भीलवाड़ा. राजस्थान के शांत माने जाने वाली टैक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा में रुपये के लेनदेन के मामले को लेकर 72 साल की बुजुर्ग महिला कमला देवी कांकरिया की बेरहमी से हत्या कर दी गई. उसके बाद हत्यारों ने हत्या के सबूत मिटाने के लिए साजिशों ऐसा जाल बुना कि पहले तो पुलिस उसमें उलझकर रह गई. लेकिन बाद में उसने केस की कड़ी से कड़ी जोड़कर आखिरकार उसका खुलासा कर दिया. इस मर्डर की पटकथा भी बॉलीवुड स्टार अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ जैसी है जहां जुर्म के सबूत मिटाने और पुलिस को उलझाने के लिए कहानी पर कहानी बुनी जाती है.
कमला देवी के पति और बेटे का निधन हो चुका है. वे घर पर अकेली ही रहती थीं.
पुलिस ने खोली आरोपियों की प्लानिंग की सभी परतें
उसके बाद वे पुलिस को गुमराह करके बच निकलेंगे. लेकिन उन्होंने जैसा सोचा वैसा हुआ नहीं. भीलवाड़ा पुलिस की तफ्तीश ने आरोपियों की प्लानिंग की सभी परतें खोल दी. पुलिस ने जांच की कड़ी से कड़ी जोड़कर मर्डर केस का खुलासा कर दिया आरोपी रवि तापड़िया और हीरालाल सिंधी समेत आर्यन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया. अब पुलिस कोठारी नदी में कमला देवी के अवशेष तलाश रही है. वहीं इसके साथ ही इस केस में शामिल रहे कालू तापड़िया और एक अन्य की सरगर्मी से तलाश की जा रही है.
रवि के मन में कमला देवी की प्रोपर्टी को लेकर लालच आ गया था
पुलिस की जांच के मुताबिक कहानी कमला देवी कांकरिया और रवि तापड़िया के बीच पैसों के लेनदेन से शुरू होती है. दोनों के बीच पहले से लेनदेन था. रवि कमला देवी के पैसों से जुड़े काम भी करता था. इसी दौरान रवि के मन में उनकी संपत्ति को लेकर लालच पैदा हो गया. उसे लगता था कि कमला देवी के आगे पीछे कोई नहीं है और वह अपनी प्रॉपर्टी में उसे हिस्सा दे सकती है. इसी लालच और लेनदेन के बीच उसने ऐसा कदम उठा लिया जिसने पूरे मामले को हत्याकांड में बदल दिया.
कौन थी कमला देवी?
दरअसल कमला देवी के पति का काफी पहले निधन हो चुका है. उनके बेटे की भी मौत हो चुकी है. कमला देवी के एक पोता है. लेकिन कमला देवी की पुत्रवधू और उनका पोता अलग रहते हैं. कमला देवी अकेली रहती थीं. आर्थिक रूप से समृद्ध कमला देवी रुपये के लेनदेन का काम भी करती थीं. हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि तापड़िया उनके संपर्क में था. वह इस काम में कमला देवी की सहायता करता था.
12 और 13 अक्टूबर की दरम्यिानी रात उतारा गया मौत के घाट
पुलिस की जांच में सामने आया है कि 12 और 13 अक्टूबर की दरम्यिानी रात रवि तापड़िया कमला देवी की ओर से किसी शख्स को दिए गए रुपये वापस दिलाने का भरोसा देकर छोटी पुलिया स्थित एक मकान पर लेकर आया. वहां लेनदेन को लेकर बातचीत हुई. लेकिन कमला देवी ने जब घर जाने के लिए कहा तो विवाद बढ़ गया. रवि ने उन्हें थप्पड़ मारा और फिर तकिए से मुंह दबा दिया. इस दौरान हीरालाल सिंधी भी उसके साथ था. दोनों ने मिलकर कमला देवी की हत्या कर दी.
