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Jio IPO : जियो प्लेटफॉर्म के आईपीओ से पहले ही ग्लोबल रेटिंग एजेंसी नोमुरा ने अनुमान लगाया है कि इसकी लिस्टिंग 20 फीसदी प्रीमियम पर होगी. एजेंसी का कहना है कि आईपीओ के बाद कंपनी बाजार की लीडर होने के साथ-साथ मार्केट सेटर भी बन जाएगी.
जियो प्लेटफॉर्म का टार्गेट प्राइस 20 फीसदी प्रीमियम पर रखा गया है.
नई दिल्ली. जियो प्लेटफॉर्म का आईपीओ आज शेयर बाजार में लिस्ट होगा. उससे पहले ही एनालिस्ट और ब्रोकरेज फर्मों ने अपना टार्गेट और रेटिंग भी जारी कर दिया है. ग्लोबल एजेंसी नोमुरा ने जियो के आईपीओ का टार्गेट प्राइस 1,340 रुपये रखा है और लिस्टिंग के समय 20 फीसदी प्रीमियम की बात कही है. ब्रोकरेज का अनुमान है टैरिफ बढ़ने, होम ब्रॉडबैंड की डिमांड और फ्री कैश फ्लो बढ़ने से कंपनी का शेयर प्राइस लंबी अवधि में और बढ़ने का अनुमान है.
जियो का आईपीओ 1,119 रुपये के भाव पर आया था और इसके 20 फीसदी बढ़कर लिस्ट होने का अनुमान है. नोमुरा का कहना है कि जियो आज बाजार की लीडर बन चुकी है, जिसके बाद 42 फीसदी वायरलेस सब्सक्राइबर हैं. कुल डाटा ट्रैफिक का 60 फीसदी हिस्सा इसी कंपनी के पास है, जबकि होम ब्रॉडबैंड का भी 43 फीसदी हिस्सा जियो के पास है. ब्रोकरेज का अनुमान है कि आईपीओ के बाद कंपनी मार्केट लीडर के साथ मार्केट सेटर भी बन जाएगी, जो कीमतों और टैरिफ को रेगुलेट कर सकेगी.
नोमुरा को पूरा भरोसा-बढ़ेगी कमाई
नामुरा ने अनुमान लगाया है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का EBITDA भी सालाना आधार पर 13.5 फीसदी की तेजी से बढ़ेगा. यह ग्रोथ पिछले वित्तवर्ष से लेकर 2029 तक जारी रहेगी. कंपनी का जोर अब सिर्फ डाटा टैरिफ पर नहीं है, बल्कि होम ब्रॉडबैंड सहित अन्य तकनीक पर भी आगे बढ़ रही है. कंपनी अब टेलीकॉम के बजाया टेक बिजनेस पर फोकस कर रही है. कंपनी ने आईपीओ लाने से पहले ही कहा था कि वह अपने आईपीओ में से ज्यादातर पैसा कर्ज चुकाने में खर्च करेगी, ताकि पूरी तरह कर्ज मुक्त कंपनी बनाई जा सके.
कितना कर्ज उतारने की तैयारी
जियो प्लेटफॉर्म ने पहले ही बताया था कि वह 30 हजार करोड़ के आईपीओ में से 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज उतारने में करेगी. आकाश अंबानी ने भी अपने भाषण में कहा था कि जियो पूरी तरह कर्ज मुक्त कंपनी बनने जा रही है. उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि कंपनी का खर्चा कम हो गया है जिससे आने वाले समय में मुनाफा बढ़ने का अनुमान है. ब्रोकरेज फर्म को भी यह भरोसा है कि कंपनी जिस तरह ग्रोथ कर रही है, आने वो समय में उसके स्टॉक की कीमत बढ़ती जाएगी. यही वजह रही कि ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस ने इसके स्टॉक को बाय और होल्ड करने की रेटिंग दी है.