Stock Market Today: शेयर बाजार में आज भारी गिरावट, सेंसेक्स 900 अंक फिसला, जानें क्या है वजह

Stock Market Today: शेयर बाजार में आज भारी गिरावट, सेंसेक्स 900 अंक फिसला, जानें क्या है वजह


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28 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 900 अंक गिरकर 72,693 पर और निफ्टी 220 अंक टूटकर 22,524 पर कारोबार कर रहा था. FMCG, IT और ऑयल एंड गैस शेयरों में बिकवाली के बीच हेल्थकेयर और ऑटो सेक्टर में खरीदारी दिखी. बाजार में गिरावट की अहम वजहों में डॉलर के मुकाबले लुढ़कता रुपया, सऊदी अरब में रिफाइनरी पर हमले के बाद कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें शामिल है.

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शेयर बाजार में आज 28 अक्टूबर को गिरावट आई है.

शेयर बाजार में आज 28 अक्टूबर को भारी गिरावट देखी जा रही है. सेंसेक्स 900 अंक गिरकर 72,693 पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी 220 अंक गिरकर 22,524 पर ट्रेड कर रही है. FMCG, IT, ऑयल एंड गैस में भी भारी बिकवाली देखी जा रही है. हालांकि, हेल्थकेयर और ऑटो सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली. इस गिरावट के पीछे कुछ अहम वजह हैं. आज के कारोबार में निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में लार्सन एंड टुब्रो, बजाज ऑटो, एसबीआई लाइफ, एसबीआई, बीएसई लिमिटेड के शेयर्स शामिल हैं.

वहीं, निफ्टी नेक्स्ट 50 के टॉप लूजर्स में टोरेंट फार्मा, वरुण बेवरेजेस, यूनियन बैंक, अडाणी एनर्जी और अडाणी पावर के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई. इस गिरावट के पीछे कुछ अहम वजहें शामिल हैं. सबसे पहला है भारतीय रुपया में गिरावट. आज भारतीय रुपया शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद डॉलर के मुकाबले गिरावट में कारोबार कर रहा है. रुपया पिछले कारोबारी सेशन के 95.12 प्रति डॉलर के बंद स्तर से कमजोर होकर 95.15 प्रति डॉलर पर आ गया.

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बाजार पर दबाव

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले से पहले सतर्कता के चलते भारतीय शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला. सऊदी अरब में एक रिफाइनरी पर हमले के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई, जिससे तेल की कीमतों में उछाल आया. कच्चा तेल 1.6% चढ़कर 115.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. तेल की कीमतों में यह तेजी भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि इससे आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव पड़ सकता है.

फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले बाजार की नजर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति संबंधी फैसले का इंतजार भी वैश्विक बाजारों पर असर डाल रहा है. बाजार को व्यापक रूप से उम्मीद है कि फेड इस बैठक में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखेगा. हालांकि, निवेशकों के लिए दरों से ज्यादा अहम फेड की टिप्पणी होगी. खासकर यह देखना होगा कि केंद्रीय बैंक तेल की बढ़ती कीमतों से पैदा हो रहे महंगाई के दबाव को किस तरह देखता है और आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर उसका रुख क्या रहता है. अगर फेड महंगाई को लेकर सख्त संकेत देता है, तो ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को झटका लग सकता है. इसका असर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर और उभरते बाजारों में फॉरेन डिपॉजिट फ्लो पर पड़ सकता है.

IT शेयरों में बिकवाली से बढ़ी गिरावट

शेयर बाजार में गिरावट के दौरान आईटी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला. आईटी सेक्टर में करीब 2.3% की गिरावट दर्ज की गई और यह प्रमुख सेक्टोरल गिरावटों में शामिल रहा.  इंफोसिस के शेयर 4.6% तक टूटे, जबकि HCL टेक में 3.2% की गिरावट आई. निवेशक ग्लोबल इकोनॉमिक माहौल, अमेरिकी कंपनियों के टेक्नोलॉजी खर्च और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के बीच आईटी कंपनियों के परफॉर्मेंस का एनालिसिस कर रहे हैं.



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