PNB Fraud: ₹102400000 फ्रॉड मामले में CBI की एंट्री, एक-एक घपलेबाज की होगी जांच, पाई-पाई का होगा हिसाब

PNB Fraud: ₹102400000 फ्रॉड मामले में CBI की एंट्री, एक-एक घपलेबाज की होगी जांच, पाई-पाई का होगा हिसाब


Greater Noida PNB Bank Account Fraud: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ब्रांच में करोड़ों रुपये की अवैध निकासी मामले में सीबीआई की एंट्री हो गई है. बैंक की शिकायत पर जांच एंजेंसी की गाजियाबाद स्थित एंटी करप्शन ब्रांच ने 29 अक्टूबर, शुक्रवार को केस दर्ज किया. बैंक की प्रारंभिक जांच में अब तक करीब 10.24 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं. शिकायत में बैंक की एक कर्मचारी और कुछ निजी व्यक्तियों की कथित मिलीभगत से ग्राहकों की रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करने का आरोप लगाया गया है. अब सीबीआई जांच करेगी.

बैंक की ओर से सीबीआई को दी गई शिकायत के मुताबिक, मामले का खुलासा तब हुआ जब एक ग्राहक संगीता अपने पति और बेटी के साथ पासबुक अपडेट कराने सेक्टर पाई स्थित शाखा पहुंचीं. इस दौरान उनके खाते में 16 सितंबर को किए गए तीन ऐसे लेनदेन सामने आए, जिनकी जानकारी उन्हें नहीं थी. ग्राहक के परिवार ने इन लेनदेन पर सवाल उठाए. इसके बाद बैंक प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू की.

लेनदेन का कोई लेखा जोखा नहीं

शिकायत में बताया गया है कि संबंधित लेनदेन के समर्थन में जरूरी वाउचर बैंक के रिकॉर्ड में नहीं मिले. शाखा प्रबंधन की पूछताछ में बैंक की एक कर्मचारी दीपांशी पर कथित तौर पर अनधिकृत लेनदेन कराने और उनसे जुड़े दस्तावेज नष्ट करने का आरोप लगाया गया है. बैंक की शिकायत के अनुसार, इन लेनदेन में दूसरे खाताधारकों के खातों का भी इस्तेमाल किया गया.

तीन साल तक चलता रहा कथित खेल

बैंक की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ग्राहकों के सेविंग अकाउंट से पैसे निकालकर कुछ चुनिंदा लाभार्थियों के खातों में भेजी गई. कुछ मामलों में रकम सीधे ट्रांसफर की गई, जबकि अन्य मामलों में अलग-अलग खातों के जरिए उसे आगे पहुंचाया गया. शिकायत के अनुसार, बैंक के विभिन्न अधिकारियों की सीबीएस यूजर आईडी का कथित दुरुपयोग कर अनधिकृत लेनदेन किए गए.

कुछ लोगों के ट्रांजेक्शन अलर्ट को बंद किया गया

इतना ही नहीं, कुछ ग्राहकों के मोबाइल ट्रांजेक्शन अलर्ट बंद या उनमें बदलाव किए जाने का भी आरोप है. इससे खातों से रकम निकलने की जानकारी ग्राहकों को तुरंत नहीं मिल पाती थी. बैंक ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) खातों में संदिग्ध व्यक्तियों को संयुक्त खाताधारक बनाया गया. इसके बाद भुगतान से जुड़े बैंक विवरण बदले गए और कुछ एफडी को समय से पहले बंद कर उनकी रकम कथित लाभार्थियों के खातों में भेज दी गई.

10.24 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का आरोप

पीएनबी की शिकायत में अब तक विभिन्न ग्राहकों के खातों से करीब 10.24 करोड़ रुपये की अनधिकृत निकासी की पहचान किए जाने की बात कही गई है. बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि खातावार लेनदेन का मिलान अभी जारी है. विस्तृत जांच में प्रभावित खातों और लाभार्थियों की संख्या बढ़ सकती है. ऐसे में अंतिम रकम का आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा.

शिकायत में बैंक कर्मचारी दीपांशी के अलावा अशुतोष पाठक, प्रदीप कुमार और कुछ अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं. बैंक ने आरोप लगाया है कि इन लोगों के खातों में ग्राहकों की रकम पहुंचाई गई या उनके जरिए आगे ट्रांसफर की गई. हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि सीबीआई की जांच के बाद ही हो सकेगी.

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2), 316, 318 और 344 के साथ आईटी एक्ट की धारा 66 और 43 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और 13(1)(a) के तहत मामला दर्ज किया है. एफआईआर में आपराधिक साजिश, विश्वासघात, धोखाधड़ी, खातों में हेराफेरी और लोक सेवक से जुड़े कथित भ्रष्ट आचरण की जांच का प्रावधान शामिल है.

अब किसी पर आरोप सिद्ध नहीं हुआ

सीबीआई की गाजियाबाद एसीबी ने नियमित मामला दर्ज कर इसकी जांच डीएसपी डॉ. जाहिर अख्तर को सौंपी है. अब जांच एजेंसी बैंक के ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, सीबीएस यूजर आईडी, इलेक्ट्रॉनिक लॉग, एफडी से जुड़े दस्तावेज और संदिग्ध खातों के बीच हुए लेनदेन की पड़ताल करेगी. बैंक ने जांच में सीबीआई को जरूरी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है. फिलहाल एफआईआर में लगाए गए आरोप की जांच हो रही है. किसी भी आरोपी पर आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं.



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