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Sahibganj News: झारखंड में मतदाता सूची के एसआईआर (SIR) के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. साहिबगंज जिले के बरहेट में जांच के दौरान एक आधार नंबर पर दो पहचान का मामला खुला है. हिंदू महिला मिता देवी मतदाता सूची में फातिमा बीबी बन गई. मामला घुसपैठ और मतांतरण से जुड़ी कथित साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िए.
साहिबगंज बरहेट में SIR जांच में बड़ा खुलासा, गोड्डा की मिता देवी का मुस्लिम नाम फातिमा
साहिबगंज. झारखंड के साहिबगंज जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने दस्तावेजों के सत्यापन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बरहेट में एक महिला के दो अलग-अलग नामों से पहचान पत्र मिले हैं, लेकिन दोनों पर आधार संख्या एक ही दर्ज है. पुराने दस्तावेज में महिला का नाम मिता देवी है, जबकि नए दस्तावेज में वह फातिमा बीबी के नाम से दर्ज है. मामले की शिकायत मिलने के बाद झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जांच के निर्देश दिए हैं.
गोड्डा में हुई थी पहली शादी, बाद में बदला नाम
जानकारी के मुताबिक, मिता देवी मूल रूप से गोड्डा जिले की रहने वाली हैं. वर्ष 2012 में उनकी शादी साहिबगंज के बरहेट प्रखंड के बरमसिया निवासी प्रीतम कुमार चंद्र से हुई थी. आरोप है कि बाद में उन्होंने नजरूल अंसारी से दूसरी शादी की और इसके बाद उनका नाम बदलकर फातिमा बीबी हो गया. शिकायत में दावा किया गया है कि पुराने और नए नाम से अलग-अलग दस्तावेज तैयार कराए गए.
एक ही आधार संख्या ने खोली दस्तावेजों की गड़बड़ी
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मिता देवी और फातिमा बीबी के नाम से मिले आधार कार्ड पर एक ही आधार संख्या दर्ज है. शिकायतकर्ता ने दोनों आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों को जांच के लिए प्रस्तुत किया है. आरोप है कि महिला की पहचान बदलने के लिए फर्जी वंशावली भी तैयार कराई गई.
मिता देवी और फातिमा बीबी के आधार कार्ड पर एक ही नंबर, झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए जांच के आदेश
मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए बनी वंशावली
मिली जानकारी के अनुसार, एसआईआर के दौरान महिला की मैपिंग नेजामुद्दीन मोमिन के परिवार से की गई थी. इसके बाद वंशावली तैयार कर फातिमा बीबी को उनकी छह संतानों में शामिल बताया गया. इस वंशावली पर ग्राम प्रधान और संबंधित राजस्व अधिकारियों के सत्यापन के हस्ताक्षर भी होने की बात सामने आई है. इसी आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज होने का आरोप है.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए जांच के आदेश
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने पूरे प्रकरण की गहन जांच का निर्देश दिया है. उन्होंने बताया कि बरहेट में गलत तरीके से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की शिकायत मिली है. एक महिला के दो आधार कार्ड भी मिले हैं, जिनकी संख्या समान है. फिलहाल दस्तावेजों और वंशावली की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही.