Israel Exit Polls 2026: एक्जिट पोल में नेतन्याहू को बड़ा झटका, बीबी को बहुमत नहीं, भारी पड़ रहा विपक्ष

Israel Exit Polls 2026: एक्जिट पोल में नेतन्याहू को बड़ा झटका, बीबी को बहुमत नहीं, भारी पड़ रहा विपक्ष


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Israel Exit Polls 2026: इजरायल में हुए चुनावों के बाद स्थिति के एक्जिट पोल में हंग असेंबली जैसी स्थिति बनती हुई दिख रही है. किसी को भी क्लियर मैंडेट नहीं मिलता दिख रहा है, जबकि लंबे समय से सत्ता में मौजूद बेंजामिन नेतन्याहू को झटका लगा है. यहां ये महत्वपूर्ण है कि इजरायल का विपक्ष मजबूत स्थिति में दिख रहा है.

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एक्जिट पोल में नेतन्याहू की सरकार बनती नहीं दिख रही. (रॉयटर्स)

Israel Exit Polls 2026: इजरायल में 27 अक्टूबर को हुए चुनाव के शुरुआती एग्जिट पोल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन करती हुई नहीं दिख रही है, जबकि उनके विरोधी दलों के गठबंधन को मामूली बढ़त मिलती दिखाई दी. दिलचस्प ये भी है कि एक्जिट पोल में किसी भी गठबंधन को संसद में सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत मिलता नजर नहीं आया, ऐसे में नई सरकार के गठन के लिए राजनीतिक दलों के बीच कई हफ्तों तक बातचीत चलने की संभावना है, यानी सब कुछ इतना आसान तो नहीं होगा.

इजरायल के तीन प्रमुख टीवी चैनलों- चैनल 11, 12 और 13 के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक विपक्षी गठबंधन को 52 से 54 सीटें मिलने की संभावना जताई गई. वहीं नेतन्याहू के समर्थन वाले गठबंधन को करीब 50 सीटें मिलने का अनुमान है. हालांकि एक्जि पोल ये भी बताते हैं कि नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी सिंगल पार्टी बनकर उभर सकती है लेकिन उसे उसे 24 से 25 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है.

विपक्ष का गठबंधन दिख रहा है मजबूत 

विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व पूर्व सैन्य प्रमुख और उदारवादी छवि वाले नेता गादी आइजेनकोट कर रहे हैं. शुरुआती अनुमानों में उनका गठबंधन नेतन्याहू के गठबंधन से आगे दिखाई दिया. नेतन्याहू के अलायंस में दक्षिणपंथी और अति-दक्षिणपंथी दल भी शामिल हैं. शुरुआती अनुमानों में अरब समुदाय के प्रतिनिधित्व वाले दलों को भी अच्छी बढ़त मिलती दिखाई दी. 2 मुख्य अरब दलों को मिलाकर 17 से 18 सीटें मिलने का अनुमान है. साल 2022 के चुनाव में इन दलों को कुल 10 सीटें मिली थीं. अगर अंतिम नतीजे भी इसी तरह रहे, तो सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन जुटाने में अरब दलों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है.

इजरायल में कैसे बनती है सरकार?

इजरायल की 120 सदस्यीय संसद में सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सीटों की जरूरत होती है. शुरुआती एग्जिट पोल के मुताबिक कोई भी गठबंधन इस आंकड़े तक पहुंचता नहीं दिखा. इसलिए सरकार बनाने के लिए दूसरे दलों का समर्थन हासिल करना जरूरी हो सकता है. इस चुनाव को नेतन्याहू के नेतृत्व पर जनता की राय जानने के तौर पर भी देखा गया. 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद क्षेत्र में हुए युद्धों का चुनाव प्रचार पर काफी असर रहा. सुरक्षा, युद्ध से निपटने के तरीके और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दे प्रमुख रहे.

रिकॉर्ड मतदान के बाद बंद हुए मतदान केंद्र

इजरायल में मतदान केंद्र स्थानीय समय के अनुसार रात 10 बजे बंद हुए. रात 8 बजे तक करीब 75 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था. बताया गया कि यह कई दशकों में सबसे अधिक मतदान दरों में से एक है. नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने मतदान का समय बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन केंद्रीय चुनाव समिति ने इसे खारिज कर दिया. हालांकि, मतदान समाप्त होने के समय जो मतदाता कतार में खड़े थे, उन्हें वोट डालने की अनुमति दी गई. अब सभी की नजरें अंतिम चुनावी नतीजों पर हैं. यही तय करेंगे कि अगली सरकार कौन बनाएगा और उसे बहुमत जुटाने के लिए किन दलों का साथ लेना पड़ेगा.



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