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सरकार के खिलाफ नसीरुद्दीन शाह के बयान पर सियासत तेज हो गई है. भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया और प्रवक्ता आरपी सिंह ने पलटवार किया है. उन्होंने दिग्गज एक्टर के ‘दिमागी नक्सली’ बयान पर आपत्ति जताई. दूसरी ओर, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने नसीरुद्दीन शाह का समर्थन किया है. दिग्गज एक्टर ने कुछ दिनों पहले वीडियो पोस्ट करके छात्रों के हक, सरकार के तौर-तरीकों पर हमला बोला था.
नसीरुद्दीन शाह ने खुद को दिमागी नक्सल कहा था. (फोटो साभार: IMDb)
नई दिल्ली: एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने केंद्र सरकार के काम के तौर-तरीकों पर हमला बोला है. उन्होंने छात्रों की पैरवी करते हुए खुद को ‘दिमागी नक्सली’ कहा, जिस पर विवाद बढ़ गया है. उन्होंने वीडियो में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया था कि युवाओं की हिम्मत तोड़ने, एजुकेशन सिस्टम को नुकसान पहुंचाने और लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए और क्या-क्या किया जाएगा. उन्होंने ‘एंटी-नेशनल’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे दिए गए टैग पर भी कड़ा पलटवार किया था. अब भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया और भाजपा के प्रवक्ता आरपी सिंह ने इस पर सवाल खड़े किए, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने दिग्गज एक्टर के बयान का समर्थन किया है.
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, ‘देखिए, भारत में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है और नसीरुद्दीन शाह कोई अकेले व्यक्ति तो हैं नहीं, जो सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं. उनके अलावा, काफी लोग सरकार के खिलाफ बोलते रहते हैं. वे अपने आपको नक्सली कह रहे हैं, उस पर मैं बस यही कहना चाहूंगा कि अमित शाह ने देश में नक्सलवाद खत्म करने का फैसला किया है. अगर नक्सली खत्म होंगे, तो उसमें ये श्रीमान जी का खात्मा भी होगा.’ भाजपा के प्रवक्ता आरपी सिंह ने एक्टर नसीरुद्दीन शाह के बयान को लेकर कहा, ‘मुझे लगता है कि उन्हें अपना इलाज करवाना चाहिए. वह सिलेक्टिव बोलते हैं, जब बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार थी और बहनों के साथ अत्याचार हो रहे थे, उस पर उन्होंने कभी कुछ नहीं बोला. मुझे लगता है कि उन्हें किसी दिमागी डॉक्टर को दिखाना चाहिए.’
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