Govinda’s Mother Nirmala Devi: ‘लोग गलत नजरों से देखेंगे’, जब गोविंदा की मां ने मुंडवाया था सिर-भौहें, चीची ने सुनाया दर्दभरा किस्सा

Govinda’s Mother Nirmala Devi: ‘लोग गलत नजरों से देखेंगे’, जब गोविंदा की मां ने मुंडवाया था सिर-भौहें, चीची ने सुनाया दर्दभरा किस्सा


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Govinda Recalls Mother Nirmala Devi Sacrifices: कहते हैं, मां की ममता के आगे हर मुश्किल छोटी पड़ जाती है. बच्चों की जिंदगी संवारने के लिए वह खुद कितने दर्द से गुजरती है, इसका एहसास अकसर बड़े होने पर होता है. गोविंदा के जीवन से जुड़ा एक पुराना किस्सा भी मां के इसी जज्बे को बयां करता है. एक्टर ने अपनी मां के उस फैसले को याद किया, जिसने उनके परिवार के संघर्ष और मां के त्याग की गहरी कहानी सामने रख दी.

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नई दिल्ली. मां अपने बच्चों के लिए कितनी मुश्किलें सह सकती है, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है. कई बार वह अपने सपनों को पीछे छोड़ देती है तो कभी परिवार की खातिर अपनी पहचान तक बदलने को तैयार हो जाती है. बॉलीवुड के ‘हीरो नंबर 1’ गोविंदा ने हाल ही में अपनी मां निर्मला देवी से जुड़ा ऐसा ही एक किस्सा शेयर किया, जिसे सुनकर कोई भी भावुक हो सकता है. एक्टर ने बताया कि परिवार के मुश्किल दौर में उनकी मां ने अपना सिर और भौहें तक मुंडवा ली थीं. उनका यह फैसला परिवार और बच्चों की परवरिश से जुड़ा था.

एबीपी न्यूज के साथ बातचीत में गोविंदा ने अपने परिवार के संघर्ष के दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया था, जब उनके परिवार ने लगभग सब कुछ खो दिया था. उस मुश्किल दौर में उनकी मां निर्मला देवी ने बच्चों को पालने और परिवार को संभालने के लिए कई कठिन फैसले लिए.  फाइल फोटो.

गोविंदा ने उस दौर को याद किया जब उनके परिवार ने अपनी सारी जमा-पूंजी खो दी थी और वे भारी आर्थिक संकट से गुजर रहे थे. उस कठिन समय में परिवार की मदद करने के लिए जब उनकी मां काम की तलाश में बाहर निकलने लगीं तो गोविंदा के पिता ने उन्हें सचेत किया था. फाइल फोटो.

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गोविंदा ने पिता की बात याद करते हुए बताया, ‘निर्मला, तुम इतनी खूबसूरत हो. अगर तुम काम की तलाश में बाहर जाओगी, तो लोग तुम्हें गलत इरादों से देखेंगे.’ इसके बाद उनकी मां ने अपना सिर और भौहें मुंडवा लीं. वह संतों की तरह रहने और कपड़े पहनने लगीं. फाइल फोटो.

गोविंदा ने कहा, उनकी मां की प्राथमिकता बिल्कुल साफ थी. वह चाहती थीं कि उनके बच्चे हर हाल में सम्मान के साथ बड़े हों, भले ही इसके लिए उन्हें खुद कितनी भी तकलीफ क्यों न सहनी पड़े. फाइल फोटो.

बातचीत के दौरान गोविंदा ने यह भी बताया कि उनकी मां के इन संघर्षों ने उनके जीवन और सोचने के नजरिए को गहराई से प्रभावित किया है. आज जब लोग उनकी आलोचना करते हैं या पब्लिक डोमेन में उनके बारे में बातें बनाते हैं, तो वे इसे बहुत सहजता से लेते हैं. उन्होंने कहा, ‘ऐसी मां का बेटा होने के नाते मेरे लिए यह सब क्या मायने रखता है? किसने क्या कहा, किसने क्या दिया? मैं इन सब चीजों में बिल्कुल नहीं पड़ता. कहीं भी नहीं, कभी भी नहीं.’ फाइल फोटो.

गोविंदा ने कहा वे किसी भी व्यक्ति की परिस्थिति को समझे बिना उसे जज करना पसंद नहीं करते. उन्होंने कहा- ‘मुझे फर्क नहीं पड़ता. मैं उस दिशा में देखता ही नहीं. मैं क्यों नहीं देखता? क्योंकि मैं जानता हूं कि वह इंसान आज जैसा भी है, वैसा क्यों है. समय, परिस्थितियां, देश और हालात ही इंसान के रिएक्शन तय करते हैं. आज देश में हर कोई किसी न किसी परिस्थिति में कहीं न कहीं फंसा हुआ है.’ फाइल फोटो.

आपको बता दें कि गोविंदा की मां निर्मला देवी अपने जमाने की एक जानी-मानी हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका और एक्ट्रेस थीं. 15 जून 1996 को 69 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था. फाइल फोटो.

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