Bihar Tender Scam ED, IAS News: टेंडर घोटाले में आए 2 IAS के नाम, एक ने पढ़ा इतिहास, दूसरे ने की MTech, कौन हैं धर्मेंद्र कुमार और संतोष मल्ल?

Bihar Tender Scam ED, IAS News: टेंडर घोटाले में आए 2 IAS के नाम, एक ने पढ़ा इतिहास, दूसरे ने की MTech, कौन हैं धर्मेंद्र कुमार और संतोष मल्ल?


Bihar IAS Officers Profile: बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले की जांच के बीच दो आईएएस अधिकारी चर्चा में हैं. इनमें एक हैं 2013 बैच के धर्मेंद्र कुमार और दूसरे 1997 बैच के संतोष कुमार मल्ल. दोनों बिहार कैडर के अधिकारी हैं, लेकिन उनकी पढ़ाई और प्रशासनिक सफर अलग-अलग रहे हैं. धर्मेंद्र कुमार ने पटना विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई की है, जबकि संतोष कुमार मल्ल ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक किया है. प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने धर्मेंद्र कुमार से करीब छह घंटे पूछताछ की है. वहीं संतोष कुमार मल्ल को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है. जानिए दोनों अधिकारी कब आईएएस बने, कहां-कहां तैनात रहे और मामला क्या है.

बिहार के टेंडर मामले में क्यों चर्चा में हैं दोनों आईएएस?

बिहार में ठेकेदार रिशु श्री से जुड़े कथित टेंडर घोटाले की जांच ईडी कर रही है. जांच एजेंसी सरकारी ठेकों, वित्तीय लेनदेन और अधिकारियों से संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है.इस मामले में छह आईएएस अधिकारियों के नाम सामने आए हैं. इनमें धर्मेंद्र कुमार और संतोष कुमार मल्ल के अलावा आनंद किशोर, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील कुमार यादव शामिल हैं.ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टेंडर प्रक्रिया और सरकारी फैसलों में किसी तरह की अनियमितता हुई थी या नहीं हालांकि जांच में नाम सामने आने या पूछताछ के लिए बुलाए जाने का मतलब किसी अधिकारी का दोषी होना नहीं है.

धर्मेंद्र कुमार से छह घंटे क्या पूछताछ हुई?

बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार बुधवार 28 अक्टूबर को पटना स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे. उनसे सुबह करीब 11 बजे से शाम पांच बजे तक पूछताछ हुई.उपलब्ध जानकारी के अनुसार जांच एजेंसी ने बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड में प्रबंध निदेशक रहते हुए स्वीकृत टेंडरों और भुगतान प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल पूछे. इसके अलावा नगर विकास विभाग, बुडको और उनके अन्य प्रशासनिक कार्यकाल से संबंधित जानकारी भी मांगी गई. प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, ठेकेदार रिशु श्री से उनके परिचय और कथित विदेश यात्राओं से जुड़े पहलुओं पर भी सवाल हुए.

कौन हैं आईएएस धर्मेंद्र कुमार, कितनी की है पढ़ाई?

धर्मेंद्र कुमार बिहार कैडर के 2013 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया था.वह पोस्‍ट ग्रेजुएट हैं. उपलब्ध सेवा रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने पटना विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय से इतिहास में बीए ऑनर्स और पोस्‍ट ग्रेजुएट की पढ़ाई की है. दोनों में प्रथम श्रेणी दर्ज है.धर्मेंद्र कुमार बिहार के नालंदा जिले से संबंध रखते हैं. वर्तमान में वह बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष हैं. इसके साथ शिक्षा विभाग में विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास है.

जमुई और रोहतास के जिलाधिकारी रह चुके हैं धर्मेंद्र कुमार

धर्मेंद्र कुमार ने प्रशासनिक करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं.वह अप्रैल 2018 से दिसंबर 2020 तक जमुई के जिलाधिकारी रहे. इसके बाद दिसंबर 2020 से सितंबर 2023 तक रोहतास के जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया.सितंबर 2023 से मार्च 2024 के बीच वह नगर विकास एवं आवास विभाग में अपर सचिव रहे. इससे पहले 2015 में केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सहायक सचिव के रूप में भी काम किया.जून 2026 में उन्हें बिहार राज्य पुल निर्माण निगम का अध्यक्ष बनाया गया.

कौन हैं आईएएस संतोष कुमार मल्ल?

संतोष कुमार मल्ल बिहार कैडर के 1997 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं. उनका जन्म 14 अगस्त 1973 को हुआ था. उनका मूल राज्य उत्तर प्रदेश दर्ज है.उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की पढ़ाई की है. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के जरिए आईएएस बनने वाले संतोष कुमार मल्ल के पास करीब 29 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव है.मई 2026 से वह बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत हैं. इसके साथ सामान्य प्रशासन विभाग में जांच आयुक्त और नई दिल्ली स्थित बिहार भवन में विशेष कार्य पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास बताया गया है.

संतोष कुमार मल्ल कहां-कहां रहे तैनात?

संतोष कुमार मल्ल बिहार सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.वह अगस्त 2024 से मई 2026 तक जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव रहे. इससे पहले जून 2023 से अगस्त 2024 तक नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव थे.फरवरी 2021 से जून 2023 तक उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में प्रधान सचिव की जिम्मेदारी निभाई. अगस्त 2020 से फरवरी 2021 तक लघु सिंचाई विभाग में सचिव रहे.संतोष कुमार मल्ल मई 2015 से अगस्त 2020 तक केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त भी रहे. इसके अलावा प्रशासनिक सेवा में जिलाधिकारी, आयुक्त, सचिव और अन्य पदों पर काम करने का अनुभव रखते हैं.

अब आगे क्या होगा?

ईडी ने संतोष कुमार मल्ल को भी पूछताछ के लिए बुलाया है. रिपोर्टों के अनुसार आनंद किशोर और योगेश कुमार सागर सहित अन्य अधिकारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है.जांच एजेंसी टेंडर स्वीकृति, भुगतान और संबंधित वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है. पटना हाईकोर्ट की टिप्पणियों के बाद मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की संभावित भूमिका की जांच को लेकर चर्चा तेज हुई है.फिलहाल धर्मेंद्र कुमार से पूछताछ हो चुकी है और संतोष कुमार मल्ल का नाम भी जांच के सिलसिले में सामने आया है.



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