नई दिल्ली: दिल्ली में कारोबार करना आसान बनाने और नियमों के अनुपालन का बोझ घटाने के लिए चल रहे सुधारों को पूरा करने की समयसीमा तय कर दी गई है. उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने सभी विभागों को लंबित काम नवंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य दिया है. समीक्षा बैठक में बताया गया कि सुधारों के पहले चरण में 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से 22 का काम पूरा हो चुका है. पहले चरण में जनवरी 2025 में सुधारों की शुरुआत हुई थी. इसके तहत 48 ग्रामीण गांवों के शहरीकरण की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों के लिए सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई तय करने से जुड़ा एक मुद्दा अभी लंबित है, जिसे जल्द अंतिम रूप देने की बात कही गई है.
दूसरे चरण में भी ज्यादातर सुधार पूरे
जनवरी 2026 में शुरू हुए दूसरे चरण में 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और 5 वैकल्पिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर पर काम पूरा हो चुका है और बाकी सुधार लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है.
इन सुधारों में एमसीडी के दोहरे लाइसेंस खत्म करना, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण को स्थायी बनाना, 200 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन बिना निरीक्षण देने और निजी स्कूलों के लिए न्यूनतम जमीन की शर्त हटाने जैसे कदम शामिल हैं. दिल्ली के कानूनों, नियमों और सरकारी आदेशों का डिजिटल संग्रह तैयार करने का काम भी इसमें शामिल है.
दूसरे चरण में प्रमुख लंबित मुद्दा PM-UDAY योजना से जुड़ा भूमि उपयोग ढांचा है. इसमें ‘अनुमति मिलने तक प्रतिबंधित’ के बजाय ‘प्रतिबंधित होने तक अनुमत’ के सिद्धांत पर व्यवस्था तय करने का प्रस्ताव है.
दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू. (Photo : X/LtGovDelhi)
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल गृह मंत्रालय को भेजा
दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026 को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है. दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इसे विधानसभा के सामने पेश किया जाएगा. इसमें निजी विश्वविद्यालयों के लिए जमीन, एंडोमेंट और बुनियादी ढांचे से जुड़ी शर्तों में सुधार का प्रावधान है.
लीगल मेट्रोलॉजी कानून के तहत लाइसेंसिंग से संबंधित अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई है. निजी स्कूलों की बुनियादी ढांचा संबंधी जरूरतों पर भी अंतिम अधिसूचना जारी कर पोर्टल पर अपलोड की गई है. स्कूलों के विकास से जुड़े नियम आसान करने के लिए मास्टर प्लान दिल्ली-2047 में संशोधन पर विचार करने की सलाह दी गई है.
भवन मंजूरी और स्वास्थ्य लाइसेंस की प्रक्रिया भी होगी सरल
भवन निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया से दिल्ली जल बोर्ड, अग्निशमन, वन विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से जुड़े चार NOC को अलग करने का प्रस्ताव अंतिम चरण में है. इसके लिए यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और एमसीडी काम कर रहे हैं.
स्वास्थ्य क्षेत्र में डॉक्टरों के पंजीकरण की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए नियमों में संशोधन का प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा गया है. स्वास्थ्य लाइसेंस के लिए सिंगल नोडल एजेंसी बनाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखा जाना है. बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान अधिनियम, 2007 को निरस्त करने का प्रस्ताव दिल्ली विधानसभा से पारित हो चुका है.
समीक्षा बैठक में उपराज्यपाल ने उद्योग विभाग को उन अड़चनों पर विशेष ध्यान देने को कहा, जिनका समाधान बैठक में ही निकाला जा सकता है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कई बार समयसीमा पार हो चुकी है, इसलिए अब बचे हुए सुधारों को नवंबर के अंत तक पूरा किया जाए.