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Bihar Education News: बिहार के नए एसीएस सीके अनिल ने कार्यभार संभालते ही स्कूलों में शिक्षकों के जींस-टीशर्ट पहनने पर रोक लगा दी है. अब फॉर्मल ड्रेस अनिवार्य होगी. साथ ही दो दिनों में शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति की रिपोर्ट मांगी है. साथ ही कई आदेश जारी किए हैं.
शिक्षा विभाग में नए अपर मुख्य सचिव यानी ACS सीके अनिल ने कार्यभार संभालते ही एक्शन शुरू कर दिया है.
पटना: बिहार के शिक्षा विभाग में नए अपर मुख्य सचिव यानी ACS सीके अनिल ने कार्यभार संभालते ही एक्शन शुरू कर दिया है. उन्होंने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. इसके साथ ही शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के ड्रेस कोड को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. अब शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक जींस और टी-शर्ट पहनकर नहीं आ सकेंगे. उनके लिए फॉर्मल ड्रेस अनिवार्य कर दी गई है.
दो दिनों में शिक्षकों की हाजिरी का पूरा ब्यौरा मांगा
ACS सीके अनिल ने शिक्षकों की उपस्थिति व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) से रिपोर्ट मांगी है. निदेशक प्रशासन की ओर से इस संबंध में सभी जिलों को पत्र जारी किया गया है. अधिकारियों को दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति का पूरा आंकड़ा मांगा है. इसमें प्रतिदिन कितने शिक्षक इन और आउट उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं, इसकी जानकारी देनी होगी. इसके अलावा ऐसे शिक्षकों का भी ब्यौरा मांगा गया है, जो किसी भी दिन पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करते हैं. विभाग ने मार्क ऑन ड्यूटी (Mark on Duty) के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों की संख्या भी मांगी है. इन आंकड़ों के आधार पर उपस्थिति में गड़बड़ी करने और नियमित रूप से हाजिरी नहीं बनाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है.
स्कूलों में जींस-टीशर्ट पर रोक, फॉर्मल ड्रेस अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में अनुशासन और गरिमामय वातावरण बनाए रखने के लिए ड्रेस कोड को लेकर भी निर्देश जारी किया है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की पहल के बाद जारी आदेश के अनुसार सभी शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए फॉर्मल ड्रेस अनिवार्य होगी. जींस और टी-शर्ट पहनकर स्कूल आने पर रोक लगाई गई है.
स्कूलों में DJ और डिस्को पर भी सख्ती
विभाग ने स्कूलों में डीजे और डिस्को जैसे आयोजनों पर भी सख्त रुख अपनाया है. शिक्षा कैलेंडर में निर्धारित विशेष अवसरों पर ही नृत्य और संगीत के कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे. इसके अलावा ऐसे आयोजनों की सूचना मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सभी DEO और DPO को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों के स्कूलों में अनुशासन, शालीनता और गरिमामय शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना सुनिश्चित करें.