मामा के लिए बने डमी प्रत्याशी, खुद के खाते में आया एक वोट, राजसमंद में सरपंच चुनाव के दौरान हुआ गजब खेल


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Rajsamand Panchayat Chunav: पंचायत चुनाव में जीत और हार के बीच राजसमंद के खमनोर से एक ऐसा नतीजा सामने आया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया. सरपंच पद के प्रत्याशी त्रिलोक माली को सिर्फ एक वोट मिला. खास बात यह रही कि उन्होंने खुद भी अपने नाम पर वोट नहीं डाला था. त्रिलोक ने अपने मामा प्रेमशंकर माली के समर्थन में डमी प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा था. उनका कहना है कि वे नामांकन वापस लेना चाहते थे, लेकिन समय पर नहीं पहुंच सके. ऐसे में उनका नाम भी प्रत्याशियों की सूची में रहा. त्रिलोक को मिले एक वोट को लेकर उनका अनुमान है कि किसी मतदाता ने गलती से उनके नाम पर मतदान कर दिया होगा. खमनोर चुनाव में जमनालाल माली ने 933 वोट लेकर जीत हासिल की, जबकि प्रेमशंकर माली दूसरे और तनसुख सोनी तीसरे स्थान पर रहे.

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मामा के लिए बने डमी प्रत्याशी, खुद को मिला 1 वोट, खमनोर में गजब खेलZoom

राजसमंद के खमनोर से सरपंच चुनाव का एक ऐसा नतीजा सामने आया जिसने लोगों को हैरान कर दिया

राजसमंद. राजस्थान के पंचायत चुनावों में कई दिलचस्प और चौंकाने वाले नतीजे सामने आ रहे हैं. कहीं प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है तो कहीं जीत-हार का अंतर चर्चा का विषय बना हुआ है. इसी बीच राजसमंद जिले की खमनोर ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव का एक नतीजा लोगों के बीच चर्चा में है. यहां सरपंच पद के एक प्रत्याशी को महज एक वोट मिला. हैरानी की बात यह है कि प्रत्याशी ने खुद भी अपने नाम पर वोट नहीं डाला था. सामूहिक परिवार में रहने वाले इस प्रत्याशी को सिर्फ एक वोट मिलने के बाद लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं.

वोटों की गिनती के बाद जब परिणाम की ए-शीट सामने आई तो कई लोग यह देखकर हैरान रह गए कि आखिर प्रत्याशी को सिर्फ एक ही वोट कैसे मिला. खमनोर ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए कुल 7 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे. मतगणना पूरी होने के बाद त्रिलोक माली के खाते में केवल एक वोट दर्ज हुआ. बाद में सामने आया कि त्रिलोक ने डमी प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था. उनका कहना है कि यह एक वोट भी संभवत: किसी मतदाता ने गलती से उनके नाम पर डाल दिया होगा.

मामा के साथ भरा था डमी फॉर्म

खमनोर में गुलाबजल और शरबत का कारोबार करने वाले त्रिलोक माली ने बताया कि उन्होंने अपने मामा प्रेमशंकर माली के साथ डमी प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरा था. उनका मकसद चुनाव में अपने मामा के साथ खड़े रहना था. त्रिलोक ने बताया कि उन्होंने खुद भी अपने नाम के आगे वोट नहीं दिया. वे अपना नामांकन फॉर्म वापस लेना चाहते थे, लेकिन समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण फॉर्म वापस नहीं ले सके. ऐसे में उनका नाम भी प्रत्याशियों की सूची में बना रहा और चुनाव के बाद उनके खाते में एक वोट दर्ज हो गया.

ए-शीट वायरल होने के बाद शुरू हुई चर्चा

खमनोर सरपंच चुनाव में जमनालाल माली ने 933 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. त्रिलोक माली के मामा प्रेमशंकर माली 806 वोट प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहे. वहीं तनसुख सोनी 759 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे. चुनाव में सात प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ था. मतगणना के बाद वोटों की जानकारी वाली ए-शीट वायरल हुई तो त्रिलोक माली को मिले एक वोट ने लोगों का ध्यान खींचा. जिन लोगों को यह पता नहीं था कि उन्होंने डमी प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा था, वे इस नतीजे को देखकर हैरान रह गए. सामूहिक परिवार में रहने के कारण लोगों के बीच यह सवाल भी उठने लगा कि क्या परिवार के किसी सदस्य ने भी उन्हें वोट नहीं दिया. हालांकि त्रिलोक का कहना है कि उन्होंने खुद अपने नाम पर मतदान नहीं किया था और संभव है कि किसी मतदाता ने गलती से उनके नाम पर वोट डाल दिया हो. अब खमनोर के इस चुनाव में जीतने वाले प्रत्याशी के साथ-साथ एक वोट पाने वाले त्रिलोक माली का नाम भी चर्चा में है.



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