जानें क्या बदलने जा रहा?
1. मिनिमम बैलेंस न रखने पर ग्रामीण ग्राहकों को सबसे ज्यादा नुकसान
खाते में न्यूनतम बैलेंस न बनाए रखने पर बैंक शॉर्टफॉल यानी जितनी रकम कम है, उसका 6% सर्विस चार्ज वसूलता है. यह फॉर्मूला तो वही रहेगा, लेकिन बैंक ने अधिकतम जुर्माने की सीमा बढ़ा दी है.
पहले मेट्रो और शहरी इलाकों में अधिकतम जुर्माना 600 रुपये लगता था. सेमी-अर्बन में 300 रुपये और ग्रामीण इलाकों में 150 रुपये था. लेकिन अब 1 दिसंबर से शहर हो या गांव, हर जगह के ग्राहकों को अधिकतम 600 ही जुर्माना देना होगा. एनआरआई खातों के लिए भी अधिकतम चार्ज 600 कर दिया गया है. हालांकि यह नियम सैलरी अकाउंट पर लागू नहीं होगा.
2. कैश ट्रांजैक्शन की फ्री लिमिट घटी
अब आपको बैंक से कैश निकालने या जमा करने पर भी ज्यादा सावधानी बरतनी होगी. ईज़ी एक्सेस, कृषि और सहज जैसे सेविंग्स अकाउंट्स के लिए बैंक ने फ्री कैश ट्रांजैक्शन की सीमा घटा दी है.
पहले आप महीने में 4 बार या 1 लाख (जो भी पहले हो) तक फ्री कैश ट्रांजैक्शन कर सकते थे. नए नियम के मुताबिक, अब यह लिमिट घटाकर महीने में 3 ट्रांजैक्शन या ₹1 लाख कर दी गई है.
3. चेक बाउंस होना पड़ेगा बहुत भारी
अगर आप चेक से पेमेंट करते हैं, तो अब भूलकर भी चेक बाउंस मत होने दीजिएगा. पहले आउटवर्ड चेक रिटर्न होने पर पहली बार ₹50 और दूसरी बार से ₹100 जुर्माना लगता था. लेकिन 1 दिसंबर से बैंक ने रियायत खत्म कर दी है. अब हर आउटवर्ड चेक रिटर्न पर सीधे ₹200 का फिक्स चार्ज लगेगा. यह नियम बैंक के लगभग सभी तरह के सेविंग्स अकाउंट्स (ईज़ी एक्सेस, लिबर्टी, प्रायोरिटी, बरगंडी आदि) पर लागू होगा.
4. टोटल रिलेशनशिप वैल्यू यानी TRV की शर्त हुई सख्त
बैंक के प्रीमियम खातों जैसे प्राइम, प्रेस्टिज, प्रायोरिटी, संपन्न, एडवांटेज और अराइज विमेंस अकाउंट्स के लिए नियमों को कड़ा कर दिया गया है. पहले इन खातों के लिए टोटल रिलेशनशिप वैल्यू तय सीमा का 75% मेंटेन करना जरूरी होता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर पूरा 100% कर दिया गया है.
आपका खाता है तो क्या करें?
अगर आप एक्सिस बैंक के ग्राहक हैं, तो 1 दिसंबर 2026 से पहले अपने खाते का प्रकार और उसमें मौजूद मिनिमम बैलेंस जरूर चेक कर लें. कोशिश करें कि खाते में तय लिमिट से कम पैसा न हो और महीने में 3 से ज्यादा बार बेवजह नकद लेन-देन से बचें, ताकि आप किसी भी तरह के भारी-भरकम पेनाल्टी चार्ज से बच सकें.