NEET PG 2026 General Medicine vs Radiology Trends: नीट पीजी के 501 टॉपर्स ने किस कोर्स में एडमिशन लिया? मेडिकल लाइन पर दिखने लगा AI का असर

NEET PG 2026 General Medicine vs Radiology Trends: नीट पीजी के 501 टॉपर्स ने किस कोर्स में एडमिशन लिया? मेडिकल लाइन पर दिखने लगा AI का असर


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NEET PG 2026 General Medicine vs Radiology Trends: नीट पीजी 2026 काउंसलिंग के पहले राउंड में टॉपर्स ने एमडी जनरल मेडिसिन को पहली पसंद बनाया है. पिछले कुछ सालों में नंबर 1 पर रहा रेडियोलॉजी कोर्स इस साल पीछे छूट गया है. जानिए नीट पीजी की टॉप 501 सीटों का पूरा एनालिसिस.

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NEET PG 2026 Counselling: नीट पीजी टॉपर्स ने रेडियोलॉजी को दूसरे नंबर पर पहुंचा दिया है

नई दिल्ली (NEET PG 2026). नीट पीजी 2026 के पहले राउंड की सीट आवंटन के आंकड़े आ चुके हैं. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने नीट पीजी 2026 काउंसलिंग से जुड़े आंकड़े शेयर किए हैं. इस डेटा ने 2026 के मेडिकल ट्रेंड्स को लेकर नई बहस छेड़ दी है. इस बार के काउंसलिंग रिजल्ट में देश के टॉप उम्मीदवारों ने क्लिनिकल स्पेशलिटीज में जबरदस्त रुचि दिखाई है. इसमें एमडी जनरल मेडिसिन ने बाजी मारते हुए टॉपर्स की पहली पसंद का ताज अपने नाम किया है.

नीट पीजी के टॉप 501 उम्मीदवारों का एनालिसिस करने पर स्पष्ट होता है कि लगभग आधे यानी 46.5% टॉपर्स ने जनरल मेडिसिन की सीट चुनी है. वहीं, रेडियोलॉजी 29.7% अलॉटमेंट के साथ दूसरे नंबर पर है. एक तरफ कोर क्लिनिकल ब्रांच और ह्यूमन टच का भरोसा दिख रहा है. वहीं डायग्नोस्टिक्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव को लेकर डॉक्टरों के मन में भविष्य की सुरक्षा की चिंता देखी जा रही है. जानिए इस बार नीट पीजी टॉपर्स ने ट्रेडिशनल मेडिसिन पर दांव क्यों लगाया.

टॉप 501 उम्मीदवारों की पहली पसंद बना जनरल मेडिसिन

MCC के राउंड 1 के एनालिसिस के मुताबिक, कुल 28723 सीटों में से देश के टॉप 501 उम्मीदवारों का डेटा यहां चेक कर सकते हैं:

  • एमडी जनरल मेडिसिन: टॉप 501 में से 233 उम्मीदवारों ने यह कोर्स चुना. यह कुल अलॉटमेंट का 46.5% है. अगर केवल टॉप 100 की बात करें तो वहां भी 51 सीटें इसी विषय को गईं.
  • एमडी रेडियो-डायग्नोसिस (रेडियोलॉजी): पिछले कुछ सालों से लगातार टॉप पर रहने वाली रेडियोलॉजी ब्रांच इस बार दूसरे पायदान पर रही. इस कोर्स के लिए 149 सीटें (29.7%) अलॉट हुईं (टॉप 100 में इसे 28 सीटें मिलीं).
इन दोनों प्रमुख स्पेशलिटीज का दबदबा ऐसा रहा कि टॉप 501 में से अकेले इन दोनों को मिलाकर 382 सीटें (लगभग 76.2%) आवंटित हुईं. जनरल मेडिसिन में रेडियोलॉजी के मुकाबले लगभग 1.6 गुना ज्यादा अभ्यर्थियों ने रुचि दिखाई.
स्पेशलिटी/कोर्स आवंटित सीटें (501 में से)
एमडी जनरल मेडिसिन 233
एमडी रेडियो-डायग्नोसिस/रेडियोलॉजी 149
एमडी डर्मेटोलॉजी 37
एमएस जनरल सर्जरी 25
एमएस ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी (स्त्री रोग) 15
(NBEMS) जनरल मेडिसिन 10
एमडी न्यूक्लियर मेडिसिन 9
एमडी पीडियाट्रिक्स (बाल चिकित्सा) 7
एमएस ऑर्थोपेडिक्स (हड्डी रोग) 6

क्या इस बदलाव के पीछे AI का असर है?

मेडिकल जगत में एआई और ऑटोमेशन का दखल बढ़ रहा है. रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी जैसे क्षेत्रों में एआई टूल्स एक्स-रे, MRI और सीटी स्कैन की शुरुआती रिपोर्टिंग में आगे आ रहे हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI भले ही मेडिकल डायग्नोस्टिक्स में क्रांति ला रहा है, लेकिन डॉक्टर और मरीज के बीच संवाद, कॉम्प्लेक्स बीमारियों के डायग्नोसिस और क्लिनिकल जजमेंट मशीन के बस में नहीं है. स्टूडेंट्स भविष्य की सुरक्षा और ह्यूमन टच वाले कोर क्लिनिकल फील्ड यानी जनरल मेडिसिन की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं.

नीट पीजी राउंड 1 काउंसलिंग के बाद आगे क्या?

अगर किसी उम्मीदवार को नीट पीजी काउंसलिंग के पहले राउंड में मनपसंद सीट नहीं मिली है तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है:

  • अपग्रेडेशन का ऑप्शन: जो उम्मीदवार अपनी अलॉटेड सीट से संतुष्ट नहीं हैं, वे ‘अपग्रेडेशन’ का विकल्प चुनकर राउंड 2 में भाग ले सकते हैं.
  • वर्चुअल वैकेंसी: काउंसलिंग के नियमों के मुताबिक, राउंड 2 में वर्चुअल वैकेंसी का मतलब यह नहीं होता कि सीट खाली है. यह इस पर निर्भर करता है कि पहले राउंड के स्टूडेंट्स अपनी सीट छोड़ते हैं या उसे अपग्रेड करते हैं.
  • सटीक जानकारी के लिए: मेडिकल स्टूडेंट्स केवल ऑफिशियल वेबसाइट (MCC Portal) पर जारी गाइडलाइंस पर ही भरोसा करें.



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