‘ग्रीन पटाखे भी छोड़ते हैं 70% धुआं’: दिल्ली में प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
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Delhi Crackers News: दीपावली की दहलीज पर खड़ी दिल्ली की आबोहवा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जाहिर की है. दिल्ली-एनसीआर में गहराते वायु प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए साफ कहा कि पटाखों का धुआं प्रदूषण का स्तर बढ़ाना तय करता है.
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर सख्त निगरानी और एक्शन के निर्देश दिए हैं. (फाइल फोटो)
Delhi Crackers News: दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान पटाखों से होने वाले प्रदूषण पर चिंता जताई गई. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि पटाखे जलाने से दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ना तय है. सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर चिंता जताई और कहा कि दशहरे के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बढ़कर 241 तक पहुंच गया. उन्होंने कहा कि कम जश्न के बावजूद दिल्ली की हवा प्रदूषित हुई है.
एमिकस क्यूरी ने ग्रीन पटाखों को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ग्रीन पटाखे पूरी तरह प्रदूषण मुक्त नहीं हैं और इनसे होने वाला उत्सर्जन सामान्य पटाखों की तुलना में केवल 30 प्रतिशत कम होता है. उन्होंने पिछले साल पटाखों को दी गई छूट के आकलन पर भी सवाल उठाए. सुनवाई के दौरान प्रतिबंधित पटाखे जलाए जाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली टीमों के पास पर्याप्त आंकड़े नहीं होने की दलील भी सामने आई.
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या याचिकाकर्ता पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं. इससे पहले अदालत ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से कुछ पटाखों को उनके शोर के स्तर के आधार पर सीमित छूट देने की संभावना पर विचार करने को कहा था. सुनवाई में पटाखों से होने वाले वायु प्रदूषण और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.
वहीं, दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने प्रदूषण से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कमर कस ली है. उनके मुताबिक, दिल्ली में BS-VI मानकों से नीचे के बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है. इसके अलावा, ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए सरकारी कार्यालयों में अलग-अलग समय पर काम शुरू करने की व्यवस्था लागू की गई है.
ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि निर्माण स्थलों के आसपास एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं और दिल्ली में कुल 608 एंटी-स्मॉग गन मौजूद हैं. सुनवाई के दौरान अदालत के सामने प्रदूषण नियंत्रण के उपायों, पटाखों से होने वाले उत्सर्जन और प्रतिबंधों के पालन से जुड़े मुद्दे उठे.
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