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Meerut News: त्वचा से संबंधित विभिन्न प्रकार के फंगस देखने को मिलते हैं. लेकिन इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक सोरायसिस नाम की बीमारी मानी जाती है. जो की धीरे-धीरे त्वचा में लाल तरह के चकते उत्पन्न करते हुए त्वचा को भी नुकसान पहुंचती है. साथ ही इसमें विभिन्न प्रकार के ऐसे संक्रमण होते हैं. जो की अन्य बीमारियों को भी उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा जाते हैं. इसलिए समय रहते ही इसका उपचार करना काफी आवश्यक है. डॉक्टर अमरजीत सिंह वर्मा ने तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से इलाज कराने और लापरवाही न बरतने की सलाह दी है.
मेरठः वर्तमान समय में विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से उभरते हुए नजर आ रही है. इसी कड़ी में अगर आपके भी चेहरे पर या शरीर के किसी भी भाग में चकते बनते हुए आ रहे हैं. अभी तक इनका समाधान नहीं हो पाया है. ऐसे सभी लोग बिना देरी करें जल्द ही त्वचा रोग विशेषज्ञ से अपना ट्रीटमेंट कराकर इसका समाधान कराए. क्योंकि यही दाग आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकते हैं.
त्वचा को पहुंचता है बहुत नुकसान
डॉक्टर अमरजीत सिंह वर्मा ने लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए त्वचा से संबंधित विभिन्न प्रकार के फंगस देखने को मिलते हैं. लेकिन इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक सोरायसिस नाम की बीमारी मानी जाती है. जो की धीरे-धीरे त्वचा में लाल तरह के चकते उत्पन्न करते हुए त्वचा को भी नुकसान पहुंचती है. साथ ही इसमें विभिन्न प्रकार के ऐसे संक्रमण होते हैं. जो की अन्य बीमारियों को भी उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा जाते हैं. इसलिए समय रहते ही इसका उपचार करना काफी आवश्यक है. उन्होंने बताया कि इसका उपचार भी काफी लंबे समय चलता है. ऐसे में अगर आप में भी लाल चकते के संकेत मिल रहे हैं. तो तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाएं. क्योंकि इसमें लापरवाही करने के कारण यह जानलेवा भी बन सकती है.
सोरायसिस की बीमारी में हो सकता है डिप्रेशन
उन्होंने बताया कि सोरायसिस बीमारी की अगर बात की जाए तो इसके कारण लोगों में डिप्रेशन की संभावनाएं काफी हद तक बढ़ जाती. इसके साथ ही इसमें डायरेक्ट नहीं लेकिन इनडायरेक्ट इस तरह के सिम्टम्स भी पाए गए हैं जो की हार्ट अटैक की संभावनाओं को भी प्रबल करते हैं. इसके बारे में समय-समय पर हुए शोध के बाद से पता चलता है अभी मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट द्वारा भी शोध किया गया. तो उसमें भी इसके जो सिम्टम्स से वह काफी खतरनाक पाए गए.
त्वचा पर आते लाल चकत्ते
सोरायसिस बीमारी के लक्षण की बात की जाए तो त्वचा पर लाल रंग के मोती हो जाते हैं. जिसकी पश्चात धीरे-धीरे यह सफेद या चांदी जैसी पपड़ी में परिवर्तन होने लगते हैं. इससे त्वचा में खुजली और जलन उत्पन्न हो जाती है. जिसमें कभी-कभी त्वचा का फटना और उसमें से खून निकलने की संभावनाएं भी देखने को मिलती है. इसी के साथ ही नाखूनों में भी गड्ढे पड़ने या उनका मोटा होना भी इसका एक प्रमुख कारण माना जाता है. उन्होंने बताया कि अब बायोलॉजिकल माध्यम से इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए कार्य किया जाने लगा है. साथ ही विभिन्न प्रकार की दवाइयां और क्रीमों का भी उपयोग किया जाता है.
उन्होंने बताया कि इसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि आप विशेषज्ञ को दिखाएं. त्वचा को सूखने ना दे. नियमित रूप से मॉइश्चराइजर लगाए रखें. तनाव से दूर रहे. सबसे महत्वपूर्ण यह की बिना विशेषज्ञ को बताएं कोई भी क्रीम का उपयोग न करें. क्योंकि इसमें लापरवाही जानलेवा हो सकती है.