कोच्चि मर्सिडीज केस: आरोपी जज से 3 घंटे पूछताछ, हाईकोर्ट की जांच पर नजर
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Kochi Judge Mercedes Case: कोच्चि में लग्जरी मर्सिडीज कार से हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने न्यायपालिका से लेकर पुलिस महकमे तक हड़कंप मचा दिया है. 17 साल के नाबालिग बेटे द्वारा स्कूटर सवार बुजुर्ग दुकानदार को रौंदने के मामले में आरोपी बने अतिरिक्त जिला जज से पुलिस ने घंटों तक तीखे सवाल पूछे. इस हाई-प्रोफाइल हिट-एंड-रन केस में निष्पक्षता पर उठते सवालों के बीच गाज सीधे पुलिस अफसरों पर गिरी है.
कोच्चि हिट एंड रन केस में आरोपी जज से पुलिस ने पूछताछ की है.
Kochi Mercedes Hit And Run Case: एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश से पुलिस ने 28 अक्टूबर को लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की. उनके 17 वर्षीय बेटे के शामिल होने वाले एक सड़क हादसे में चेरानल्लूर में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई थी. न्यायाधीश को 29 अक्टूबर को फिर से बुलाया गया है. यह हादसा 25 अक्टूबर को तड़के करीब 2:20 बजे कोच्चि के पास चेरानल्लूर में कंटेनर रोड पर हुआ. 55 वर्षीय जयाबालकृष्णन सड़क किनारे अपनी खाने-पीने की दुकान बंद करके घर लौट रहे थे, तभी एक मर्सिडीज-बेंज ने उनके स्कूटर को टक्कर मार दी. बताया जा रहा है कि यह कार जज के नाबालिग बेटे द्वारा चलाई जा रही थी.
उनकी मौके पर ही मौत हो गई. वे अपने पीछे अपनी पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं. इस मामले में आरोपी बनाए गए जज को 28 अक्टूबर दोपहर करीब 2:40 बजे अलुवा पुलिस क्लब बुलाया गया था. पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया. यह मामला इसलिए चर्चा में है, क्योंकि इसमें एक कार्यरत न्यायिक अधिकारी का नाबालिग बेटा शामिल है. पुलिस हादसे से जुड़ी परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की कथित भूमिका की जांच कर रही है.
इस बीच, ऐसी खबरें सामने आई हैं कि केरल हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति ने जज के खिलाफ तुरंत कोई कार्रवाई न करने का फैसला किया है. समिति पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर दो दिन बाद इस मामले पर विचार करेगी. यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब त्रिशूर जिले के प्रभारी उच्च न्यायालय के जज ने अतिरिक्त जिला जज को निलंबित करने की सिफारिश की थी. हालांकि, प्रशासनिक समिति ने फैसला किया कि आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार किया जाना चाहिए. इस फैसले से पता चलता है कि समिति न्यायिक अधिकारी के खिलाफ कोई कदम उठाने से पहले तथ्यों को स्पष्ट करना चाहती है. उम्मीद है कि जांच के हिस्से के रूप में पुलिस जज से पूछताछ जारी रखेगी.
29 अक्टूबर को उनके पेश होने से जांचकर्ताओं को हादसे से जुड़ी परिस्थितियों और उन पर लगे आरोपों को स्पष्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है. इस मामले ने हादसे में शामिल लोगों के आचरण और जांच की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जज के खिलाफ आगे की कार्रवाई अधिकारियों के सामने रखे जाने वाले नतीजों पर निर्भर करेगी. इसी मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में जिस स्थानीय थाने में केस दर्ज किया गया था, वहां तैनात चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, और कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त का 28 अक्टूबर को तबादला कर दिया गया.