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Meerut News : पति की हत्या के मामले में सजा पा चुकी मुस्कान समेत तीन महिला बंदियों ने अहोई अष्टमी का व्रत रखने की इच्छा जताई है. मुस्कान, रविता और दामिनी ने जेल प्रशासन से व्रत रखने की अनुमति के साथ पूजा सामग्री भी मांगी है. जेल प्रशासन का कहना है कि नियमों के तहत महिला बंदियों को व्रत रखने और पूजा-पाठ करने की अनुमति है.
मुस्कान रखेगी व्रत.
मेरठ: पति की हत्या के मामलों में जेल में बंद तीन महिला बंदियों ने अहोई अष्टमी का व्रत रखने की इच्छा जताई है. इनमें नीला ड्रम कांड की दोषी मुस्कान, रविता और हस्तिनापुर में अपने पति अतुल पंवार की हत्या के मामले में जेल में बंद दामिनी शामिल हैं. तीनों ने जेल प्रशासन से व्रत रखने की अनुमति मांगी है. साथ ही पूजा के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है. जेल प्रशासन के अनुसार, नियमों के तहत महिला बंदियों को अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार व्रत रखने और पूजा करने की अनुमति है.
करवाचौथ के लिए भी बांटी गई पूजा सामग्री
सोमवार को संजीवनी महिला संस्था की निशी जैन अपनी टीम के साथ मेरठ जिला जेल पहुंचीं. संस्था की ओर से महिला बंदियों को करवाचौथ के लिए मिट्टी के करवे और शृंगार का सामान दिया गया. इस दौरान महिलाओं से उनकी जरूरतों के बारे में भी पूछा गया. संस्था की निशी जैन के मुताबिक, मुस्कान, रविता और दामिनी ने अहोई अष्टमी के व्रत के लिए भी पूजा सामग्री मांगी है. उनकी मांग के अनुसार सामान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है.
जेल में व्रत और पूजा की मिलती है अनुमति
जेल प्रशासन के मुताबिक, महिला बंदियां अपनी इच्छा से करवाचौथ और अहोई अष्टमी का व्रत रख सकती हैं. इसके लिए जेल के नियमों के अनुसार पूजा और फलाहार की व्यवस्था की जाती है. यदि पति-पत्नी दोनों जेल में बंद हैं और करवाचौथ पर पूजा करना चाहते हैं, तो नियमों के तहत उनकी मुलाकात भी कराई जा सकती है. इसी तरह, जेल में बंद पुरुषों की पत्नियां भी तय नियमों के अनुसार मुलाकात कर पूजा कर सकती हैं.
नीला ड्रम कांड में मुस्कान को मिली है फांसी की सजा
मुस्कान मेरठ के चर्चित नीला ड्रम कांड में दोषी करार दी गई है. पिछले साल उसने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की हत्या कर दी थी. इसके बाद शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में डाल दिए गए और उन्हें छिपाने के लिए सीमेंट का घोल भी डाला गया था. वारदात के बाद दोनों हिमाचल चले गए थे. वापस लौटने के करीब 15 दिन बाद मामले का खुलासा हुआ. इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया. फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनवाई के बाद मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई. बताया गया है कि सजा के बाद मुस्कान ने पूजा-पाठ छोड़ दिया था और नवरात्र में भी व्रत नहीं रखा था.