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Minister Rekha Arya vs Girdhari Lal : उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब राजनीतिक तूफान बन गया है. एक तरफ मंत्री ने पति पर प्रताड़ना और धमकी देने के आरोप लगाए हैं, तो दूसरी तरफ गिरधारी साहू की ओर से 210 करोड़ रुपये की कथित बेनामी संपत्ति और सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए जाने से मामला और गंभीर हो गया है. इधर गिरधारी लाल साहू ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
रेखा आर्य बनाम गिरधारी लाल साहू.
नैनीताल (गौरव जोशी): उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद गहराता जा रहा है. अब साहू से जुड़े मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने सरकार को तीन दिन के भीतर अपना पक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं. गिरधारी लाल साहू ने अपने खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. आइए जानते हैं पूरा मामला.
क्या है पूरा विवाद
बीते 15 अक्तूबर को उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. उन्होंने मारपीट, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी के आरोप लगाए हैं. वहीं गिरधारी लाल साहू ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि जिस ऑडियो के आधार पर उनपर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह एआई से तैयार किया गया है. उन्होंने सीएम धामी से पूरे मामले की जांच करने की अपील की है. साथ ही उन्होंने रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं और उनकी संपत्ति की जांच की मांग की है. गिरधारी ने आरोप लगाया कि रेखा आर्या के पास लगभग 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है.
एफआईआर निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक की मांग
अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देते हुए गिरधारी लाल साहू ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. याचिका में उन्होंने एफआईआर को निरस्त करने के साथ ही गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है. याचिकाकर्ता की ओर से दर्ज मुकदमे को लेकर राहत देने का अनुरोध किया गया है. हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से तीन दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है. सरकार का पक्ष सामने आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी.
मंत्री की शिकायत पर दर्ज हुई प्राथमिकी
गौरतलब है कि इस मामले में शिकायतकर्ता स्वयं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या हैं. साहू की रेखा से शादी वर्ष 2004 हुई थी. मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि साहू ने जालसाज़ी कर अपने को अविवाहित बताकर उनसे शादी की, जबकि वह शादीशुदा थे. पुलिस स्तर पर मामले की जांच भी की जा रही है. हाईकोर्ट में याचिका दायर होने और राज्य सरकार से जवाब तलब किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. अब सरकार की ओर से अदालत में पेश किए जाने वाले जवाब और आगामी सुनवाई में होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी.