस कॉल में बदल देते है. ताकि, विदेश में बैठे साइबर फ्रॉड स्थानीय लोगों के साथ ठगी कर सके. वे लोगों को ज्यादातर डिजिटल अरेस्ट, गेमिंग और निवेश का लालच भी देते है.



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