डिब्रूगढ़, 30 अक्टूबर 2026: रक्षा मंत्रालय के पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के तहत आने वाले पुनर्वास महानिदेशालय (DGR) ने 30 अक्टूबर 2026 को असम के डिब्रूगढ़ में पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार मेले का आयोजन किया. इस मेले का उद्देश्य सेना से सेवानिवृत्त हो चुके जवानों और अधिकारियों को दोबारा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें निजी क्षेत्र की कंपनियों से जोड़ना था.
इस रोजगार मेले में 434 से ज्यादा पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया. वहीं, 32 बड़ी राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी इसमें शामिल हुईं. इन कंपनियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में 350 से ज्यादा पदों पर नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए. इस पहल के जरिए सेना में काम करने के दौरान हासिल किए गए अनुभव, कौशल और नेतृत्व क्षमता को नागरिक क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ने की कोशिश की गई.
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने किया रोजगार मेले का उद्घाटन
रोजगार मेले का उद्घाटन मेजर जनरल विशाल पथानिया, SM, जीओसी 41 सब एरिया ने किया. इस मौके पर मेजर जनरल एसबीके सिंह, SM, महानिदेशक DGR और ब्रिगेडियर सौम्य बनर्जी, SM भी मौजूद रहे. इसके अलावा जालान इंडस्ट्रीज के निदेशक कर्नल पीके घोष (सेवानिवृत्त) और ग्रुप कैप्टन मोहंतो पांगिंग, VSM (सेवानिवृत्त) ने कॉरपोरेट गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
DGR Organises Ex-Servicemen Job Fair at Dibrugarh, Assam, Connecting Veterans with Employment Opportunities
वरिष्ठ अधिकारियों ने रोजगार मेले में आए पूर्व सैनिकों और कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की. इस दौरान नागरिक क्षेत्र में रोजगार के नए अवसरों, कंपनियों की जरूरतों और नौकरी पाने के लिए जरूरी कौशल पर चर्चा हुई. बातचीत में इस बात पर जोर दिया गया कि सेना में काम करने के दौरान सैनिकों में विकसित अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, अनुभव और पेशेवर कौशल निजी क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने में मददगार हो सकते हैं.
इन कंपनियों ने रोजगार मेले में लिया हिस्सा
इस रोजगार मेले में कई प्रमुख कंपनियों और संस्थानों ने हिस्सा लिया. इनमें ब्रह्मपुत्र क्रैकर्स एंड पॉलिमर्स, असम पेट्रो-केमिकल्स, इनोविजन गुवाहाटी, जालान इंडस्ट्रीज, ऑयल इंडिया, ICICI बैंक, डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी और उड़चलो सहित कई अन्य प्रतिष्ठित संगठन शामिल रहे. इस मेले ने पूर्व सैनिकों को अपनी तकनीकी, प्रबंधन, प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमता दिखाने के लिए एक साझा मंच दिया. वहीं, कंपनियों को भी प्रशिक्षित, अनुशासित और अनुभवी लोगों से सीधे जुड़ने का अवसर मिला.
पूर्व सैनिकों के पुनर्वास के लिए DGR की पहल
पुनर्वास महानिदेशालय (DGR) सेना से सेवानिवृत्त होने वाले और सेवानिवृत्त हो चुके जवानों एवं अधिकारियों को दोबारा रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रहा है. इसके तहत रोजगार उपलब्ध कराने, कौशल विकास, अपना कारोबार शुरू करने में मदद और निजी कंपनियों के साथ सहयोग जैसे कदम उठाए जाते हैं.
पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य पूर्व सैनिकों को सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ नागरिक जीवन में नई शुरुआत करने का अवसर देना है. सेना में देश की सेवा करने के बाद भी उनके अनुभव और क्षमताओं का इस्तेमाल दूसरे क्षेत्रों में किया जा सके, इसके लिए DGR लगातार प्रयास कर रहा है.
DGR ने निजी कंपनियों और उद्योग संगठनों से भी अपील की है कि वे पूर्व सैनिकों को रोजगार देने के लिए आगे आएं. सेना में काम करने के दौरान विकसित नेतृत्व क्षमता, ईमानदारी, अनुशासन और पेशेवर अनुभव कंपनियों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं. उद्योग जगत की अधिक भागीदारी से पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं और कंपनियों को भी अनुभवी कर्मचारी मिल सकते हैं.