5 या 6 नवंबर, कब है धनतेरस? मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए जरूर खरीदें ये 7 चीजें

5 या 6 नवंबर, कब है धनतेरस? मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए जरूर खरीदें ये 7 चीजें


होमताजा खबरधर्म

5 या 6 नवंबर, कब है धनतेरस? मां लक्ष्मी की कृपा पाने को जरूर खरीदें ये 7 चीजें

Last Updated:

Dhanteras Kab Hai: दीपावली का पर्व पांच दिनों तक मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन सुख, समृद्धि और खुशहाली के आगमन का प्रतीक है. इस साल धनतेरस पर्व किस दिन मनाया जाएगा, इसका क्या महत्व है और इस दिन किन चीजों को खरीदना चाहिए, उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं.

Top Deals Inside

उज्जैन. हिंदू धर्म में धनतेरस का पर्व बेहद शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है. पांच दिवसीय दीपावली उत्सव की शुरुआत इसी दिन से होती है. इसे धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है. हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर यह त्योहार मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करने से सुख-समृद्धि, आरोग्य और धन की प्राप्ति होती है. इस दिन खरीदारी करना भी शुभ माना जाता है. आइए उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि इस साल धनतेरस पर्व किस दिन मनाया जाएगा, इसका क्या महत्व है और इस दिन किन चीजों को खरीदना चाहिए.

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर खत्म होगी. उदयातिथि के आधार पर कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 7 नवंबर शनिवार को है लेकिन धन त्रयोदशी या धनतेरस पर्व 6 नवंबर दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा. शुक्रवार को माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है और धनतेरस इस दिन के महत्व को और अधिक बढ़ा देता है.

प्रदोष काल में ही क्यों की जाती है पूजा?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद के समय को प्रदोष काल कहा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान धन की देवी मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और घरों में प्रवेश करती हैं. इससे घर में स्थायी सुख-समृद्धि और धन बना रहता है. इस वजह से धनतेरस के दिन प्रदोष काल में पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर संध्या के समय भगवान धन्वंतरि अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे. इसी वजह से प्रदोष काल में पूजा करना फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में साधना करने से साधक को जीवन में शुभ परिणाम मिलते हैं और कभी भी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है.

धनतेरस पर इन चीजों को खरीदना न भूलें
6 नवंबर को धनतेरस पर हस्त नक्षत्र और शुक्र प्रदोष का संयोग रहेगा. वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिन कुछ चीजें जैसे सोना और चांदी, तांबा, झाड़ू, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां, धनिए के बीज और नमक खरीदना बहुत ही शुभ माना गया है. धनतेरस के मौके पर इन सभी चीजों की खरीदारी करनी चाहिए. इसके बाद दीवाली के दिन इनकी पूजा करने से घर से दरिद्रता दूर हो जाती है. इसके साथ ही मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से घर में पॉजिटिविटी आती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.



Source link