UP TGT PGT Recruitment Protest: उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे प्रतियोगी छात्र-छात्राओं का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. टीजीटी और पीजीटी भर्ती पुरानी नियमावली से कराने की मांग को लेकर प्रयागराज में शिक्षा निदेशालय परिसर के अंदर चल रहा धरना लगातार चौथे दिन भी जारी है. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उन्होंने पुराने नियमों और परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयारी की थी लेकिन अब नई नियमावली से भर्ती शुरू होने के कारण उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं. उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीजीटी के 17,735 पदों पर नई नियमावली के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू की है. वहीं पीजीटी भर्ती का विज्ञापन 15 सितंबर को जारी हुआ था और आवेदन की अंतिम तारीख भी निकल चुकी है. नाराज छात्र-छात्राएं सरकार और आयोग से पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती का एक अवसर देने की मांग कर रहे हैं. छात्रों का दावा है कि इस बदलाव से सात लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है.
प्रयागराज में चौथे दिन भी जारी रहा छात्रों का धरना
उत्तर प्रदेश में टीजीटी और पीजीटी शिक्षक भर्ती को लेकर प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी है. प्रयागराज स्थित शिक्षा निदेशालय परिसर के अंदर सैकड़ों छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे हैं.प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांग है कि टीजीटी और पीजीटी भर्ती पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर कराई जाए. छात्रों का कहना है कि नई नियमावली लागू होने से उनकी वर्षों की तैयारी प्रभावित हो रही है.इसी मांग को लेकर प्रतियोगी छात्र-छात्राएं लगातार आंदोलन कर रहे हैं. वे चाहते हैं कि सरकार और आयोग उनकी समस्या को समझें और उन्हें पुराने नियमों के आधार पर भर्ती में शामिल होने का एक अवसर दिया जाए.
मुख्य गेट बंद, पुलिस ने लगाए बैरिकेड
छात्रों के आंदोलन के बीच शिक्षा निदेशालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है. शिक्षा निदेशालय के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया है.पुलिस ने मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर दी है और बाहर से परिसर के अंदर जाने पर रोक लगा दी है हालांकि प्रतियोगी छात्र-छात्राओं का धरना शिक्षा निदेशालय परिसर के अंदर ही चल रहा है. प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर वहां डटे हुए हैं.मुख्य गेट बंद होने और पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण परिसर में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है.
टीजीटी के 17,735 पदों पर नई नियमावली से भर्ती शुरू
प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन की मुख्य वजह टीजीटी भर्ती के लिए लागू की गई नई नियमावली है.उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीजीटी के 17,735 पदों पर नई नियमावली के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है.इसी बदलाव को लेकर प्रतियोगी छात्र-छात्राएं नाराज हैं. उनका कहना है कि वे पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयारी कर रहे थे.अब नई नियमावली के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई है. यही वजह है कि छात्र पुरानी व्यवस्था के तहत भर्ती कराने की मांग कर रहे हैं.
पीजीटी भर्ती का विज्ञापन 15 सितंबर को हुआ था जारी
टीजीटी के साथ पीजीटी भर्ती को लेकर भी प्रतियोगी छात्र-छात्राएं आंदोलन कर रहे हैं.पीजीटी भर्ती का विज्ञापन 15 सितंबर को जारी किया गया था. इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख भी समाप्त हो चुकी है.ऐसे में प्रतियोगी छात्रों की मांग है कि टीजीटी के साथ पीजीटी भर्ती में भी पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न को लागू किया जाए.छात्रों का कहना है कि उन्हें पुराने नियमों के अनुसार भर्ती में शामिल होने का कम से कम एक अवसर दिया जाना चाहिए.
छात्रों की मांग, पुराने नियमों से भर्ती का एक मौका मिले
आंदोलन कर रहे प्रतियोगी छात्र-छात्राओं की सबसे बड़ी मांग पुरानी नियमावली से भर्ती कराने की है.उनका कहना है कि टीजीटी और पीजीटी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को पुराने नियमों और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर एक अवसर दिया जाए.छात्र इसी मांग को लेकर शिक्षा निदेशालय परिसर में धरने पर बैठे हैं. आंदोलन के चौथे दिन भी उनकी मांगों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया में हुए बदलाव पर सरकार और आयोग विचार करें ताकि पुरानी व्यवस्था के अनुसार तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को मौका मिल सके.
सात लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित
टीजीटी और पीजीटी भर्ती को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का दावा है कि नई नियमावली लागू होने से सात लाख से ज्यादा प्रतियोगी छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है.प्रदर्शनकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में उम्मीदवार पुरानी नियमावली और परीक्षा पैटर्न के आधार पर शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे थे.ऐसे में नई नियमावली के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से उनकी तैयारी और भर्ती में शामिल होने की संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं.
पुरानी नियमावली और नए नियमों को लेकर क्यों है विवाद?
टीजीटी और पीजीटी भर्ती में विवाद की मुख्य वजह पुरानी और नई नियमावली को लेकर छात्रों की आपत्ति है.छात्रों का कहना है कि भर्ती पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर कराई जानी चाहिए. दूसरी ओर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीजीटी भर्ती की प्रक्रिया नई नियमावली के तहत शुरू कर दी है.यही बदलाव प्रतियोगी छात्रों के विरोध की वजह बना हुआ है.
शिक्षा निदेशालय के अंदर डटे हैं प्रतियोगी छात्र
प्रयागराज में शिक्षा निदेशालय परिसर के अंदर सैकड़ों प्रतियोगी छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं.
आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी है. इस दौरान शिक्षा निदेशालय का मुख्य गेट बंद कर दिया गया है और पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर बाहर से प्रवेश रोक दिया है.इसके बावजूद परिसर के अंदर मौजूद छात्र-छात्राएं अपनी मांगों पर डटे हुए हैं.उनका कहना है कि टीजीटी और पीजीटी भर्ती पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न से कराई जाए तथा अभ्यर्थियों को एक अवसर दिया जाए.
अब छात्रों की नजर सरकार और आयोग के फैसले पर
उत्तर प्रदेश में टीजीटी और पीजीटी भर्ती को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब चौथे दिन में पहुंच गया है.एक तरफ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीजीटी के 17,735 पदों पर नई नियमावली से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है. दूसरी तरफ पीजीटी भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद आवेदन की अंतिम तारीख भी समाप्त हो चुकी है.
इसी बीच प्रतियोगी छात्र-छात्राएं पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.प्रदर्शनकारियों का दावा है कि नई व्यवस्था से सात लाख से ज्यादा उम्मीदवार प्रभावित हो सकते हैं. फिलहाल प्रयागराज के शिक्षा निदेशालय परिसर में प्रतियोगी छात्रों का धरना जारी है. छात्रों की मांग है कि टीजीटी और पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर उन्हें एक अवसर दिया जाए. अब देखना होगा कि सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग इस मांग पर क्या फैसला लेते हैं.