चारधाम, मसूरी और नैनीताल जाने वालों को राहत… उत्तराखंड में होटल की तरह एडवांस में बुक कर सकेंगे पार्किंग स्लॉट

चारधाम, मसूरी और नैनीताल जाने वालों को राहत… उत्तराखंड में होटल की तरह एडवांस में बुक कर सकेंगे पार्किंग स्लॉट


Uttarakhand M-Park App: उत्तराखंड घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. अब चारधाम यात्रा, मसूरी, नैनीताल या कैंची धाम जाने पर पार्किंग के लिए घंटों भटकना नहीं पड़ेगा. जिस तरह आप होटल ऑनलाइन बुक करते हैं, उसी तरह अब अपनी गाड़ी के लिए पार्किंग स्लॉट भी पहले से बुक कर सकेंगे. परिवहन विभाग इस सुविधा के लिए एम-पार्क ऐप को नए रूप में पूरे प्रदेश में लागू करने जा रहा है.

यह ऐप पहले से ही देहरादून स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 27 पार्किंग ज़ोन में चल रहा था, लेकिन अब इसे राज्यस्तरीय बनाया जा रहा है. ऐप खोलते ही आपको आसपास खाली पार्किंग की लाइव जानकारी मिल जाएगी. यात्रा शुरू करने से पहले ही आप नैनीताल, मसूरी या देहरादून में अपनी पार्किंग बुक कर सकते हैं.

जीपीएस नेविगेशन और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा
बुक की गई पार्किंग तक पहुंचने के लिए ऐप सीधे गूगल मैप जैसा रास्ता दिखाएगा. पार्किंग फीस ऐप के वॉलेट से कटेगी. जितनी देर गाड़ी खड़ी रहेगी, उतना ही पैसा लगेगा. कैश की झंझट खत्म. पार्किंग रेट बोर्ड पर और ऐप पर साफ दिखेंगे. दोपहिया के लिए 20 रुपये प्रति घंटा और कार के लिए 30 रुपये प्रति घंटा से शुरुआत है.

परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे सबसे पहले देहरादून के घंटाघर, राजपुर रोड, पलटन बाज़ार जैसे भीड़ वाले इलाकों में पूरी तरह लागू किया जाएगा. इसके बाद इसे चारधाम यात्रा मार्गों, कैंची धाम और अन्य पर्यटन स्थलों पर भी शुरू किया जाएगा. इस पहल से न सिर्फ पर्यटकों को जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि सड़कों पर बेतरतीब खड़ी होने वाली गाड़ियों से लगने वाले जाम में भी भारी कमी आएगी.

दो से तीन महीने में जनता के लिए होगा लॉन्च
परिवहन विभाग को उम्मीद है कि अगले 2 से 3 महीने में नया अपडेटेड पार्किंग ऐप जनता के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा. ऐप पर उपयोगकर्ताओं को आसपास के पार्किंग स्थलों में उपलब्ध खाली जगह की जानकारी मिलेगी. यात्रा शुरू करने से पहले देहरादून, मसूरी या नैनीताल में पार्किंग बुक करने का विकल्प भी उपलब्ध होगा.

बुक किए गए स्थल तक पहुंचने के लिए ऐप में जीपीएस आधारित दिशा-निर्देश दिए जाएंगे. पार्किंग शुल्क का भुगतान ऐप के ज़रिए ऑनलाइन किया जा सकेगा. प्रस्तावित व्यवस्था में वाहन जितनी देर पार्किंग में खड़ा रहेगा, शुल्क उसी अवधि के अनुसार लगेगा. इससे नकद भुगतान की ज़रूरत कम होगी.

शुरुआती दरें और प्रमुख शहरों में विस्तार
पार्किंग स्थलों पर और ऐप में दरें स्पष्ट रूप से दिखाई जाएंगी. मिली जानकारी के अनुसार, शुरुआती दरें दोपहिया वाहनों के लिए 20 रुपये प्रति घंटा और कारों के लिए 30 रुपये प्रति घंटा होंगी. हालांकि, अलग-अलग पार्किंग स्थलों पर लागू दरों और बुकिंग की उपलब्धता की जानकारी ऐप पर देखी जा सकेगी. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अपडेटेड ऐप अगले दो से तीन महीनों में आम लोगों के लिए शुरू किए जाने की उम्मीद है. शुरुआत देहरादून के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से होगी, जबकि आगे चलकर प्रमुख पर्यटन केंद्रों को भी इससे जोड़ा जाएगा.

जाम और बेतरतीब पार्किंग से मिलेगी मुक्ति: परिवहन मंत्री
पर्यटन सीजन और यात्रा के व्यस्त दिनों में पार्किंग की कमी के कारण कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं. सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े वाहन भी यातायात बाधित करते हैं. विभाग को उम्मीद है कि उपलब्ध पार्किंग की अग्रिम जानकारी और बुकिंग से वाहन चालकों को जगह तलाशने में कम समय लगेगा और सड़कों पर दबाव घटेगा. परिवहन विभाग मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल (प्रदीप बत्रा) ने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन और अध्यात्म का केंद्र है.

उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन में अच्छी तादाद में यहां श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं. उन्होंने कहा जो भी यात्री यहां आते हैं उनकी यात्रा को सफल और सुगम बनाने के लिए पर्यटन और परिवहन विभाग प्रयासरत रहता है. उन्होंने कहा कि पार्किंग ऐप के साथ ही शटल सेवा पर भी विभाग काम कर रहा है. राज्यभर में सुविधा लागू होने के बाद पर्यटकों को होटल की तरह पार्किंग की योजना पहले से बनाने का विकल्प मिल सकेगा.



Source link