स्पेस की सैर का है सपना, तो शनि के चंद्रमा तक NASA खुद पहुंचाएगा, जानिए कैसे?
Agency:एजेंसियां
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नासा अपने ड्रैगनफ्लाई मिशन के लिए तेजी से तैयारी कर रहा है. यह मिशन शनि के चंद्रमा टाइटन पर जाना है. यहां रोटर क्राफ्ट भेजा जाएगा. इसके माइक्रोचिप के साथ उन लोगों के नाम भेजे जाएंगे जो इसके लिए अप्लाई करेंगे. यह मिशन 2028 में लॉन्च होगा जो छह साल के लंबे सफर के बाद 2024 में टाइटन तक पहुंचेगा.
स्पेस में सैर का सपना है, तो NASA एक बेहतरीन मौका लेकर आया है. इसमें आप तो स्पेस में नहीं पहुंच पाएगा मगर आपका नाम जरूर धरती से 1.5 अरब किलोमीटर दूर तक जाएगा. ऐसा होगा नासा के ड्रैगन फ्लाई मिशन से. यह मिशन शनि के चंद्रमा टाइटन तक लॉन्च किया जा रहा है. इसके लिए जो भी लोग अपना नाम भेजेंगे, उनका नाम एक माइक्रोचिप पर दर्ज किए जाएंगे. यह जिस रोटर क्राफ्ट पर लगाई जाएगी. हेलीकॉप्टर की तरह दिखने वाले इस यान पर अपना नाम 15 जनवरी 2027 तक दर्ज कराया जा सकता है. जो लोग भी इसमें अपना नाम दर्ज कराएंगे उन्हें एक बोर्डिंग पास भी उपलब्ध कराया जाएगा. (फोटो-NASA)
यह नासा का एक रोबोटिक अंतरिक्ष्ज्ञ मिशन है. इसके तहत रोटरक्राफ्ट शनि के चंद्रमा टाइटन पर पहुंचकर रिसर्च करेगा. मिशन को 2028 में लॉन्च किए जाने की योजना है, जो तकरीबन 6 साल की यात्रा के बाद 2034 में टाइटन पर पहुंचेगा. यहां ये अलग अलग जगहों पर उड़ा़न भरेगा और सतह का अध्ययन करेगा. इसका मुख्य काम वहां के वातावरण का अध्ययन करना होगा. इस मिशन से अपना नाम जोड़ने का तरीका जानने के लिए अगली स्लाइड देखें. (फोटो-NASA)
NASA मुख्यालय, वाशिंगटन में विज्ञान मिशन निदेशालय की एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर निक्की फॉक्स के मुताबिक इस मिशन से दूसरी दुनिया पर जीवन के अनुकूल परिस्थितियों के संकेत तलाशे जाएंगे. टाइटन कई मायनों में हमारी पृथ्वी से काफी मिलता-जुलता है. इसीलिए हम उस रोमांचक यात्रा पर लोगों को साथ ले जाने के लिए उत्साहित हैं. उन्होंने मिशन के साथ नाम भेजने का तरीका भी बताया. (फोटो-NASA)
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वैज्ञानिकों के मुताबिक वैज्ञानिक रोटर क्राफ्ट को इस तरह तैयार कर रहे हैं, ताकि ये टाइटन के घने वायुमंडल और कम गुरुत्वाकर्षण में आसानी से उड़ान भर सके. यह हेलीकॉप्टर की तरह एक जगह से उड़कर दूसरे स्थान पर जाएगा और अलग-अलग जगहों का अध्ययन करेगा. इसीलिए इसे पारंपरिक लैंडर से अलग माना जा रहा है. (फोटो-NASA)
यह नासा का बहुप्रतीक्षित मिशन माना जा रहा है, जिसे टाइटन के वातावरण का अध्ययन किया जाएगा. दरअसल वैज्ञानिकों का मानना है कि टाइटन पर ऐसा वातावरण मिल सकता है जो धरती पर जीवन शुरू होने से पहले रहा होगा. ऐसे में यहां की परिस्थतियों को समझना भविष्य के लिए बेहतर साबित हो सकता है. (फोटो-pixabay)