आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रही Anthropic अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है. यह कंपनी AI चैटबॉट Claude बनाती है. कंपनी के IPO को लेकर निवेशकों को बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि इससे उन्हें AI सेक्टर की एक बड़ी कंपनी में सीधे निवेश करने का मौका मिल सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने 26 अक्टूबर को IPO से जुड़े दस्तावेज जमा किए हैं और नवंबर के आखिर तक अमेरिकी शेयर बाजार Nasdaq पर लिस्टिंग की तैयारी है.
भारतीय निवेशकों के सामने दो बड़े सवाल हैं. पहला, क्या वे भारत में रहते हुए Anthropic के IPO में आवेदन कर सकते हैं? दूसरा, अगर IPO में शेयर नहीं मिलते, तो क्या Google की पैरेंट कंपनी Alphabet में निवेश करके Anthropic की ग्रोथ का फायदा उठाया जा सकता है? साथ ही, इसपर एक्सपर्ट की क्या राय है.
भारतीय निवेशक Anthropic के शेयर कैसे खरीद सकते हैं?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत निवासी भारतीय एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख डॉलर तक विदेश भेज सकते हैं. निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत इस रकम का इस्तेमाल विदेशी शेयरों में निवेश के लिए भी किया जा सकता है. हालांकि, अमेरिकी IPO में आवेदन करने का प्रोसेस भारत के IPO से अलग होती है.
भारत में रिटेल निवेशकों के लिए IPO में अलग कोटा होता है, लेकिन अमेरिका में ऐसा तय रिटेल कोटा नहीं है. वहां शेयरों का अलॉटमेंट मुख्य रूप से अंडरराइटर्स करते हैं और आमतौर पर संस्थागत निवेशकों को बड़ी हिस्सेदारी मिलती है. इसलिए भारतीय निवेशकों के लिए IPO के शुरुआती भाव पर शेयर हासिल करना आसान नहीं होता.
मनीकंट्रोल की रीपोर्ट के अनुसार, मॉड्यूलर ग्लोबल के मैनेजिंग डायरेक्टर और स्मॉलकेस मैनेजर संजीत सिंह पॉल के मुताबिक, भारतीय निवेशक विदेशी IPO में सीधे आवेदन, विदेशी ब्रोकर या कुछ संस्थागत और प्राइवेट बैंकिंग माध्यमों से हिस्सा लेने की कोशिश कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए संबंधित प्लेटफॉर्म की पात्रता, देश से जुड़े प्रतिबंधों और विदेशी निवेश के नियमों की जांच करना जरूरी है.
लिस्टिंग के बाद खरीदना हो सकता है आसान रास्ता
अगर किसी निवेशक को IPO में शेयर नहीं मिलते, तो वह कंपनी की लिस्टिंग के बाद शेयर खरीदने पर विचार कर सकता है. इसके लिए ऐसे भारतीय निवेश प्लेटफॉर्म या विदेशी ब्रोकर की जरूरत होगी, जो अमेरिकी शेयर बाजार में ट्रेडिंग की सुविधा देते हों.
वेस्टेड के फाउंडर और CEO विरम शाह के मुताबिक, भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए अमेरिकी IPO में आवेदन करना घरेलू IPO जितना आसान नहीं है. ऐसे में लिस्टिंग के बाद बाजार से शेयर खरीदना ज्यादा आसान विकल्प हो सकता है. हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर का भाव IPO के इश्यू प्राइस से काफी ऊपर या नीचे हो सकता है. इसलिए केवल कंपनी के चर्चित होने के आधार पर निवेश करना सही नहीं होगा.
Alphabet में निवेश से कैसे मिलेगा फायदा?
Anthropic में Alphabet ने बड़े निवेश की प्रतिबद्धता जताई है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह निवेश कुल 40 अरब डॉलर तक हो सकता है. इसमें 10 अरब डॉलर का शुरुआती नकद निवेश और कंपनी के परफॉर्मेंस से जुड़ी शर्तें पूरी होने पर अतिरिक्त 30 अरब डॉलर शामिल हैं.
Alphabet के शेयर खरीदने वाले निवेशकों को Anthropic में उसके निवेश के जरिए इनडायरेक्ट बेनेफिट मिल सकता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Alphabet के शेयरधारक सीधे Anthropic के शेयरों के मालिक बन जाते हैं. Alphabet का कारोबार सर्च, डिजिटल विज्ञापन, क्लाउड और अन्य टेक्निकल सर्विसेस तक फैला है. इसलिए उसके शेयर की कीमत कई कारकों से प्रभावित होती है. Anthropic की सफलता का असर Alphabet पर पड़ सकता है, लेकिन इससे उसके शेयर में बढ़त की गारंटी नहीं मिलती.
निवेश से पहले किन बातों पर ध्यान दें?
YC फाउंडर और MyriadAI के संस्थापक रोशन फरहान के मुताबिक, Anthropic का IPO AI इंडस्ट्री के लिए अहम पड़ाव हो सकता है. इससे निवेशकों को AI की अग्रणी कंपनियों में से एक में सीधे निवेश का अवसर मिल सकता है. हालांकि, लंबे समय में कंपनी का वैल्यूएशन सिर्फ उसकी तकनीक से नहीं, बल्कि कमाई और मुनाफा कमाने की क्षमता से भी तय होगा. निवेशकों को कंपनी की आय में बढ़ोतरी, ग्राहकों को बनाए रखने की क्षमता, कंप्यूटिंग और मॉडल तैयार करने की लागत, भविष्य में कैपिटल की जरूरत और मुनाफे की संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)