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Indian Trade : भारत ने अभी तक 9 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता कर लिया है और आगे भी 7-8 देशों के साथ एफटीए पर बातचीत चल रही है. पीयूष गोयल का कहना है कि यह सभी समझौते लागू होने के बाद भारतीय कारोबार की पहुंच दुनिया के 85 लाख करोड़ डॉलर के बाजार तक हो जाएगी.
भारत ने 9 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता कर लिया है.
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाली सरकार की अगुवाई में भारत ने दुनियाभर के बाजारों में अपने लिए अवसर तलाशने शुरू किए तो लगा नहीं था कि महज 12 साल की अवधि में इतनी बड़ी सफलता मिलेगी. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि भारत के व्यापार समझौतों से आने वाले वर्षों में 85 लाख करोड़ डॉलर के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वाले देशों में भारतीय वस्तुओं और सेवाओं को तरजीही पहुंच मिलेगी. ऐसे में उद्योग जगत को बड़े घरेलू बाजार पर निर्भर रहने के बजाय वैश्विक बाजारों में विस्तार के लिए आगे आना चाहिए. उन्होंने बताया कि 12 साल पहले तक यह आंकड़ा सिर्फ 10 लाख करोड़ डॉलर तक ही सीमित था.
पीयूष गोयल ने कहा कि साल 2014 से पहले भारत ने जिन देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) लागू किए थे, उनका कुल जीडीपी 10 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर था. गोयल ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में सरकार ने 9 व्यापार समझौते किए हैं, जिनमें 38 विकसित देश शामिल हैं. इन देशों की कुल जीडीपी 60 लाख करोड़ डॉलर है. भारत फिलहाल सात से आठ और व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है. इनके लागू होने से 15 लाख करोड़ डॉलर के अतिरिक्त बाजार तक भारतीय वस्तुओं और सेवाओं की तरजीही पहुंच होगी.
ग्लोबल जीडीपी के 76 फीसदी से भारत का समझौता
गोयल ने कहा कि इन सभी व्यापार समझौतों के लागू होने के बाद इसके तहत आने वाले बाजारों का आकार ग्लोबल जीडीपी का करीब 76 फीसदी पहुंच जाएगा. यह दुनिया की कुल 115 लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी में 85 लाख करोड़ डॉलर की हिस्सेदारी के बराबर होगी. भारत कनाडा, इजराइल, मेक्सिको, खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी), दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) और चिली के साथ भी ऐसे ही समझौतों पर बातचीत कर रहा है.
भारत के ग्लोबल ब्रांड बनने का समय आ गया
गोयल ने कहा कि इतने बड़े बाजार में विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों, द्विपक्षीय व्यापार समझौतों और तरजीही व्यापार समझौतों के जरिये हमें बेहतर पहुंच मिलेगी. अब समय आ गया है कि हम ग्लोबल ब्रांड तैयार करें. यह हमारे लिए आगे बढ़ने का समय है. हमें ग्लोबल बाजारों में जाना होगा और विशाल घरेलू बाजार के आरामदायक दायरे से बाहर निकलना होगा, जहां हमारे उत्पादों की खपत हो जाती है. इसके बजाय हमें विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने, उनकी बेहतर पैकेजिंग करने और डिजाइन की गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत है.