दिलजीत दोसांझ से होटल में क्यों भरवाया गया C-Form? विदेशी नागरिकों के लिए भारत में क्या हैं नियम-कानून?

दिलजीत दोसांझ से होटल में क्यों भरवाया गया C-Form? विदेशी नागरिकों के लिए भारत में क्या हैं नियम-कानून?


एक और अहम बदलाव यह है कि 1 सितंबर 2025 से लागू नए Immigration and Foreigners Act और Immigration and Foreigners Rules के तहत पुराने Form C को अब Form III कहा गया है. यानी आज की कानूनी व्यवस्था में इसका आधिकारिक नाम Form III है, जबकि आम बोलचाल और होटल इंडस्ट्री में इसे अब भी C-Form कहा जाता है.

विदेशी नागरिकों के लिए C-Form क्यों जरूरी?
भारत में विदेशी नागरिकों के ठहरने की जानकारी दर्ज करने की जिम्मेदारी होटल या आवास उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठान की होती है. Immigration and Foreigners Act, 2025 की धारा 8 के मुताबिक, किसी आवासीय प्रतिष्ठान के ऑपरेटर को वहां ठहरने वाले विदेशी नागरिकों की निर्धारित जानकारी रजिस्ट्रेशन अधिकारी को देनी होती है. इसके साथ ही विदेशी नागरिक की भी जिम्मेदारी है कि वह होटल या संबंधित एस्टेबलिशमेंट को जानकारी उपलब्ध कराए.

इस नियम का मकसद विदेशी नागरिकों की आवाजाही और ठहरने का रिकॉर्ड बनाए रखना है. यह सिस्टम केवल पर्यटन के लिए आने वाले लोगों तक सीमित नहीं है. कारोबार, नौकरी, पढ़ाई, इलाज या दूसरे उद्देश्यों से भारत आने वाले विदेशी नागरिकों पर भी यह लागू होती है.

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझनी होगी. C-Form भरने और उसे सरकारी पोर्टल पर जमा करने की मुख्य जिम्मेदारी होटल या आवास उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठान की होती है. विदेशी नागरिक को होटल में पहुंचने पर अपनी जरूरी जानकारी देनी होती है और निर्धारित रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर करने होते हैं. इसके बाद होटल का प्रबंधन उस जानकारी को ऑनलाइन पोर्टल या निर्धारित मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए संबंधित रजिस्ट्रेशन अधिकारी तक पहुंचाता है.

यानी विदेशी नागरिक से जानकारी लेना और फॉर्म पर हस्ताक्षर कराना एक प्रक्रिया है, जबकि उसे सरकारी सिस्टम में जमा करने की जिम्मेदारी होटल संचालक की है. नए नियमों के तहत होटल को विदेशी नागरिक के आने के 24 घंटे के भीतर Form III की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जमा करनी होती है. सिर्फ आने की जानकारी ही नहीं, बल्कि विदेशी नागरिक के होटल से जाने के बाद उसकी रवानगी का रिकॉर्ड भी निर्धारित समय के अंदर ही जमा करना होता है.

इस फॉर्म में विदेशी नागरिक और उसके भारत में ठहरने से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जाती हैं. आमतौर पर इनमें नाम, पासपोर्ट नंबर, वीजा नंबर, राष्ट्रीयता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, होटल की डिटेल, यात्रा का मकसद भी बताना होता है. इसका मतलब है कि C-Form केवल पहचान का ही डॉक्युमेंट नहीं है. इसके जरिए विदेशी नागरिक की यात्रा और ठहरने से संबंधित जानकारी भी रिकॉर्ड की जाती है.

अगर कोई विदेशी नागरिक C-Form भरने से मना कर दे तो क्या होगा?
नए कानून के तहत विदेशी नागरिक की भी जिम्मेदारी है कि वह आवास संचालक को मांगी गई निर्धारित जानकारी उपलब्ध कराए. Immigration and Foreigners Act, 2025 की धारा 8(2) के मुताबिक, किसी आवास में ठहरने वाले विदेशी नागरिक को वहां के संचालक को आवश्यक जानकारी देनी होगी.

अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर इस कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं करता है, तो परिस्थितियों और लागू प्रावधानों के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. इसी तरह होटल संचालक भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता. उसे विदेशी नागरिक की जानकारी दर्ज करने और निर्धारित समय में संबंधित अधिकारी को भेजने का काम करना होता है.

कानून की धारा 23 में उन उल्लंघनों के लिए, जिनके लिए अलग से कोई खास सजा निर्धारित नहीं है, अधिकतम तीन साल की कैद या तीन लाख रुपये तक जुर्माने या फिर दोनों का प्रावधान है. हालांकि किसी विशेष मामले में कौन-सा प्रावधान लागू होगा, यह उल्लंघन की प्रकृति और फैक्ट्स पर निर्भर करेगा.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिलजीत दोसांझ आगरा के फाइव स्टार होटल में ठहरे थे. इसी दौरान होटल स्टाफ ने पाया कि उनके ठहरने से संबंधित C-फॉर्म की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी. इसके बाद होटल ने FRRO को इसकी जानकारी दी. रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ FRRO की टीम ने मामले में हस्तक्षेप किया और दिलजीत से जरूरी फॉर्मेलिटी पूरी कराईं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दिलजीत शुरुआत में फॉर्म भरने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने प्रक्रिया पूरी कर दी.

यहां पर दो बातें महत्वपूर्ण हैं. पहली तो यह कि C-Form किसी व्यक्ति की लोकप्रियता, पेशे या सेलिब्रिटी होने के आधार पर लागू नहीं होता. यह भारत में ठहरने वाले विदेशी नागरिकों के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया है. दूसरी यह कि किसी भी इंसान का भारतीय मूल का होना या भारत में लगातार आना-जाना उसे अपने आप भारतीय नागरिक नहीं बना देता है. अगर वह किसी दूसरे देश का नागरिक है, तो उस पर विदेशी नागरिकों के लिए लागू नियम लागू हो सकते हैं. OCI कार्ड होने पर भी अब फॉर्म-3 की प्रक्रिया से छूट नहीं है.

C-Form सुरक्षा और इमिग्रेशन का हिस्सा 
भारत में विदेशी नागरिकों के ठहरने का रिकॉर्ड रखना केवल होटल की औपचारिकता नहीं, बल्कि देश की इमिग्रेशन और सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है. सी-फॉर्म यानी मौजूदा नियमों का Form III सरकार को यह जानकारी उपलब्ध कराता है कि विदेशी नागरिक कहां ठहर रहे हैं और उनकी यात्रा का रिकॉर्ड क्या है.



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