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Sagar Sharab Kand: सागर के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों और लोगों के बीमार होने के मामले की न्यायिक जांच शुरू हो गई है. हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विष्णु प्रताप सिंह चौहान की अध्यक्षता में गठित एक सदस्यीय आयोग की टीम ने शनिवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया. आयोग तीन महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपेगा.
सागर जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच शुरू.
Sagar News: सागर जिले स्थित बंडा में जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच शुरू हो चुकी है. राज्य शासन द्वारा गठित एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की टीम शनिवार 31 अक्टूबर को बंडा पहुंची. टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए. साथ ही आयोग ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी ली.
यहां बनाया गया आयोग का कार्यालय
आयोग की अध्यक्षता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विष्णु प्रताप सिंह चौहान कर रहे हैं. यह आयोग पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच करेगा. जांच की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए आयोग का मुख्यालय सागर में बनाया गया है. इसका कार्यालय पुराने आरटीओ कार्यालय परिसर स्थित छात्रावास भवन में तैयार किया गया है.
बंडा में घटनास्थल का जायजा लेने के बाद आयोग ने अन्य पहलुओं की जांच भी तेज कर दी है. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और संबंधित विभागों से घटनाक्रम से जुड़ी जानकारियां जुटाई जा रही हैं. आयोग को तीन महीने के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपनी है.
इन तीन बिंदुओं पर होगी जांच
यह न्यायिक जांच आयोग मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर अपनी पड़ताल करेगा. पहला बिंदु ये कि जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत और बीमार होने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा. दूसरे बिंदु में संबंधित क्षेत्र के आबकारी अधिकारियों, पुलिस और अन्य जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की जांच होगी. इसमें यह देखा जाएगा कि जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों का पालन किया था या नहीं.
तीसरे बिंदु के तहत आयोग भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी उपाय सुझाएगा. इसके अलावा शराब के अवैध कारोबार पर नियंत्रण, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और जिम्मेदारी तय करने को लेकर सिफारिशें की जाएंगी. फिलहाल, सभी की नजरें इस आयोग की जांच पर टिकी हैं.