अशोक गहलोत का IAS शिखर अग्रवाल पर हमला, बोले- ‘नाम के अनुरूप शिखर जैसा काम किया है’


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Ashok Gehlot vs Bhajanlal Sarkar : राजस्थान के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को एपीओ करने के मामले को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने आज सूबे की भजनलाल को घेर लिया. गहलोत ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए शिखर अग्रवाल मामले की जांच सीबीआई और ईडी से करानी की मांग की है. गहलोत ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. जानें गहलोत क्या-क्या कहा?

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अशोक गहलोत का तंज,  IAS शिखर ने नाम के अनुरूप शिखर जैसा काम किया हैZoom

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर कई तरह के आरोप लगाए हैं.

जयपुर. राजस्थान के वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट IAS शिखर अग्रवाल को APO किए जाने के बाद यह मामला अब सियासी हो गया है. पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने शिखर अग्रवाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. गहलोत ने 40 विला एक साथ लेने की खबर को चौंकाने वाला बताया. उन्होंने कहा कि शिखर नाम के अनुरूप शिखर जैसा काम किया है. गहलोत ने पूरे मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है. गहलोत ने दावा कि मुख्यमंत्री के करीब तीन साल के कार्यकाल का सबसे बड़ा घोटाला है.

गहलोत ने शुक्रवार को जयपुर में प्रेस कॉफ्रेंन्स करके सूबे की भजनलाल सरकार और बीजेपी पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद अधिकारियों को छूट मिली हुई है. गहलोत ने बैठक में हुए फैसलों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारियों ने जानबूझकर भ्रष्टाचार की हदें पार कीं. उन्होंने इस पूरे मामले में साजिश के तहत फैसले लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों के फैसले खुद पूरी कहानी बयां कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री के कार्यकाल में और भी कई घोटाले हो रहे होंगे
गहलोत ने मुख्यमंत्री के सामने हुए एक कथित विवाद का भी जिक्र करते हुए विवाद से जुड़े आईजी की उदयपुर में पोस्टिंग पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि अधिकारी को सजा देने के बजाय अच्छी पोस्टिंग दी गई. मुख्यमंत्री के कार्यकाल में और भी कई घोटाले हो रहे होंगे. गहलोत यहीं नहीं थमे और उन्होंने उदयपुर विकास प्राधिकरण में भी भ्रष्टाचार और वसूली का आरोप लगाया. यूडीए को वसूली का अड्डा बताते हुए दलालों के नेटवर्क का भी जिक्र किया.

सीबीआई और ईडी को सौंपी जाए जांच
उन्होंने कहा कि यह पूरा खेल शिखर अग्रवाल के कलेक्टर रहते शुरू हुआ था. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को खुद आगे आकर कार्रवाई करनी चाहिए. इसमें केवल एफआईआर से काम नहीं चलेगा. इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है. उन्होंने शिखर अग्रवाल पर लगे आरोप की जांच सीबीआई और ईडी को सौंपने की मांग उठाई और कहा कि विदेश में बैठे संबंधित आईएएस पति को तत्काल भारत लौटकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा.

मुख्यमंत्री को रिश्तेदारों को सत्ता और प्रशासन से दूर रखना चाहिए
अशोक गहलोत ने इस दौरान राजस्थान में कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए भ्रष्टाचार और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल दागे.उन्होंने मुख्यमंत्री को दी गई अपनी पुरानी सलाह का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को रिश्तेदारों को सत्ता और प्रशासन से दूर रखना चाहिए. मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों के नाम भी विवादों में आ रहे हैं. उन्होंने प्रमोद शर्मा का नाम लेकर सरकार पर सवालिया निशान लगाए. उन्होंने दावा कि प्रमोद शर्मा जयपुर में घूम रहे हैं, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में फरार हैं. उनके कार्यकाल में प्रमोद शर्मा को भरतपुर में पकड़ा गया था.

सीएम को अपनी ही पार्टी के विधायक की शिकायत पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए
बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा की ओर से जयपुर पुलिसिंग को लेकर की गई टिप्पणी पर गहलोत ने कहा कि सिविल लाइंस विधायक ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने बीजेपी विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के जयपुर में सिविल लाइन स्थित बंगले पर हुई चोरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि विधायक के घर में चोर बेखौफ होकर घूमता रहा. इससे साफ है कि प्रदेश में अपराधियों के मन से पुलिस का भय खत्म हो गया है. मुख्यमंत्री को अपनी ही पार्टी के विधायक की शिकायत पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए.



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