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नितेश तिवारी की मच अवेटेड फिल्म ‘रामायण’ के गाने ‘मंगल रंग’ पर हुई आलोचनाओं का संगीतकार एआर रहमान ने खुलकर जवाब दिया है. हान्स जिमर के साथ मिलकर इस फिल्म का संगीत तैयार कर रहे रहमान ने साफ किया कि वह खुद अपने सबसे बड़े आलोचक हैं और हर किसी को संतुष्ट करना नामुमकिन है. एआर रहमान के मुताबिक, हर धुन को अपनी अलग पहचान बनाने और लोगों के दिलों तक पहुंचने में थोड़ा वक्त जरूर लगता है.
‘रामायण’ के म्यूजिक डायरेक्टर हैं एआर रहमान. (फोटो: IMDb)
नई दिल्ली. नितेश तिवारी की अपकमिंग फिल्म ‘रामायण: राइज ऑफ ए लेजेंड’ का गाना ‘मंगल रंग’ हाल ही में रिलीज हुआ. कुछ लोगों का यह गाना बहुत पसंद आया, तो कइयों ने अलोचना भी की. अब म्यूजिक कंपोजर ने एआर रहमान ने गाने की हो रही आलोचना पर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि वह खुद अपने सबसे बड़े आलोचक हैं. उनका मानना है कि हर संगीत या प्रयोग पहली ही बार में सबको पसंद आ जाए, ऐसा जरूरी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि आप हर किसी को संतुष्ट नहीं कर सकते हैं.
एआर रहमान ने खुद को बताया अपना पहला आलोचक
द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में एआर रहमान ने कहा कि वह खुद अपने सबसे बड़े आलोचक हैं और ऐसा बिल्कुल नहीं है कि उन्हें अपना बनाया हर गाना पहली बार में ही पसंद आ जाए. उन्होंने बताया कि कई बार किसी धुन की असली खूबसूरती को सामने आने में समय लगता है. इसे आचार के उदाहरण से समझाते हुए रहमान ने कहा कि जैसे आचार जितना पुराना होता है उसका स्वाद उतना ही बेहतर होता है, ठीक वैसे ही कुछ गानों के साथ भी होता है, उन्हें थोड़ा वक्त देना पड़ता है.
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