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Rajasthan IAS Shikhar Agrawal APO Madan Rathore And Dotasara Statement: राजस्थान में सीनियर आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल के एपीओ होने पर सियासी घमासान छिड़ गया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ आमने-सामने आ गए हैं. डोटासरा के मुताबिक, अधिकारियों के बीच भी एक-दूसरे को निपटाने की लड़ाई चल रही है. मंत्री और विधायक भी इस मामले में पीछे नहीं हैं. बारां में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह राठौड़ ने डोटासरा के आरोपों पर जवाब दिया. उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि डोटासरा पहले अपने गिरेबान में झांकें.
IAS शिखर अग्रवाल पर गोविंद डोटासरा बनाम मदन राठौड़
शिखर अग्रवाल को कार्मिक विभाग ने 28 अक्टूबर को आदेश जारी कर एपीओ कर दिया था. उन्हें आगामी पदस्थापन आदेशों तक प्रतीक्षा में रखा गया है. वह सरकार के कई अहम विभागों और संस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. उनके एपीओ होने के बाद अब इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है.
डोटासरा बोले- प्रदेश में भ्रष्टाचार का नंगा नाच हो रहा है
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने शिखर अग्रवाल को एपीओ किए जाने के मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं. डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार का नंगा नाच हो रहा है और मंत्री से लेकर ब्यूरोक्रेट्स तक इसमें लिप्त हैं. डोटासरा के मुताबिक, अधिकारियों के बीच भी एक-दूसरे को निपटाने की लड़ाई चल रही है. मंत्री और विधायक भी इस मामले में पीछे नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पहले एक मुख्य सचिव को राजस्थान से हटाया गया और अब वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को एपीओ कर दिया गया है.
बारां में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह राठौड़ ने डोटासरा के आरोपों पर जवाब दिया. उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि डोटासरा पहले अपने गिरेबान में झांकें. राठौड़ ने आरोप लगाया कि अखंड भ्रष्टाचार में डूबा व्यक्ति दूसरों से सवाल कर रहा है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के पिछले शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय के अधिकारी और मंत्री जेल गए हैं. इस बयान के साथ ही शिखर अग्रवाल के एपीओ होने को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं.
राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को एपीओ कर दिया है
ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स पर भी उठाए सवाल
डोटासरा ने ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने पूछा कि ये एजेंसियां कांग्रेस को डराने के लिए हैं या भ्रष्टाचार रोकने के लिए. रिसोर्ट नीलामी और महिंद्र सेज प्रकरण का जिक्र करते हुए भी कांग्रेस ने सवाल उठाए. डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में उन्हें मगरमच्छ नहीं मिले, जबकि भाजपा में मगरमच्छों को पकड़ने की हिम्मत नहीं हो रही है. उन्होंने शिखर अग्रवाल के एपीओ होने को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर भाजपा के भीतर ही सवाल उठ रहे हैं.
कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे शिखर अग्रवाल
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों और संस्थाओं में जिम्मेदारी संभाल रहे थे. वह उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे. इसके साथ ही राजकीय उपक्रम और विनियोजन विभाग की जिम्मेदारी भी उनके पास थी. अग्रवाल रीको के अध्यक्ष, राजसीको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और निवेश संवर्धन ब्यूरो से जुड़े अहम पदों पर भी कार्यरत थे. दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर और भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण से जुड़े काम भी उनके जिम्मे थे. कार्मिक विभाग ने 28 अक्टूबर को आदेश जारी कर उन्हें आगामी पदस्थापन आदेशों तक प्रतीक्षा में रखने के निर्देश दिए हैं. आदेश में एपीओ किए जाने के पीछे प्रशासनिक कारणों का उल्लेख किया गया है.
शिखर अग्रवाल के एपीओ होने पर सियासत गर्म
शिखर अग्रवाल को एपीओ किए जाने के फैसले के बाद मामला अब राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गया है. डोटासरा ने भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए भाजपा सरकार को घेरा, जबकि मदन राठौड़ ने कांग्रेस के पिछले शासनकाल का हवाला देकर पलटवार किया. एक तरफ कांग्रेस रिसोर्ट नीलामी और महिंद्र सेज प्रकरण को लेकर सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस के पुराने मामलों का जिक्र कर रहे हैं. फिलहाल शिखर अग्रवाल के एपीओ होने के आदेश में प्रशासनिक कारण बताए गए हैं, जबकि इस फैसले को लेकर दोनों दलों के नेताओं के बीच राजनीतिक तकरार तेज हो गई है.