पहले रेस्टोरेंट अब शिमला में चिट्टा तस्करी के गिरोह के सरगना की अवैध 5 दुकानों पर सुक्खू सरकार ने चलाया बुलडोजर

पहले रेस्टोरेंट अब शिमला में चिट्टा तस्करी के गिरोह के सरगना की अवैध 5 दुकानों पर सुक्खू सरकार ने चलाया बुलडोजर


शिमला. हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने चिट्टा तस्करी के सरगना की पांच शेडनुमा दुकानों पर बुलडोजर चलवा दिया. शिमला जिले के रोहड़ू में चिड़गांव-रोहड़ू मार्ग पर लंबाखाटल के पास लोक निर्माण विभाग (PWD) की सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण किया गया था. ऐसे में नशा तस्कर की इन पांच दुकानों को ध्वस्त किया गया, जबकि एक स्टोर को अपने कब्जे में लिया गया.

जानकारी के अनुसार, शिमला के ऊपरी इलाकों में चिट्टा तस्करी का गिरोह चलाने वाले शाही महात्मा ने यह अवैध दुकाने बनाई थी, जिसका वास्तविक नाम शशि नेगी उर्फ शशि महात्मा है. आरोपी रोहड़ू की सीमा पंचायत के बिजौरी रंटाड़ी गांव का रहने वाला है और शिमला पुलिस ने उसे सितंबर 2024 में चिट्टा तस्करी के एक बड़े मामले में गिरफ्तार किया था.

जांच में रोहड़ू, चिड़गांव, जुब्बल, कोटखाई और ठियोग सहित शिमला जिले के कई क्षेत्रों में उसका नेटवर्क फैला था, जिसके तार दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक जुड़े थे. 19 सितंबर 2024 को कोटखाई में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने जम्मू-कश्मीर निवासी मुद्दसीर अहमद मोची को गिरफ्तार किया था और उसके कब्जे से करीब 468 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था. इस केस में जांच के दौरान शाही महात्मा के नेटवर्क का खुलासा हुआ था.

पुलिस के अनुसार, लंबाखाटल के समीप सरकारी भूमि पर दुकानों और एक स्टोर का निर्माण की जानकारी सामने आई थी. इसके बाद पुलिस और लोक निर्माण विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये की पांच दुकानों को गिरा दिया.

रोहड़ू में भी गिराया गया था अवैध रेस्टोरेंट

शिमला पुलिस के अनुसार, इससे पहले 8 अक्टूबर 2026 को रोहड़ू क्षेत्र में नशा तस्करी से जुड़े एक आरोपी के अवैध रेस्टोरेंट को भी बुलडोजर से ध्वस्त किया गया था. पुलिस का कहना है कि जिले में नशा तस्करी से जुड़े आरोपियों की अवैध संपत्तियों और निर्माणों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई पहली बार की जा रही है. पिछले आठ महीनों में दो नशा तस्करों द्वारा किए गए अवैध निर्माणों को हटाया गया है.

940 संपत्तियों का सत्यापन, 58 संभावित अवैध संपत्तियां चिन्हित

नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पहचान के लिए शिमला पुलिस ने फरवरी 2026 से ही सत्यापन अभियान शुरू किया है. पुलिस के मुताबिक, अब तक 940 संपत्तियों का सत्यापन किया जा चुका है, जिनके आधार पर 58 संभावित अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया गया है. इन संपत्तियों की जांच और सत्यापन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

मुख्य सप्लायरों और वित्तीय नेटवर्क पर भी नजर

पुलिस की रणनीति के तहत मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ-साथ बैकवर्ड लिंकेज की जांच कर मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने और उन्हें गिरफ्तार करने पर जोर दिया जा रहा है. इसके अलावा नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पहचान के लिए वित्तीय जांच भी की जा रही है, ताकि कानून के प्रावधानों के अनुसार ऐसी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जा सके.



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