दोनों आरोपी रातभर शव के पास बैठे रहे
हत्या के बाद आरोपियों ने कमला देवी के हाथ-पैर बांध दिए और शव को चादर में लपेट दिया. दोनों रातभर शव के पास बैठे ही रहे. 13 अक्टूबर की सुबह हीरालाल अपने घर चला गया. रवि भी अपने घर गया और नहाकर वापस लौटा. उसके बाद उसने शराब पी. फिर शव को ठिकाने लगाने की तैयारी शुरू की. रवि लकड़ी की टाल और अपने गोदाम से लकड़ियां लेकर आया. कुछ पुराने टायरों का इंतजाम किया.
शव छत पर नहीं ले जा सके तो कॉरीडोर में जलाया
फिर उसने अपने भतीजे कालू को फोन कर बताया कि उसने कमला देवी की हत्या कर दी है. कालू अपने साथ आर्यन शर्मा को लेकर मौके पर पहुंचा. पहले योजना शव को छत पर ले जाकर जलाने की थी. लेकिन वे शव को छत पर नहीं ले जा सके. आखिरकार जिस मकान में कमला देवी हत्या की उसी के आगे बने कॉरिडोर में फर्श पर लकड़ियां और टायर रखकर शव को जला दिया.
पुलिस कमला देवी के शव के कोठरी नदी में फेंके गए अवशेषों को तलाश करवा रही है.
शव के अवशेषों को बोरी में भरकर नदी में फेंका गया
शव तरह जलने पर बचे हुए अवशेषों को ठंडा करने के लिए उन पर पानी डाला गया. फिर अवशेषों को बोरी में भरकर पालड़ी रोड पर पार्टी पुलिया के पास से गुजर रही कोठारी नदी में फेंक दिया गया. वहां से आने के बाद जिस फर्श पर शव जलाया गया था वहां सीमेंट लगा दी गई और दीवारों पर पेंट कर दिया ताकि वारदात के निशान छिपाए जा सकें.
15 अक्टूबर को कमला देवी की गुमशुदगी दर्ज हुई थी
दूसरी तरफ कमला देवी के बेटी रवीना देवी ने 15 अक्टूबर को भीमगंज थाने में मां के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई दी. उसके बाद पिक्चर में पुलिस शामिल हुई. पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फुटेज में कमला देवी आखिरी बार रवि तापड़िया के साथ जाती हुई दिखाई दी. इस पर पुलिस ने रवि को हिरासत में लेकर पूछताछ की. लेकिन शातिर दिमाग वाला रवि पुलिस को गुमराह करता रहा.
रवि पुलिस को बार-बार बरगलाता रहा
रवि से जब पूछा गया कि कमला देवी को आखिरी बार उसके साथ देखा गया था तो उसने कहा कि वह उन्हें छोड़कर आ गया था. उसने यह भी कहा कि कमला देवी पहले भी तीर्थस्थलों या दूसरी जगहों पर घूमने चली जाती थीं. इसलिए हो सकता है कि वह कहीं गई हों. वह तरह-तरह के तर्क देकर पुलिस को बरगलाता करता रहा. लेकिन सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई. आखिरकार पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ तो उसमें हीरालाल सिंधी की भूमिका भी सामने आई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब एसपी सागर राणा के निर्देशन में पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है. सिटी सीओ सज्जन सिंह के नेतृत्व में भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी पूरे मामले की जांच में जुटे हैं. पुलिस ने रवि तापड़िया और हीरालाल सिंधी को एक दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया. उसके बाद आज आर्यन शर्मा को भी गिरफ्त में ले लिया गया है. वह अब आरोपियों की निशानदेही पर कोठारी नदी में कमला देवी के अवशेषों की तलाश कर रही है. इसके लिए गोताखोरों की टीम के साथ एफएसएल और जेसीबी की मदद ली जा रही है.