Indian Students Overseas Education Trends 2026: विदेश में पढ़ाई का बदला ट्रेंड, अब डिग्री के बजाय इन 3 फैक्टर्स पर दांव लगा रहे हैं भारतीय

Indian Students Overseas Education Trends 2026: विदेश में पढ़ाई का बदला ट्रेंड, अब डिग्री के बजाय इन 3 फैक्टर्स पर दांव लगा रहे हैं भारतीय


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Indian Students Overseas Education Trends 2026: आईडीपी एजुकेशन की लेटेस्ट ‘इमर्जिंग फ्यूचर्स’ रिपोर्ट के अनुसार, विदेश में पढ़ाई के लिए भारतीय स्टूडेंट्स की प्रायोरिटी बदल गई है. अब बच्चे सिर्फ डिग्री के पीछे नहीं भाग रहे हैं. उनका मुख्य फोकस पोस्ट-स्टडी जॉब्स, एआई स्किल्स और मल्टीपल कंट्री बैकअप पर है.

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Indian Students Abroad Education Trends: भारतीय डिग्री या देश से ज्यादा महत्व भविष्य को दे रहे हैं

नई दिल्ली (Indian Students Overseas Education Trends 2026): अगर आप या आपके घर में कोई विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देख रहा है तो यह खबर बहुत काम की है. इंटरनेशनल एजुकेशन सर्विस प्रोवाइडर और IELTS के को-ओनर IDP एजुकेशन ने अपनी लेटेस्ट ‘इमर्जिंग फ्यूचर्स – वॉइस ऑफ द इंटरनेशनल स्टूडेंट’ रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय स्टूडेंट्स अब सिर्फ ‘विदेश जाने’ के नाम पर किसी भी देश का रुख नहीं कर रहे हैं. उनकी सोच में बड़ा बदलाव आया है.

दुनियाभर के 106 देशों और क्षेत्रों के 4,800 से अधिक स्टूडेंट्स पर किए गए सर्वे में सबसे बड़ी भागीदारी (994 छात्र) भारतीय स्टूडेंट्स की रही. इस रिपोर्ट से बेहद दिलचस्प ट्रेंड्स सामने आए हैं. इनसे साबित होता है कि भारतीय युवा अब प्रैक्टिकल और फ्यूचर-रेडी होकर अपने फैसले ले रहे हैं. मौजूदा पीढ़ी के ज्यादातर स्टूडेंट्स सिर्फ देश या यूनिवर्सिटी के नाम पर विदेश का रुख नहीं कर रहे हैं. वे डिग्री को भी बहुत प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं. वे जिंदगी का इतना बड़ा फैसला सिर्फ फ्यूचर को ध्यान में रखकर ले रहे हैं.

पढ़ाई से ज्यादा ‘नौकरी और करियर’ की चिंता

ग्लोबल लेवल पर देखा जाए तो दुनियाभर के 23% स्टूडेंट्स के लिए विदेश में पढ़ाई का फैसला लेते समय सबसे बड़ा मुद्दा वहां का ‘रहने का खर्च’ होता है. लेकिन भारतीय स्टूडेंट्स की कहानी अलग है. 22% भारतीय छात्रों के लिए सबसे बड़ा फैक्टर है कि पढ़ाई खत्म होने के बाद ‘पोस्ट-स्टडी वर्क अपॉर्चुनिटी’ यानी काम करने के कितने मौके मिलेंगे. भारतीय स्टूडेंट्स अब डिग्री से ज्यादा इस पर फोकस कर रहे हैं कि पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके करियर का क्या भविष्य होगा.

AI और टेक स्किल्स को लेकर सबसे आगे भारतीय

टेक्नोलॉजी के इस नए दौर में भारतीय युवा काफी स्मार्ट सोच रख रहे हैं. इस सर्वे में 47% भारतीय छात्रों ने माना कि भविष्य की नौकरियों में सफलता पाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी स्किल्स बेहद जरूरी हैं. यह आंकड़ा ग्लोबल एवरेज (42%) से कहीं अधिक है. इसका सीधा मतलब है कि भारतीय स्टूडेंट्स उन कोर्स और देशों को चुनना पसंद कर रहे हैं, जो उन्हें नई टेक्नोलॉजी और एआई-रेडी स्किल्स में मास्टर बना सकें.

वीजा नियमों का डर: अब सिर्फ ‘एक देश’ के भरोसे नहीं बैठे युवा

आज-कल कई देशों (जैसे कनाडा, यूके या ऑस्ट्रेलिया) में वीजा नियमों और इमिग्रेशन पॉलिसीज में लगातार बदलाव हो रहे हैं. इस अनिश्चितता से बचने के लिए भारतीय स्टूडेंट्स ने नया तरीका निकाला है- मल्टीपल ऑप्शंस का बैकअप रखना. रिपोर्ट के मुताबिक, 74% संभावित भारतीय स्टूडेंट्स अब एक साथ कई देशों के विकल्प (Multiple Study Destinations) तलाश रहे हैं. अगर किसी एक देश के नियम सख्त हों तो उनका साल और भविष्य खराब नहीं होगा.



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