नई दिल्ली (AI in Marketing). इन दिनों हर क्षेत्र में एआई का बोलबाला है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने मार्केटिंग का पूरा खाका बदल दिया है. जो काम हफ्तों और बड़ी टीमों के जिम्मे होता था, वह अब कुछ मिनटों में एआई की मदद से हो रहा है. लोग अपनी नौकरी को लेकर डरे हुए हैं. सच तो यही है कि एआई नौकरियां खत्म नहीं कर रहा, बल्कि काम करने का तरीका अपग्रेड कर रहा है. कंपनियों की जरूरतें तेजी से बदल रही हैं. उन्हें एआई टूल्स के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले स्मार्ट प्रोफेशनल चाहिए.
मार्केटिंग में करियर बनाने के लिए जरूरी 5 टिप्स
बात Zapier जैसे ऑटोमेशन टूल्स की हो या एसईओ से GEO यानी एआई सर्च ऑप्टिमाइजेशन की तरफ बढ़ने की, हर जगह नई सोच की जरूरत है. अगर आप मार्केटिंग इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पकड़ बनाना चाहते हैं तो यह रिपोर्ट आपके लिए परफेक्ट गाइड साबित होगी. जानिए 5 जरूरी बातें, जिन्हें अपनाकर आप एआई के दौर में भी मार्केटिंग में बेहतरीन करियर बना सकते हैं.
1. एआई टूल्स की प्रैक्टिकल समझ और उनका सही इस्तेमाल
आज के समय में केवल एआई टूल्स के नाम रट लेना या उनके बारे में थ्योरी पढ़ लेना काफी नहीं है. रिक्रूटर्स परखते हैं कि उम्मीदवार Zapier या n8n जैसे मॉडर्न प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके अपने डेली टास्क को कितनी तेजी और बेहतरीन तरीके से पूरा कर सकते हैं. एक दौर में कंप्यूटर पर एक्सेल और पावरपॉइंट चलाना स्पेशल खूबी हुआ करती थी. आज वह हर नौकरी की बेसिक जरूरत बन चुकी है. वही हाल अब एआई का है. इसलिए टूल्स से डरने के बजाय उन्हें अपना सबसे अच्छा दोस्त बनाना सीखें.
2. एक साथ कई जिम्मेदारियां और मल्टी-टास्किंग की कला
3. समस्या सुलझाने और सही फैसले लेने की क्षमता
भले ही एआई कुछ ही सेकंड में टेक्स्ट या इमेज तैयार करके दे दे, लेकिन उस कंटेंट के पीछे की असली स्ट्रैटेजी एक इंसान ही तय कर सकता है. मौजूदा दौर में कंपनियों को ऐसे प्रोफेशनल्स चाहिए, जो सिर्फ एआई के भरोसे न बैठें. उन्हें समझ होनी चाहिए कि कोई कैंपेन क्यों चलाया जा रहा है और उससे उनके बिजनेस या क्लाइंट को क्या लाभ मिलेगा. डेटा को परखकर सही समय पर सही फैसला लेना ही सच्चे मार्केटर की पहचान होती है. इसमें कंपनियां कोताही नहीं करना चाहती हैं.
4. तेजी से नई चीजें सीखने की काबिलियत
टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर दूसरे दिन कोई अपडेट आ जाता है. ऐसे में पुरानी सीख पर ही अटके रहने वाले लोग पीछे छूट जाते हैं. कंपनियों में अब ‘लर्निंग एजिलिटी’ यानी बिना किसी झिझक के तुरंत नई टेक्नोलॉजी को सीखने और उसे अपने काम में ढालने की क्षमता को ही सबसे बड़ा गुण माना जा रहा है. ऑफिस की अलग-अलग टीमों के साथ मिलकर काम करना और बदलते ट्रेंड्स के साथ खुद को बदलना ही आपको इस रेस में आगे रखेगा.