विदेशों से आते हैं फोन और वीडियो कॉल,गणपति बप्पा सुनते हैं भक्तों की मनोकामएं
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इंदौर में लगभग 1200 साल पुराना भगवान जूना चिंतामण गणेश जी का एक मंदिर स्थित है. इस प्राचीन मंदिर में भगवान गणेश भक्तों की मनोकामनाएं एक अनोखे माध्यम से सुनते हैं.समय के साथ इस मंदिर में परंपराओं में बदलाव आया है. पहले के दौर में भक्त भगवान को अपनी मनोकामना लिखकर पत्र भेजते थे.
मध्य प्रदेश के इंदौर में लगभग 1200 साल पुराना भगवान जूना चिंतामण गणेश जी का एक मंदिर स्थित है. इस प्राचीन मंदिर में भगवान गणेश भक्तों की मनोकामनाएं एक अनोखे माध्यम से सुनते हैं.समय के साथ इस मंदिर में परंपराओं में बदलाव आया है. पहले के दौर में भक्त भगवान को अपनी मनोकामना लिखकर पत्र भेजते थे. अब आधुनिक समय में भक्त भगवान को फोन कॉल और वीडियो कॉल के जरिए अपनी मनोकामनाएं बताते हैं.
भक्तों की अटूट आस्था
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का यह मानना है कि भगवान गणेश उनकी बातें सुनते हैं और उनकी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं. मंदिर में भक्तों की इस अनूठी आस्था और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की चर्चा बनी रहती है.लगभग 1200 साल पुराने इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी श्रद्धा लेकर पहुंचते हैं,और बदलते समय के साथ तकनीक का उपयोग कर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं.
1200 साल पुराना है मंदिर
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि, पहले भगवान गणेश के यहां पत्र और चिट्ठी आई थी, लेकिन समय के साथ हुए परिवर्तन के बाद अब भक्त फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से भगवान को अपनी मनोकामना बताते हैं. भक्त यहां भगवान गणेश से जो भी मनोकामना करते हैं, वह मनोकामना उनकी पूरी होती है. विदेश से भक्तों के फोन आते हैं, फिर उन भक्तों की मनोकामना भगवान सुनते हैं. मंदिर के पुजारी बताते हैं कि, लगभग 1200 साल पुराना यह मंदिर परमार कालीन मंदिर है.
भक्तों को है भगवान गणेश पर अटूट विश्वास
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान गणेश उनकी प्रार्थनाएं सुनते हैं. मनोकामनाएं पूरी करते हैं. इसी विश्वास के साथ वे मंदिर पहुंचते हैं या दूर होने पर फोन और वीडियो कॉल के जरिए अपनी बात रखते हैं.जूना चिंतामण गणेश मंदिर की यह परंपरा बताती है कि समय के साथ पूजा-अर्चना के तरीके बदल सकते हैं, लेकिन भक्तों की आस्था बनी रहती है. चिट्ठियों से शुरू हुआ यह सिलसिला अब डिजिटल माध्यम तक पहुंच गया है, जिससे दूर बैठे श्रद्धालु भी अपनी श्रद्धा को मंदिर से जोड़ पा रहे हैं.