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Bhopal News: लोक अभियोजक पीएन सिंह राजपूत ने बताया कि प्यारे मियां साल 2014 से बच्चियों को अपना शिकार बना रहा था. वह घर में 10000 रुपये महीने की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्हें बुलाता था. उसकी सहयोगी राबिया बी मासूम लड़कियों को उसके पास लेकर जाती थी.
प्यारे मियां 2014 से बच्चियों को निशाना बना रहा था.
रिपोर्ट- शिवकांत आचार्य, भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कुमुदिनी पटेल की अदालत ने 78 वर्षीय प्यारे मियां को 10 बार आजीवन कारावास की सजा अलग-अलग धाराओं में सुनाई है. सजाओं में 8 बार शेष प्राकृतिक जीवन तक कारावास और दो बार आजीवन कारावास शामिल है. अदालत ने आरोपी पर 77 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले में कोर्ट ने प्यारे मियां की सहयोगी राबिया बी को 20 साल की सजा सुनाई है.
इस केस में शासन की ओर से लोक अभियोजक पीएन सिंह राजपूत ने पैरवी की. मिली जानकारी के अनुसार, प्यारे मियां साल 2014 से बच्चियों को निशाना बना रहा था. वह घर में 10 हजार रुपये महीने की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्हें बुलाता था. राबिया बी बच्चियों को उसके पास लेकर जाती थी. अदालत में आरोप साबित हुए कि अलग-अलग समय और स्थानों पर बच्चियों के साथ यौन अपराध किए गए.
11 जुलाई 2020 को हुआ खुलासा
मासूम बच्चियों से दरिंदगी का खुलासा 11 जुलाई 2020 की रात हुआ था. काउंसलिंग में उन्होंने बताया कि शाहपुरा के विष्णु हाईटेक सिटी स्थित फ्लैट में एक बच्ची का जन्मदिन मनाने के बहाने उन्हें बुलाया गया था. आरोप के मुताबिक, वहां शराब पिलाकर उनके साथ दुष्कर्म किया गया.
देश में पहली बार उम्रकैद की ऐसी सजा
अधिवक्ता पीएन सिंह राजपूत के अनुसार, 10 और 11 जुलाई 2020 की घटना के बाद मामले की जांच की गई. अदालत ने अलग-अलग धाराओं में अपराध साबित होने पर आरोपी को 10 बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. उन्होंने कहा कि देश में पहली बार उम्रकैद की ऐसी सजा सुनाई गई है.
फ्लैट में मिले हिडन कैमरे और पिस्टल
बताते चलें कि जांच के दौरान पुलिस को प्यारे मियां के फ्लैट से हिडन कैमरे मिले थे. इन्हीं कैमरों की मदद से वह बच्चियों की अश्लील वीडियो बनाता था. इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करता था. छानबीन के दौरान ही पुलिस को उसके फ्लैट से पिस्टल मिली थी, जिससे वह मासूमों को डराता-धमकाता था.