नई दिल्ली. नसीरुद्दीन शाह बीते काफी समय से सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं. अब उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में चर रहे प्रोटेस्ट का समर्थन करते हुए वीडियो शेयर किया है. दिग्गज एक्टर ने अपने 2 मिनट 10 सेकेंड के वीडियो में स्टूडेंट्स का सपोर्ट करते हुए हुकूमत से तीखा सवाल पूछा है. उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए खुद को दिमागी नक्सल बताया. एक्टर वीडियो में दिमागी नक्सल का बैच पहने भी दिख रहे हैं. इस वीडियो की शुरुआत उन्होंने अपना बैच दिखाकर ही किया.
नसीरुद्दीन शाह वीडियो की शुरुआत में अपना दिमागी नक्सल का बैच दिखाते हैं. इसके बाद वो हुकूमत से तीखे सवाल पूछते नजर आए. एक्टर कहते हैं, मैं फक्र के साथ कहता हूं मैं दिमागी नक्सल हूं, दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या. टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर कोई है इस मुल्क में, तो वो यह नाजायज हुकूमत है.’
नसीरुद्दीन शाह ने हुकूमत से पूछे सवाल
नसीरुद्दीन शाह ने शेयर किया वीडियो. (फोटो साभार इंस्टाग्राम- naseeruddin49)
नसीरुद्दीन शाह आगे कहते हैं, ‘पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, फिर सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों पर जो जुल्म किया जा रहा है वो याद रखा जाएगा. करलो जितना हो सके ये सब याद रखा जाएगा’.
नसीरुद्दीन शाह अपना गुस्सा जाहिर करते हुए आगे लिखते हैं, कितना करोगे तुम और क्या क्या करोगे. अपनी पूरी ताकत लगा लो लेकिन न इस मुल्क के नौजवानों का हौसला टूटने वाला है और न हमारी शिक्षा संस्था बर्बाद होने वाली है. जो करना है करलो, देखलेंगे जोर कितना बाजुओं कातिल में है’.
क्या है मामला?
दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में इन दिनों छात्र संघ चुनाव बहाल करने और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर विवाद जारी है. इस आंदोलन में शामिल छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान भूख हड़ताल का सहारा भी लिया गया है.
प्रदर्शनकारी छात्रों और एसएफआई, एनएसयूआई तथा आइसा जैसे छात्र संगठनों की प्रमुख मांग है कि विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू कराए जाएं. इसके अलावा, छात्र चीफ प्रॉक्टर को उनके पद से हटाने और आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग भी कर रहे हैं.