भारत-ईयू ट्रेड डील पर ब्रसेल्स में लगेगी मुहर, एंटोनियो कोस्‍टा ने बताया कब होंगे समझौते पर साइन


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India-EU Trade Deal Update : भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्‍त व्‍यापार समझौते पर बातचीत इस साल जनवरी में पूरी हुई थी. इस साल के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रसेल्‍स का दौरा कर भारत-ईयू ट्रेड डील पक्‍की करेंगे. यूरोपीय संघ 27 देशों का एक विशाल विकसित बाजार है.

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भारत-ईयू ट्रेड डील दिसंबर में होगी पक्‍की, एंटोनियो कोस्‍टा ने किया कंफर्म Zoom

भारत-ईयू मुक्‍त व्यापार समझौते की नींव वर्ष 2007 में रखी गई थी. (Image : AI)

नई दिल्‍ली. भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एंग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर की उलटी गिनती शुरू हो गई है. यूरोपीय परिषद (European Council) के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल दिसंबर में बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स का दौरा करेंगे. इस दौरे के दौरान भारत-ईयू मुक्‍त व्‍यापार समझौते पर हस्‍ताक्षर किए जाएंगे. ईयू में 27 देश शामिल हैं. इस डील से भारत के ज्‍यादातर उत्‍पाद ईयू में ड्यूटी फ्री हो जाएंगे. वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों पक्षों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 136.54 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर गया था.

कनाडा के मॉन्ट्रियल में ‘मॉन्ट्रियल काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर में समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर करने के लिए ब्रसेल्स आएंगे. राजनयिक सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 दिसंबर से शुरू होने वाली यूरोपीय नेताओं की उच्चस्तरीय बैठक से पहले ब्रसेल्स का दौरा कर सकते हैं. इस साल जनवरी में भारत-ईयू ट्रेड डील पर बातचीत पूरी हो गई थी.

19 साल लगे हैं समझौता होने में

भारत-ईयू मुक्‍त व्यापार समझौते की नींव वर्ष 2007 में रखी गई थी, लेकिन महत्वाकांक्षाओं और शर्तों में मतभेद के चलते 2013 में बातचीत ठप हो गई थी. इसके बाद 8 मई, 2021 को दोनों पक्षों की बैठक में वार्ता को नए सिरे से गति दी गई, जिसके तहत मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के साथ-साथ निवेश संरक्षण समझौते (IPA) और भौगोलिक संकेतक (GI) पर भी सहमति बनी.

यूरोपीय संघ 27 देशों का एक विशाल विकसित बाजार है, जिसकी संयुक्त अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 23 लाख करोड़ डॉलर है. भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता होने से दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी.

99% प्रोडक्‍ट्स की ड्यूटी फ्री एंट्री

इस समझौते का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक रुकावटों को खत्म कर दोनों पक्षों के कारोबारियों के लिए बाजार की राह आसान बनाना है. भारत को अपने कुल निर्यात मूल्य के 99 प्रतिशत से ज्यादा उत्पादों पर यूरोपीय बाजार में शून्य या रियायती शुल्क (Duty-Free Access) का सीधा लाभ मिलेगा. इससे कपड़ा, चमड़ा, रत्न और आभूषण जैसे  क्षेत्रों को बड़े पैमाने पर फायदा पहुंचेगा.

यूरोपीय संघ से भारत आने वाले सामानों पर आयात शुल्क घटेगा. ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्रों में टैरिफ कटौती चरणबद्ध तरीके से लागू होगी. वहीं भारत ने अपने घरेलू कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों को सुरक्षित रखने का पूरा प्रबंध किया है.



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